Tuesday, 28 June, 2022
होमदेश'एजेंडा चलाता है ट्विटर'- अमेरिकी कानून के तहत ट्विटर ने घंटे भर तक लॉक किया रविशंकर प्रसाद का एकाउंट

‘एजेंडा चलाता है ट्विटर’- अमेरिकी कानून के तहत ट्विटर ने घंटे भर तक लॉक किया रविशंकर प्रसाद का एकाउंट

ट्विटर ने जिस डीएमसीए नियम के तहत रविशंकर प्रसाद का एकाउंट कुछ देर के लिए लॉक किया, ये एक अमेरिकी कानून है जिसे अक्टूबर 1998 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने लागू किया था.

Text Size:

नई दिल्ली: केंद्रीय कानून और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी कि ट्विटर ने उनके एकाउंट को करीब एक घंटे तक लॉक कर दिया था. ट्विटर के भारतीय प्रतिद्वंदी कू पर उन्होंने सबसे पहले इसकी जानकारी दी और बाद में ट्वीट कर भी विस्तार से अपनी बात रखी.

बीते कई हफ्तों से ट्विटर और केंद्र सरकार में नए आईटी नियमों के कारण विवाद चल रहा है.

रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट कर बताया, ‘दोस्तों, आज बहुत अजीब बात हुई. ट्विटर ने करीब घंटे भर के लिए कथित तौर पर अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट (डीएमसीए) के उल्लंघन के आरोप में मेरा एकाउंट लॉक कर दिया. लेकिन बाद में उन्होंने एकाउंट को अनलॉक भी कर दिया.’

प्रसाद ने बताया, ‘ट्विटर की ये कार्रवाई इस ओर इशारा करती है कि वे फ्री स्पीच के अग्रदूत नहीं हैं, जिसका वो दावा करते हैं. ट्विटर सिर्फ अपना एजेंडा चलाने में रूचि रखता है और साथ ही इस धमकी के साथ कि अगर उसकी खींची लाइन पर नहीं चला गया तो वो आपको अपने प्लेटफॉर्म से हटा देगा.

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

‘आईटी नियमों पर कोई समझौता नहीं होगा’

रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘चाहे कोई भी प्लेटफॉर्म हो, उन्हें नए आईटी नियमों का पूरी तरह से पालन करना होगा और उस पर कोई समझौता नहीं होगा.’

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कू पर केंद्रीय आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विस्तार से अपना पक्ष रखा है. हालांकि सूचना और प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने कहा कि रविशंकर प्रसाद के एकाउंट को लॉक करने और उसके कारणों के बारे में ट्विटर से स्पष्टीकरण मांगेंगे.

हालांकि ट्विटर की तरफ से अभी तक इस मामले पर बयान नहीं आया है.

प्रसाद ने कहा, ‘ट्विटर की कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम 2021 के नियम 4(8) का घोर उल्लंघन है.

प्रसाद ने कहा कि कंपनी मेरे अपने खाते पर पहुंच से मना करने से पहले नोटिस देने में विफल रही. उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा, पिछले कई वर्षों में, किसी भी टेलीविजन चैनल या किसी एंकर ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए मेरे साक्षात्कार के इन समाचार क्लिप के संबंध में कॉपीराइट उल्लंघन के बारे में कोई शिकायत नहीं की है.’

उन्होंने बताया, ‘इसके अलावा, अब यह स्पष्ट है कि ट्विटर मध्यस्थ दिशानिर्देशों का पालन करने से इनकार क्यों कर रहा है क्योंकि अगर ट्विटर इसका अनुपालन करता है, तो वह किसी व्यक्ति के खाते तक पहुंच से मनमाने ढंग से इनकार करने में असमर्थ होगा जो उनके एजेंडे के अनुरूप नहीं है.’

प्रसाद ने कहा, ‘यह स्पष्ट है कि ट्विटर की मनमानी कार्रवाइयों पर मेरे कठोर बयान आए हैं, विशेष रूप से टीवी चैनलों पर मेरे साक्षात्कारों की क्लिप साझा करने और इसके शक्तिशाली प्रभाव ने स्पष्ट रूप से उन्हें परेशान कर दिया है.’


यह भी पढ़ें: दिल्ली में ऑक्सीजन रिपोर्ट पर विवाद, सिसोदिया ने कहा- ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं, बरगला रही है भाजपा


क्या है डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट

केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट पर एक फोटो जारी की है जिसमें ट्विटर की तरफ से उनके एकाउंट को लॉक करने का कारण बताया गया है. इसमें कहा गया है कि डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट (डीएमसीए) के तहत एकाउंट को लॉक किया गया है.

इसमें कहा गया, ‘डीएमसीए के अंतर्गत कॉपीराइट के मालिक ट्विटर को नोटिफाई कर दावा करते हैं कि यूजर ने उनके द्वारा किए गए कॉपीराइट कामों का इस्तेमाल किया है.’

गौरतलब है कि ट्विटर ने जिस डीएमसीए नियम के तहत आईटी मंत्री का एकाउंट कुछ देर के लिए लॉक किया, ये एक अमेरिकी कानून है जिसे अक्टूबर 1998 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने लागू किया था.

डीएमसीए कानून पांच टाइटल्स में बंटा है. इसका मुख्य मकसद मूल सामग्री की चोरी को बचाना और चोरी होने के मामले में कार्रवाई करना है. इसके तहत सभी डिजिटल सामग्री (कंटेंट) जैसे की ऑडियो, वीडियो, टेक्स्ट आते हैं.

डीएमसीए के तहत ज्यादातर ब्लॉगर और कंटेंट क्रिएटर अपनी शिकायत दर्ज कराते हैं, अगर कोई उनकी क्रिएट की गई सामग्री को चुराता है. इस कानून के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां पढ़ सकते हैं.


यह भी पढ़ें: केरल में तैयार GM रबर का पहले विरोध करते रहे, दुनिया के पहले फील्ड ट्रायल के लिए असम पहुंची


ट्विटर और केंद्र सरकार के बीच जारी विवाद

भारत सरकार ने भारत में सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए आईटी नियम बनाए हैं. भारत सरकार का कहना है कि तमाम प्लेटफॉर्म्स को इन नियमों को मानना होगा लेकिन कई प्लेटफॉर्म्स इसके खिलाफ अदालत पहुंचे हैं, इसलिए ये विवाद चल रहा है.

बीते महीने ट्विटर और मोदी सरकार में विवाद तब और बढ़ गया जब ट्विटर ने भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा और पार्टी के कई नेताओं के ट्वीट पर ‘मैनिपुलेटिड मीडिया’ का टैग लगाया. सरकार ने इसे साजिश बताया. हालांकि मोदी सरकार के कई मंत्री इस बीच कू एप का इस्तेमाल करते हैं लेकिन साथ ही ट्विटर भी चलाते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद ट्विटर पर काफी लोकप्रिय हैं और उनके 69.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं. आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद भी कू  के साथ-साथ ट्विटर पर भी सक्रिय रहते हैं.

नए आईटी नियमों के तहत कुछ दिनों पहले ही ट्विटर पर पहली एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी. सूचना और प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति के सामने भी ट्विटर के अधिकारी पेश हो चुके हैं. फिलहाल ट्विटर और केंद्र सरकार में चल रही तनातनी खत्म होती नहीं दिख रही है.


यह भी पढ़ें: जुलाई में पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत का समुद्री ट्रायल, 2022 के बीच होगी कमीशनिंग


 

share & View comments