Wednesday, 29 June, 2022
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ताजमहल के बंद कमरों को खुलवाने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट में क्यों डाली गई याचिका

याचिका में उस दावे का भी जिक्र है जिसे लेकर कुछ इतिहासकारों और हिंदू संगठनों का कहना है कि ताजमहल शिव मंदिर के ऊपर बना हुआ है.

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नई दिल्ली: इलाहाबद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में एक याचिका दायर की गई है जिसमें अदालत से मांग की गई है कि वो भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (एएसआई) को ताजमहल में बंद 22 दरवाजों की जांच करने के निर्देश दें, जिसमें हिंदू देवताओं की मूर्तियां मिल सकती हैं.

याचिका में संविधान और एएसआई द्वारा दायर की गई रिपोर्ट का हवाला दिया गया है. इसमें कहा गया कि हिंदू देवताओं की मूर्तियों को बंद दरवाजों में रखा गया है.

याचिका में उस दावे का भी जिक्र है जिसे लेकर कुछ इतिहासकारों और हिंदू संगठनों का कहना है कि ताजमहल शिव मंदिर के ऊपर बना हुआ है.

याचिका के अनुसार, ‘कुछ हिंदू संगठन और प्रतिष्ठित संतों का दावा है कि ताजमहल से पहले यहां शिव मंदिर था जिसे लेकर कुछ इतिहासकार भी यही मानते हैं. कुछ लोगों का ये भी मानना है कि ये तेजो महल है जो कि ज्योतिर्लिंग है.’

याचिका में कहा गया, ‘ये माना जाता है कि यहां कुछ ऐसा कमरे हैं जो कि ताजमहल के ऊपरी और निचले हिस्से (लगभग 22 कमरे) में मौजूद हैं, जिसे स्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है. पीएन ओक जैसे कई इतिहासकार और करोड़ों हिंदू श्रद्धालुओं का मजबूती से मानना है कि इन बंद कमरों में भगवान शिव का मंदिर है.’

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ताजमहल के बंद दरवाजों के पीछे के कारण को लेकर एएसआई में दायर आरटीआई का हवाला देते हुए याचिका में कहा गया, ‘एएसआई आगरा का कहना है कि सुरक्षा कारणों से इन दरवाजों को बंद किया गया है.’


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