Tuesday, 18 January, 2022
होमदेशये तीन चीनी एप्स टिकटॉक की जगह लेने की कोशिश कर रहे भारतीय प्लेटफॉर्म से बेहतर काम कर रहे हैं

ये तीन चीनी एप्स टिकटॉक की जगह लेने की कोशिश कर रहे भारतीय प्लेटफॉर्म से बेहतर काम कर रहे हैं

सरकार द्वारा 200 से ज्यादा चीनी एप्स पर पाबंदी लगाए जाने के बाद से पिछले कुछ महीनों में कुइशो टेक्नोलॉजी के स्नैक वीडियो, जियोमी के जिली और बाइटडांस के रेसो को डाउनलोड किए जाने में तेजी नज़र आई है.

Text Size:

नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी सरकार ने 200 से अधिक चीनी एप्स पर भले ही पाबंदी लगा दी हो लेकिन इन प्रतिबंधों से बच गए चीन के स्वामित्व वाले कुछ प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता तो टिकटॉक के भारतीय विकल्पों से ज्यादा तेजी से बढ़ रही है.

भारत और चीन के बीच लद्दाख में झड़पों के बाद देश में चीनी उत्पादों के बहिष्कार की मांग तेज होने के बीच सरकार ने पहली बार 29 जून को 59 चीनी एप पर प्रतिबंध लगा दिया था. जुलाई में सरकार ने इन 59 प्रतिबंधित एप के 47 वैकल्पिक संस्करणों पर भी पाबंदी लगा दी.

चीन के साथ तनाव फिर बढ़ने पर मोदी सरकार ने सितंबर में 118 चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया था.

कुछ चीनी एप जो इन प्रतिबंधों से बच गए थे, उनमें कुइशो टेक्नोलॉजी का स्नैक वीडियो, जियोमी का जिली और बाइटडांस का रेसो शामिल है.

इनमें शॉर्ट वीडियो एप स्नैक वीडियो सबसे ज्यादा लोकप्रिय रहा है. दिल्ली स्थित बिजनेस इंटेलिजेंस प्रोवाइडर KalaGato.co के अनुसार, स्नैक वीडियो सितंबर में लिए गए नमूने के आधार पर भारत के 5.5 मिलियन स्मार्टफोन में से 22.03 प्रतिशत में डाउनलोड था. इसकी तुलना में इसके निकटतम भारतीय प्रतिस्पर्द्धी मोज उस महीने केवल 7.44 प्रतिशत स्मार्टफोन पर डाउनलोड किया गया था.

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

भारत में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाली 45 करोड़ की आबादी के बीच 99,135,000 यूजर द्वारा स्नैक वीडियो का इस्तेमाल किए जाने का अनुमान है.

पहली बार प्रतिबंध लगने के एक महीने बाद मई में पहले स्नैक वीडियो केवल 0.77 प्रतिशत यूजर स्मार्टफोन में था, जो महज 3,465,000 यूजर होते हैं.

यहां तक कि 1 नवंबर को स्नैक वीडियो गूगल प्ले स्टोर पर फ्री एप्लीकेशन में पहले नंबर की रैंक वाला एप बना हुआ था.

अक्टूबर में एक थिंक टैंक सेंटर फॉर डिजिटल इकोनॉमी पॉलिसी रिसर्च ने गृह मंत्रालय और आईटी मंत्रालय को लिखकर स्नैक वीडियो पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की थी.


यह भी पढ़ें: क्या सामूहिक बलात्कार जैसे जघन्य अपराध के लिये कानून में मौत की सजा का प्रावधान करने का समय आ गया है


जिली और रेजो की लोकप्रियता बढ़ी

दो अन्य चीनी ऐप जिली और रेसो की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ी है. सितंबर में एक और शॉर्ट वीडियो एप जिली सर्वेक्षण में शामिल 5.35 प्रतिशत स्मार्टफोन पर मौजूद था यानी इसके 24,075, 000 यूजर होंगे. 1 नवंबर को जिली को गूगल प्ले स्टोर पर एप्स के बीच नंबर दो पर रखा गया था.

इसकी तुलना में टिकटॉक पर प्रतिबंध के मद्देनज़र लांच किए गए या उपयोग में लाए गए भारतीय शॉर्ट वीडियो एप के डाउनलोड कम थे.

भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शेयरचैट द्वारा विकसित एप मोज सर्वेक्षण के दौरान 7.44 प्रतिशत स्मार्टफोन पर मौजूद पाया गया जिसके सितंबर में 33,480,000 यूजर होंगे. यह एप 29 जून को गूगल प्ले स्टोर पर रिलीज किया गया, उसी दिन सरकार ने टिकटॉक को प्रतिबंधित कर दिया था.

सितंबर में भारत के टाइम्स इंटरनेट और चीन के टेनसेंट द्वारा समर्थित एमएक्स टकाटक एप को सर्वे में 6.24 प्रतिशत स्मार्टफोन में पाया गया यानी इसके 28,080,000 यूजर होंगे. एप को जुलाई में लॉन्च किया गया था.

सॉफ्टबैंक समर्थित इनमोबी के स्वामित्व वाला रोपोसो एप सर्वेक्षण में शामिल 5.84 प्रतिशत स्मार्टफोन पर था, जिसके सितंबर में 26,280,000 यूजर रहे होंगे. यह 2014 के बाद से ही एक्टिव है लेकिन जून 2019 में आकर ही शॉर्ट वीडियो एप का केंद्रबिंदु बनना शुरू हुआ. टिकटॉक पर प्रतिबंध से कुछ दिन पहले ही रोपोसो ने खुद को एक ऐसे एप के तौर पर स्थापित करने की कोशिश की जो कंटेंट मॉडरेशन को गंभीरता से लेता है.

डेलीहंट का जोश सर्वेक्षण में शामिल 4.25 फीसदी स्मार्टफोन पर देखा गया जिसके सितंबर में 19,125,000 यूजर होने का अनुमान है. एप को औपचारिक तौर पर सितंबर में लॉन्च किया गया था लेकिन इसे 4 जुलाई को गूगल प्ले स्टोर पर जारी किया गया था.

चीनी म्यूजिक स्ट्रीमिंग एप रेसो का आंकड़ा स्नैक वीडियो या जिली की तरह बहुत ज्यादा तो नहीं है लेकिन मार्च के बाद से इसमें लगातार वृद्धि देखी जा रही है. सितंबर में सर्वेक्षण में रेसो 1.06 प्रतिशत स्मार्टफोन में था यानी इसके 4,770,000 यूजर होंगे.

मार्च में रेसो सर्वेक्षण में मात्र 0.14 प्रतिशत स्मार्टफोन पर था. यह 1 नवंबर को गूगल पर ‘ट्रेंडिंग’ एप की श्रेणी में नंबर 1 पर था.

इसमें सूचीबद्ध अन्य चीनी और भारतीय एप्स की तुलना में रेसो का ओपन रेट भी अधिक था. कालागेटो के अनुसार सितंबर में रेसो का ओपन रेट 9.23 था. ओपन रेट किसी यूजर द्वारा 24 घंटे की अवधि में किसी एप को खोलने की संख्या को दर्शाता है.

इसकी तुलना में स्नैक वीडियो का ओपन रेट 7.5 था और ऊपर उल्लेखित भारतीय एप्स में सबसे ज्यादा ओपन रेट सितंबर में एमएक्स टकाटक (4.14) का था.

Graph: Ramandeep Kaur | ThePrint
ग्राफ: रमनदीप कौर | दिप्रिंट


यह भी पढ़ें: कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद WHO के प्रमुख ने किया सेल्फ-क्वारेंटाइन


चीनी स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म

एक रिपोर्ट के मुताबिक स्नैक वीडियो को अप्रैल में कुइशो टेक्नोलॉजी द्वारा पंजीकृत कराया गया था. लेकिन यह फरवरी से गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद था. बीजिंग स्थित कुइशो टेक्नोलॉजी के ही एक अन्य एप कवाई को भारत में 29 जून को प्रतिबंधित कर दिया गया था.

जिओमी द्वारा विकसित जिली नवंबर 2018 से गूगल प्ले स्टोर पर है और बाइटडांस के स्वामित्व वाला रेसो भारत में मार्च में लॉन्च किया गया था लेकिन यह मई 2019 से गूगल प्ले स्टोर पर है.

बाइटडांस के अन्य एप टिकटाक, हेलो और वीगो वीडियो 29 जून को भारत में प्रतिबंधित कर दिए गए थे.

दिप्रिंट ने 28 अक्टूबर को इन सोशल मीडिया प्लेटफार्म को ईमेल करके इन पर चीन स्थित कंपनियों के स्वामित्व की पुष्टि करने को कहा था. इस पर कोई प्रतिक्रिया आने पर इस खबर को अपडेट किया जाएगा.

(इस खबर को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: खाद्य वस्तुओं में ट्रांस फैट्स की मात्रा सीमित करने के लिए इस महीने तक नियम लाएगी मोदी सरकार


 

share & View comments