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Sunday, 14 July, 2024
होमदेश‘यौन उत्पीड़न, वेश्यावृत्ति और जबरन बंधक’, लापता होने के महीने बाद 15 वर्षीय लड़की को बचाया गया

‘यौन उत्पीड़न, वेश्यावृत्ति और जबरन बंधक’, लापता होने के महीने बाद 15 वर्षीय लड़की को बचाया गया

दिल्ली पुलिस ने कहा कि नाबालिग लड़की पिछले महीने अपनी दादी द्वारा 'मोबाइल फोन की लत' के लिए डांटे जाने के बाद घर से चली गई थी. वह शुक्रवार को अपने आवास से कुछ किलोमीटर दूर मिली.

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नई दिल्ली: शहर के नेबसराय स्थित अपने घर से लापता हुई 15 वर्षीय लड़की को दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने शुक्रवार को मुक्त कराया, जिसका कथित रूप से अपहरण कर यौन उत्पीड़न किया गया और वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया गया था. मामले में अब तक जहां तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, वहीं दो नाबालिग को भी पकड़ा गया है.

दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि संयोग से लड़की अपने घर से लगभग दो किलोमीटर दूर पाई गई थी, जहां वह दो साल पहले अपने माता-पिता की मृत्यु के बाद से अपने दादा-दादी के साथ रह रही थी.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, नाबालिग लड़की पिछले महीने अपनी दादी द्वारा ‘मोबाइल फोन की लत’ के लिए डांटे जाने के बाद घर से चली गई थी. एक दिन बाद भी जब वह घर नहीं लौटी तो उसके परिजनों ने 14 फरवरी को नेबसराय थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी.

हालांकि, घर के इतने करीब पाए जाने के बावजूद वह शुक्रवार तक लापता थी.

मामले से जुड़े पुलिस सूत्रों ने बताया कि 15 साल की किशोरी घर छोड़ने के बाद एक नाबालिग लड़के से मिली थी जिसे वह जानती थी. वह उसे अपने साथ पास के घर ले गया.

डीसीपी (साउथ) चंदर चौधरी ने दावा किया, ‘लड़का उसे समझाने के बाद अपने घर ले गया और कहा कि जब तक वह अच्छा महसूस न करे तब तक वह वहीं रह सकती है और फिर वापस घर भेजना का वादा किया. वहां उसने उसके साथ संबंध बनाए. ‘

पुलिस सूत्रों के अनुसार, लड़की को कथित तौर पर वेश्यावृत्ति के लिए भी मजबूर किया गया था.

दिल्ली पुलिस ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की प्रासंगिक धाराओं के तहत अपहरण, चोट पहुंचाने, बलात्कार, आपराधिक धमकी, एक महिला की विनम्रता का अपमान करने के साथ-साथ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और अनैतिक यातायात की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.


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‘तकनीकी सर्विलांस, ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर रेस्क्यू’

पुलिस सूत्रों ने कहा कि जांच से पता चला है कि 15 वर्षीय लड़की को उस घर में ही रखा गया था जहां नाबालिग लड़का उसे ले गया था. वहां एक महिला और उसका बेटा भी रहता था जिसकी पहचान सुमन और सोनू के रूप में की गई. नाबालिग लड़के, सुमन और सोनू के बीच संबंध की अभी जांच चल रही है.

दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि 16 मार्च को मामले को स्थानीय पुलिस स्टेशन से दिल्ली पुलिस के स्पेशल टीम को स्थानांतरित कर दिया गया था, जिसने तकनीकी निगरानी और मानव खुफिया जानकारी के आधार पर 30 घंटे के भीतर 15 वर्षीय लड़की का पता लगाया.

सूत्रों ने कहा कि सोनू को दो अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान पुलिस ने बाबू मियां और आनंद कुमार जैन के रूप में की है, महिला सुमन अभी भी फरार है.

सूत्रों के अनुसार, जांच से पता चला है कि बाबू (50) और आनंद (58) ‘क्लाइंट’ थे, जिन्होंने कथित तौर पर सोनू और उसकी मां को 15 वर्षीय लड़की से यौन संबंध बनाने के लिए भुगतान किया था.

डीसीपी चौधरी ने यह भी कहा कि नाबालिग लड़की को बचाए जाने के बाद दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के वन स्टॉप सेंटर में भेज दिया गया है.

डीसीपी ने कहा, ‘बाल कल्याण समिति से संपर्क करने के बाद उसके दादा-दादी उससे मिल सकते हैं.’ उन्होंने आगे कहा कि ‘अन्य दो लड़कियों में से एक का पता लगा लिया गया है. मामले में आगे की जांच जारी है.’

(इस ख़बर को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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