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Wednesday, 11 March, 2026
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गाजियाबाद में घर में घुसे तीन लोग, लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाने को लेकर परिवार की पिटाई

घटना के बाद सोशल मीडिया पर नाराज़गी, कई लोगों ने योगी आदित्यनाथ सरकार और स्थानीय प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की.

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नई दिल्ली: गाजियाबाद में लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाने को लेकर विवाद हिंसक हो गया. 10 मार्च को तीन लोग एक घर में घुस गए और वहां रहने वाले लोगों की पिटाई कर दी. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और घर में घुसने और मारपीट करने का मामला दर्ज किया गया है.

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में नंदग्राम की रहने वाली पूजा ने कहा, “उन्होंने मेरी बेटी को हथौड़े से मारा. वह होली मनाने और अपने बीमार पिता की देखभाल करने आई थी.”

पीड़ित परिवार के अनुसार, पड़ोस में रहने वाले एक मुस्लिम परिवार ने लाउडस्पीकर पर आपत्ति जताई थी. इसके बाद विवाद बढ़ गया और हिंसक झड़प में बदल गया. परिवार का कहना है कि भजन सुनने को लेकर उन्हें पीटा गया और धमकी दी गई.

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर काफी गुस्सा देखने को मिला और कई लोगों ने योगी आदित्यनाथ सरकार और स्थानीय प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की.

परिवार का आरोप है कि तीनों लोगों ने सबसे पहले पूजा के पति पर हमला किया, जो घर से बाहर एक स्थानीय जूस विक्रेता के पास जूस पीने गए थे.

नंदग्राम थाने के एसएचओ उमेश कुमार ने दिप्रिंट से कहा, “जांच चल रही है. पूरा मामला लाउडस्पीकर पर संगीत बजाने को लेकर है. परिवार के साथ मारपीट और जबरन घर में घुसने का मामला दर्ज किया गया है. तीनों आरोपी हिरासत में हैं और जांच अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं.”

हालांकि, पुलिस का कहना है कि आरोपी जेल में हैं, लेकिन पीड़ितों का दावा है कि उन्हें छोड़ दिया गया है. परिवार पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है और उन्हें डर है कि अगर आरोपी वापस आए तो उनकी जान को खतरा हो सकता है.

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में हमले में घायल परिवार के सदस्य ऋत्विक ने कहा, “हम अब अपना घर बेच रहे हैं क्योंकि उन्होंने मुझे जान से मारने की धमकी दी है. जब पुलिस ने आरोपियों को छोड़ा, तो उन्होंने कहा कि वे हमें मार देंगे. पुलिस ने हमारी ज्यादा मदद नहीं की.”

नंदग्राम इलाके के लोगों का कहना है कि ये तीनों पहले भी कई बार हिंसा में शामिल रहे हैं.

घटना वाली ही गली में रहने वाले एक पड़ोसी ने बताया, “कुछ महीने पहले भी इन लोगों ने मुझे पीटा था. जब मैं थाने गया तो पुलिस ने कुछ नहीं किया.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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