अभिनेता रणदीप हुड्डा। ट्विटर
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नई दिल्ली: अभिनेता रणदीप हुड्डा अपनी एक पुरानी वीडियो के वायरल होने के बाद मुश्किल में आ गए हैं. इस वीडियो में वो वो बसपा प्रमुख मायावती का मजाक उड़ाते हुए नज़र आ रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद मिली प्रतिक्रिया के बाद से जंगली जानवरों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण (सीएमएस) में लगी संयुक्त राष्ट्र की एक पर्यावरण इकाई के राजदूत के पद से हुड्डा को हटा दिया गया है.

जैसे ही हुड्डा द्वारा उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर मजाक करने की क्लिप वायरल हुई. कई लोगों ने अभिनेता की उनकी ‘महिला विरोधी और जातिवादी’ टिप्पणी के लिए आलोचना की. माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर #ArrestRandeepHooda भी ट्रेंड कर रहा है.

हुड्डा पर निशाना साधते हुए करते हुए एक ट्विटर यूजर ने लिखा, ‘अगर यह नहीं बताता कि यह समाज कितना जातिवादी और सेक्सिस्ट है खासकर दलित महिलाओं के प्रति, मुझे नहीं पता कि क्या होगा, ‘मजाक’, दुस्साहस, भीड़. रणदीप हुड्डा बॉलीवुड के शीर्ष अभिनेता एक दलित महिला के बारे में बात कर रहे हैं, जो उत्पीड़ितों की आवाज रही है.

 

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वकील महमूद प्राचा ने कहा कि यह जातिवादी होने के अलावा न केवल अभिनेता बल्कि उनके सभी दर्शकों की महिलाओं की शक्ल-सूरत के बारे में शर्मनाक मानसिकता को भी दर्शाता है.

सीपीआईएमएल सदस्य कविता कृष्णन ने भी हुड्डा की आलोचना करते हुए कहा कि यह मजाक नहीं है.

UN ने एंबेसडर के पद से हटाया गया

जंगली जानवरों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण के लिए कन्वेंशन के सचिवालय (सीएमएस) ने भी एक बयान जारी कर घोषणा की कि हुड्डा को इसके राजदूत के रूप में हटा दिया गया है.

बयान में कहा गया है, ‘सीएमएस सचिवालय ने वीडियो में की गई टिप्पणियों को आपत्तिजनक पाया और वे सीएमएस सचिवालय या संयुक्त राष्ट्र के मूल्यों को नहीं दर्शाते हैं.’ हुड्डा ने इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है.

इससे पहले 2017 में, अभिनेता को क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग का दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा गुरमेहर कौर का उपहास करने पर समर्थन देने के लिए भी टोका गया था.

हाल ही में, कई कॉमेडियन और सोशल मीडिया इन्फ़्लुएन्सर्स के ऐसे पुराने विडियो सामने आये जिनमें वो जातिवादी चुटकुले सुना रहे हैं. कॉमेडियन अबीश मैथ्यू का मायावती का मजाक उड़ाने वाला वीडियो भी हाल ही में वायरल हुआ था, जिसके बाद उन्होंने माफी मांगते हुए कहा था कि तब वह ‘अज्ञानी, अपरिपक्व’ थे.

(इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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