Thursday, 26 May, 2022
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ट्विटर इंडिया पॉलिसी हेड ने दिया इस्तीफ़ा, फर्म ने कहा, ‘सरकार की चेतावनी से नहीं कोई संबंध’

ट्विटर इंडिया, जिसे सरकार के अनुरोध पर ब्लॉक किए गए, कुछ अकाउंट्स को अनब्लॉक करने पर, पिछले हफ्ते नोटिस जारी किया गया था, का कहना है कि उनकी पॉलिसी हेड महिमा कॉल ने, इस साल के शुरू में ही छोड़ने का फैसला कर लिया था.

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नई दिल्ली: ट्विटर इंडिया की पब्लिक पॉलिसी हेड ने, निजी कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा दे दिया है. एक साल के भीतर, ये इस तरह का दूसरा इस्तीफा है- फेसबुक की अंखी दास ने अक्तूबर 2020 में, सोशल मीडिया दिग्गज की इंडिया पॉलिसी हेड के पद से इस्तीफा दिया था.

ट्विटर में एक सूत्र ने कहा, कि कॉल के इस्तीफे का ‘सरकार की कथित चेतावनी से कोई ताल्लुक़ नहीं है’, जो पिछले हफ्ते तब आई थी, जब माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने उन अकाउंट्स को अनब्लॉक कर दिया, जिन्हें सरकार ने किसान विरोध से जुड़े पोस्टों की वजह से, ब्लॉक करने का अनुरोध किया था.

ट्विटर में वाइस-प्रेसिडेंट पब्लिक पॉलिसी, मोनीक मेशे ने एक बयान में कहा, ‘इस साल के शुरू में, महिमा कॉल ने भारत और दक्षिण एशिया के लिए, ट्विटर पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर की अपनी भूमिका छोड़ने का फैसला कर लिया था, चूंकि वो एक ब्रेक लेना चाहती थीं’.

‘ट्विटर में हम सब के लिए ये एक नुक़सान है, लेकिन पांच साल से अधिक इस भूमिका में रहने के बाद, हम उनकी इस इच्छा का आदर करते हैं, कि वो अपने निजी जीवन में सबसे अहम लोगों, और रिश्तों पर फोकस करना चाहती हैं. महिमा मार्च के आख़िर तक अपनी भूमिका निभाएंगी, और इस बदलाव में सहायता करेंगी’.

सूत्र ने कहा कि कॉल ने, सरकार की चेतावनी जारी किए जाने से पहले ही, इस्तीफा देने का फैसला कर लिया था.

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पद के लिए जॉब लिस्टिंग्स से पता चलता है, कि ट्विटर पिछले महीने से ही आवेदन मांग रही है. भारत के लिए पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर की जॉब लिस्टिंग, 10 दिन पहले की है.

अंखी दास ने पिछले साल इस्तीफा दे दिया था, जब फेसबुक की इस बात के लिए आलोचना हो रही थी, कि भारत में अपने व्यवसायिक हितों की रक्षा के लिए, उसने अपने मंच से बीजेपी नेताओं की, कथित हेट स्पीच के प्रति आंखें मूंद ली थीं.


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ट्विटर ने किसान आंदोलन पर पोस्ट करने वाले अकाउंट्स को रोका

एक फरवरी को ट्विटर ने सरकार के अनुरोध पर, प्रसार भारती सीईओ समेत, कई भारतीय यूज़र्स के अकाउंट्स पर रोक लगा दी. ट्विटर पर पोस्ट करते समय इन अकाउंट्स में, हैशटैग ‘मोदीप्लानिंग फार्मर जिनोसाइड’ का इस्तेमाल किया जा रहा था.

कंपनी के इस क़दम की ज़बर्दस्त प्रतिक्रिया हुई, जिसमें बहुत से लोगों ने कहा कि ट्विटर ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी, कि इन अकाउंट्स को क्यों रोका गया, या सरकार की ओर से ये अनुरोध किसने किया था.

कई घंटों के बाद, ट्विटर ने ख़ुद से ही ब्लॉक को हटाने का फैसला कर लिया.

संजुक्ता बासु, जिनका अकाउंट रोके जाने वालों में से एक था, ने कहा कि ये ब्लॉक दोपहर क़रीब 2 बजे से शाम 7 बजे तक रहा.

रॉयटर्स की एक ख़बर के मुताबिक़, ट्विटर ने ये ब्लॉक इसलिए हटाया, क्योंकि उसके पास अकाउंट्स के ‘निलंबन को जारी रखने का, कोई पर्याप्त औचित्य नहीं’ था.

इसके नतीजे में सरकार ने 3 फरवरी को ट्विटर को एक नोटिस जारी कर दिया, जिसमें कहा गया कि अनुरोध का पालन न करने पर, उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

(इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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