उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल को बजट का ब्रीफकेस थमाते हुए | सुमित कुमार
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लखनऊ: योगी सरकार ने गुरुवार को अपना तीसरा बजट पेश किया है, जिसमें गाय, मंदिर और मदरसा पर विशेष फोकस दिखा. गौवंश कल्याण के लिए योगी सरकार विभिन्न मदों में 632.60 करोड़ खर्च करेगी. यूपी के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने विधानसभा में 4.79 लाख करोड़ का बजट पेश किया. पिछले बजट के मुकाबले यह बजट 12 फीसदी अधिक है. इसके तहत करीब 21,212 करोड़ की नई योजनाओं की घोषणा की गई है. लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बजट में धार्मिक एजेंडे का भी पूरा ध्यान रखा गया है.

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल को बजट का ब्रीफकेस थमाते हुए | सुमित कुमार

गाय पर खर्च करेगी 632 करोड़

– सरकार के मुताबिक, प्रदेश में मदिरा की बिक्री पर विशेष फीस अधिरोपित की गई है, जिससे प्राप्त होने वाले अनुमानित राजस्व 165 करोड़ रुपये का उपयोग प्रदेश के निराश्रित एवं बेसहारा गौवंश के भरण-पोषण पर किया जाएगा.

-ग्रामीण क्षेत्र में गौवंश के रख रखाव एवं गौशाला निर्माण के लिए 247.60 करोड़ रुपये आवंटित.

-शहरी क्षेत्र में कान्हा गौशाला के साथ बेसहारा पशु आश्रय योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान.

देश के विभिन्न शहरों में गौवंश के लिए काजी हाउस की स्थापना और पुनर्निर्माण कार्य के लिए 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.

-कुल मिलाकर 632.60 करोड़ रुपया खर्च किया जाएगा.

-इसके अलावा पंडित दीनदयाल उपाध्याय लघु डेयरी योजना के संचालन के लिए 64 करोड़ रुपये की व्यवस्था, जिसके अंतर्गत 10 हजार इकाइयों की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है.

-मथुरा में नई डेयरी की स्थापना के लिए 56 करोड़ रुपये के बजट व्यवस्था व प्रदेश दुग्ध नीति, 2018 के अन्तर्गत विभिन्न कार्यक्रम के लिए पांच 5 करोड़ की व्यवस्था की गई है.

-दुग्ध संघों और समितियों का सुदृढ़ीकरण, पुनर्गठन व विस्तारीकरण, कृषक प्रशिक्षण, तकनीकी निवेश, पशु प्रजनन व स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना के लिए 93 करोड़ रुपया की व्यवस्था की गई है.

धार्मिक एजेंडे का भी रखा ध्यान

योगी सरकार ने यूपी में सार्वजनिक रामलीला स्थलों में चारदीवारी निर्माण के लिए 5,00,00,000 की व्यवस्था प्रस्तावित की है.

– वृंदावन शोध संस्थान के सुदृढ़ीकरण हेतु 1 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित, ब्रिज तीर्थ में अवस्थापना सुविधाओं के लिए 125 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित.

– अयोध्या में प्रमुख पर्यटन स्थलों के समेकित विकास के लिए 101 करोड़ रुपये की व्यवस्था. गढ़मुक्तेश्वर के पर्यटक स्थलों के समेकित विकास के लिए 27 करोड़ की व्यवस्था.

– पर्यटन नीति 2018 के क्रियान्वयन के लिए 70 करोड़ रुपये और प्रो पुअर टूरिस्ट के लिए 50 करोड़ की व्यवस्था

– बजट में वाराणसी में लहर तारा तालाब कबीर स्थल और गुरु रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर का सुदृढ़ीकरण किया जाना प्रस्तावित.

– प्रयागराज में ऋषि भारद्वाज आश्रम का विकास किया जाना प्रस्तावित.

-अयोध्या के पर्यटन स्थलों के लिए 101 करोड़ प्रस्तावित, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए 207 करोड़ रुपये निर्धारित.

-वृन्दावन शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये प्रस्तावित, काशी हिन्दू विश्विद्यालय में वैदिक विज्ञान केंद्र के लिए 16 करोड़ प्रस्तावित.

-मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए 459 करोड़ खर्च किए जाएंगे.

किसानों को भी साधने की कोशिश

-बजट में नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस प्रोग्राम के लिए 450 करोड़ रुपये का प्रावधन. उवर्रकों के पूर्व भण्डारण योजना के लिए 150 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित.

-1840 रुपये प्रति कुन्तल की दर से 6000 क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं क्रय किया जाना प्रस्तावित. 60.51 लाख कुंतल बीज वितरण का लक्ष्य.

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बजट सत्र में उत्तर प्रदेश विधानसभा में बोलते हुए वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल | सुमित कुमार

विपक्ष ने साधा निशाना

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि ये बजट धोखा देने वाला है. न स्वास्थ्य के लिए न शिक्षा के लिए न सुरक्षा के लिए कुछ है. इस बजट में अल्पसंख्यको के लिए कुछ नही है. कोई नया सैनिक स्कूल नहीं दिया, जो पैसा एक्सप्रेस-वे के लिए दिए हैं, इससे जो रास्ता साफ होगा, न घास हट पायेगी, और न ही खेतों की मेड़ हट पायेंगी.

वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा है कि बजट में किसानों व नौजवानों के साथ धोखा हुआ है. गाय पर अगर करोड़ों खर्च हो रहा है तो वह जा कहां जा रहा है, क्योंकि किसान पशुओं से परेशान हैं. कोई स्कूल में बंद कर दे रहा है तो कोई प्रधान के घर पर, ऐसे में सरकार उनके लिए क्या प्रावधान कर रही है. ये तो बताए.


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