Saturday, 28 May, 2022
होमदेशपीएम मोदी, राष्ट्रपति, सोनिया गांधी समेत कई नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को दी श्रद्धांजलि

पीएम मोदी, राष्ट्रपति, सोनिया गांधी समेत कई नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को दी श्रद्धांजलि

महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी.

Text Size:

नई दिल्ली: शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित कई नेता राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी 152वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर पीएम मोदी उन्होंने कहा कि उनका जीवन और आदर्श देश की हर पीढ़ी को कर्तव्य पथ पर चलने के लिए प्रेरित करता रहेगा. इसके बाद उन्होने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी 118वीं जयंती पर नमन किया .

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सोनिया गांधी समेत कई नेताओं ने  पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया ने भी राजघाट पहुंच कर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की.

मोदी ने ट्वीट किया, ‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी जन्म-जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि. पूज्य बापू का जीवन और आदर्श देश की हर पीढ़ी को कर्तव्य पथ पर चलने के लिए प्रेरित करता रहेगा.’

उन्होंने कहा, ‘गांधी जयंती पर मैं बापू को नमन करता हूं. उनके आदर्श सिद्धांत दुनियाभर में प्रासंगिक हैं और लाखों लोगों को मजबूती देते हैं.’

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

बाद में प्रधानमंत्री राजधानी के राजघाट स्थित बापू के समाधि स्थल भी गए और उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. इस मौक़े पर वहां सर्व धर्म प्रार्थना सभा का भी आयोजन किया गया.

महात्मा गांधी का जन्म गुजरात के पोरबंदर में दो अक्टूबर 1869 को हुआ था. उनके जन्मदिन को गांधी जयंती के साथ ही अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है. अंग्रेजी हुकूमत से भारत को आजाद कराने की लड़ाई का उन्होंने नेतृत्व किया था. अहिंसक विरोध का उनका सिखाया हुआ सबक आज भी पूरी दुनिया में सम्मान के साथ याद किया जाता है.

वहीं, पीएम मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन. मूल्यों और सिद्धांतों पर आधारित उनका जीवन देशवासियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहेगा.’

इसके बाद प्रधानमंत्री ने शास्त्री के समाधि स्थल विजय घाट पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित की.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने भी राजघाट पहुंच कर महात्मा गांधी को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी है.

 

उधर, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की और स्वाधीनता आंदोलन में उनके योगदान को याद किया.

नायडू ने महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट और शास्त्री के समाधि स्थल विजय घाट जाकर दोनों नेताओं की समाधि पर पुष्प अर्पित किए.

उन्होंने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि महात्मा गांधी ने अंग्रेजी हुकूमत से भारत को आजादी दिलाने के लिए सत्य और अहिंसा के मूल्यों पर आधारित संघर्ष का नेतृत्व किया. अहिंसा के उनके सिद्धांत शांति, सद्भाव और वैश्विक भाईचारे के लिए भारत व विश्व के अन्य देशों का मार्गदर्शन करते रहेंगे.

उन्होंने लिखा, ‘मानवता की महानता सिर्फ़ मानव होने में नहीं बल्कि मानवीय होने में है.’ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर मानवता को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाने वाले विश्वगुरु की पावन स्मृति को कृतज्ञ प्रणाम करता हूं.’

उपराष्ट्रपति ने इस मौक़े पर देशवासियों से ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, ‘महात्मा गांधी ने कहा था कि ‘स्वच्छता स्वतंत्रता से भी अधिक महत्वपूर्ण है’. आज ‘स्वच्छ भारत दिवस’ के अवसर पर मेरा सभी से आग्रह है कि स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अंग बनायें… इसे एक जन-आंदोलन बनायें.’’

शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए एक अन्य ट्वीट में नायडू ने कहा, ‘देश के सामर्थ्य को ‘जय जवान, जय किसान’ का अमर मंत्र देने वाले देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनकी सादगी, राष्ट्रनिष्ठा और संकल्प शक्ति को विनम्र नमन करता हूं.’

लाल बहादुर शास्त्री का जन्म दो अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था. उनके पिता एक स्कूल शिक्षक थे. देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद वह 9 जून, 1964 से 11 जनवरी, 1966 तक देश के प्रधानमंत्री रहे. शास्त्री ने ही ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा दिया था. उन्हें मरणोपरांत वर्ष 1966 में ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया.


यह भी पढ़ें: ‘महात्मा’ को यूरोपियन शिष्टाचार का पाठ पढ़ाने वाले वो दोस्त जो सुर्खियां नहीं बटोर पाए


 

share & View comments