गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान और मणिपुर में आए तूफान से मची भारी तबाही/सोशल मीडिया
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नई दिल्ली:  मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, मणिपुर सहित कई राज्यों में आए तूफान और तेज बारिश की वजह से भारी तबाही हुई है. राज्यों में करीब 41 लोगों के मारे जाने की खबर है जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. अचानक आए आंधी- तूफान से देश में मची तबाही पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर घायलों और मृतकों के प्रति दुख जताया है और मुआवजे का भी एलान किया है. प्रधानमंत्री राहत कोष से इस आपदा में मरने वालों को दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये का एलान किया है. पाकिस्तान की तरफ से आए पश्चिमी विक्षोभ के कारण अचानक गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान और मणिपुर में आए तूफान से भारी तबाही मची है मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति बुधवार शाम तक रहेगी.

भारी तबाही से जूझ रहे राज्यों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर घायलों और मृतकों के लिए दुख जताया और मुआवजे का भी एलान किया. पीएम ने मुआवजे का एलान सिर्फ गुजरात के लिए ही किया. पीएम ने गुजराती में ट्वीट किया. इसके कुछ देर बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट किया जिसमें उन्होंने पीएम से कहा कि आप सिर्फ गुजरात के नहीं बल्कि पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं.अब यह ट्वीट वार की शुरुआत थी. पीएम के ट्वीट के जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय से कुछ देर बाद ट्वीट किया गया जिसमें सभी राज्यों के घायलों और मृतकों के लिए मुआवजे का एलान किया गया.

पीएम मोदी, पीएमओ और कमलनाथ का ट्वीट

पीएम मोदी ने कहा, गुजरात के विभिन्न हिस्सों में बेमौसम बारिश और तूफान के कारण कई लोगों की जान चली गई. पीड़ित परिवार के लिए मेरी संवेदनाएं हैं. गुजरात के विभिन्न हिस्सों में बेमौसम बारिश और तूफान के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि को मंजूरी दी है. इसके अलावा घायलों को पचास हजार रुपये देने की घोषणा की है.

इसके कुछ देर बाद कमलनाथ ने ट्वीट किया कि आकाशीय बिजली गिरने से इंदौर, धार जिले में व प्रदेश के अन्य स्थानो पर जनहानि की बेहद दुखदायी घटनाएं सामने आयी. पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं, मैं और मेरी सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़े है.

बता दें कि मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार की रात को हुई तेज बारिश के बीच ओले पड़ने और बिजली गिरने से 10 लोगों की मौत हो गई और साथ ही भारी मात्रा में फसल खराब हुई है. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जन-धन की हानि पर दुख व्यक्त किया है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक राजस्थान में आंधी-तूफान की वजह से 6, मध्य प्रदेश में 10 और गुजरात में 9 लोग मौत के शिकार हुए हैं.

जानकारी के अनुसार तूफान ने सबसे ज्यादा तबाही राजस्थान में मचाई है, जहां के प्रतापगढ़ और झालावाड़ में तेज आंधी और बारिश की वजह से कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे उखड़ गए हैं, जिसकी वजह से कई स्थानों पर यातायात भी प्रभावित रहा. स्थानीय मीडिया के मुताबिक यहां 6 लोग मौत के शिकार हुए हैं जबकि 20 लोग घायल हुए हैं, झालावाड़ में 4 मौतें हुई हैं जबकि संभल में बिजली गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई है. वहीं गुजरात में भी आंधी तूफान से भारी तबाही देखी गई है. गुजरात के अहमदाबाद, राजकोट, बनासकांठा, पाटन, महेसाना, साबरकांठा, आणंद, खेड़ा में किसानों की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है. गुजरात में तूफान से करीब 10 लोगों की मौत हो गई है.

मध्य प्रदेश में तूफान और ओला वृष्टि ने खूब उत्पात मचाया है. राज्य के मौसम में आए बदलाव से मंगलवार की रात को कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई और बिजली गिरी थी. इंदौर के हातोद थाना क्षेत्र में बिजली गिरने से एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई. जानकारी के अनुसार डासरी गांव के एक परिवार के चार सदस्य मोटर साइकिल से मंगलवार की शाम को किसी रिश्तेदार के घर से गांव लौट रहे थे, तभी तेज बारिश होने की वजह से वे एक पेड़ के नीचे रुक गए. इसी दौरान बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई..

आधिकारिक तौर पर मिली जानकारी के अनुसार, राजधानी के अलावा इंदौर, धार, शाजापुर, सीहोर, उज्जैन, खरगोन, बड़वानी, राजगढ़ आदि स्थानों पर बारिश हुई है. इससे बड़ा नुकसान हुआ है. ओलावृष्टि और बिजली गिरने से जनहानि व धनहानि हुई है. इस आपदा में धार व शाजापुर जिले में भी तीन-तीन और छिंदवाड़ा में एक व्यक्ति की मौत की खबर मिली है.

मौसम विभाग का कहना है कि आज दिन भर 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी वहीं दूसरे दिन यानी 18 अप्रैल को 50-60 किलोमीटर की गति से हवाएं चलेगी. तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की भी आशंका है. 19 अप्रैल को ओडिशा में इसका ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. यहां 60-70 किलोमीटर प्रति घंटा हवाएं चलेंगी. वहीं 20 और 21 अप्रैल को ये हवाएं थोड़ा कमजोर पड़ेंगी. इन दो दिनों में भी रफ्तार करीब 50-60 किलोमीटर रहेंगीं.


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