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Friday, 13 March, 2026
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कमज़ोर प्रतिक्रिया के बाद PM इंटर्नशिप स्कीम में बदलाव: सरकार ने स्टाइपेंड को 9,000 तक बढ़ाया

एक्सक्लूसिव | PMIS का अगला दौर, जिसे पहली बार अक्टूबर 2024 में 12 महीने की इंटर्नशिप के साथ शुरू किया गया था, अब 18-25 वर्ष के उम्मीदवारों को एंट्री देगा और इंटर्नशिप की अवधि घटाकर 6-9 महीने कर दी जाएगी.

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नई दिल्ली: अक्टूबर 2024 में शुरू होने के बाद से उम्मीदवारों की ओर से कमजोर प्रतिक्रिया मिलने के बाद, सरकार की प्रमुख प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) को अब अगले दौर में ज्यादा स्टाइपेंड, आसान पात्रता नियम और कम इंटर्नशिप अवधि के साथ फिर से शुरू किया जाएगा. दिप्रिंट को इस बारे में जानकारी मिली है.

संशोधित ढांचे के तहत, मासिक स्टाइपेंड को पहले के 5,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दिया गया है.

सरकारी सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि इसमें से 8,100 रुपये सरकार देगी, जबकि 900 रुपये नियोक्ता अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड से देंगे.

उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा भी बढ़ाकर 18-25 वर्ष कर दी गई है, जबकि पहले यह 21-24 वर्ष थी. इसका उद्देश्य ज्यादा युवाओं को मौका देना और अधिक भागीदारी बढ़ाना है.

एक और बड़ा बदलाव यह है कि इंटर्नशिप की अवधि अब 12 महीने से घटाकर 6-9 महीने कर दी जाएगी. सूत्रों के अनुसार, इंटर्नशिप की अंतिम अवधि नियोक्ता तय करेगा.

इस योजना का संचालन कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा किया जाता है और इसके अगले दौर की आधिकारिक घोषणा जल्द होने की संभावना है. इंटर्नशिप के अवसरों की पोस्टिंग अगले सप्ताह से शुरू हो सकती है.

यह योजना केंद्रीय बजट 2024-25 में घोषित की गई थी और अक्टूबर 2024 में 12 महीने की इंटर्नशिप अवधि के साथ आधिकारिक रूप से शुरू हुई थी.

मूल योजना के अनुसार, उम्मीदवारों को केंद्र सरकार की ओर से एक बार में 6,000 रुपये का अनुदान और हर महीने 5,000 रुपये का स्टाइपेंड मिलना था. इसमें से 4,500 रुपये सरकार और 500 रुपये नियोक्ता सीएसआर फंड से देते थे.

हालांकि, शुरुआती चरणों में इस योजना में कम भागीदारी और अधिक ड्रॉपआउट देखने को मिला. इसके कारणों में स्थान की दूरी, लंबी इंटर्नशिप अवधि और इंटर्नशिप के बाद नौकरी की गारंटी न होना शामिल थे. कई उम्मीदवार 5-10 किलोमीटर से ज्यादा दूर जाकर इंटर्नशिप करने के इच्छुक नहीं थे.

पहले पायलट चरण में, जो अक्टूबर 2024 में शुरू हुआ था, कंपनियों ने 60,866 इंटर्नशिप ऑफर दिए. इनमें से 28,144 ऑफर स्वीकार किए गए, लेकिन आखिर में केवल 8,760 उम्मीदवारों ने जॉइन किया.

कार्यक्रम के दौरान भी काफी उम्मीदवार बीच में ही छोड़कर चले गए. 8,760 में से 4,702 उम्मीदवार (53.6 प्रतिशत) ने 12 महीने की इंटर्नशिप पूरी होने से पहले ही कार्यक्रम छोड़ दिया.

आखिर में केवल 3,417 उम्मीदवारों ने पूरी इंटर्नशिप पूरी की.

अप्रैल 2025 में शुरू हुए दूसरे पायलट चरण में भी भागीदारी कम रही. 300 से ज्यादा कंपनियों ने 71,195 इंटर्नशिप ऑफर दिए, लेकिन केवल 24,638 उम्मीदवारों ने उन्हें स्वीकार किया.

इनमें से 7,300 उम्मीदवारों ने वास्तविक रूप से जॉइन किया, जबकि 2,464 उम्मीदवार (33.7 प्रतिशत) ने इंटर्नशिप अवधि पूरी होने से पहले ही कार्यक्रम छोड़ दिया.

दूसरे चरण को आखिर में कितने उम्मीदवार पूरा करेंगे, इसका डेटा अभी उपलब्ध नहीं है, क्योंकि इंटर्नशिप इस साल अप्रैल के आसपास या उसके बाद खत्म होने वाली हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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