Wednesday, 5 October, 2022
होमदेशहत्या के हफ्तों पहले गिरफ्तार हुए थे उदयपुर के कन्हैयालाल, धमकी का हवाला देकर मांगी थी पुलिस सुरक्षा

हत्या के हफ्तों पहले गिरफ्तार हुए थे उदयपुर के कन्हैयालाल, धमकी का हवाला देकर मांगी थी पुलिस सुरक्षा

कन्हैयालाल को पैगंबर के बारे में 'आपत्तिजनक टिप्पणी' करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में शिकायतकर्ता नाजिम अहमद उसकी हत्या में शामिल नहीं है.

Text Size:

नई दिल्ली: राजस्थान के उदयपुर में जिस दर्जी की उसकी दुकान में दिनदहाड़े हत्या कर दी गई उसे लगभग घटना के तीन हफ्ते पहले धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

दर्जी कन्हैयालाल तेली को जमानत पर रिहा करने के कुछ दिनों बाद, उसे मौत की धमकियां मिल रही थीं और उसकी दुकान के बाहर आने-जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई थी जिसका हवाला देते हुए उन्होंने पुलिस सुरक्षा मांगी थी. उदयपुर के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने दिप्रिंट को बताया, ‘उसे 10 जून को गिरफ्तार किया गया और अगले दिन अदालत ने जमानत दे दी.’

मामले में शिकायतकर्ता नाजिम अहमद था और तेली पर भारतीय दंड संहिता की धारा 295 ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य) और 153 ए (समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना और सद्भाव को बाधित करना) के तहत मामला दर्ज किया गया था.

तेली पर पैगंबर मुहम्मद के बारे में ‘आपत्तिजनक टिप्पणी’ करने का आरोप लगाया गया था. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दूसरा शिकायतकर्ता नाजिम उसकी हत्या में शामिल नहीं है.

ढांडमंडी एसएचओ को 15 जून को लिखे पत्र के अनुसार, जिसकी एक प्रति दिप्रिंट को मिली है, तेली ने कहा, ‘दो दिन पहले, दो आदमी मेरी दुकान पर आए और मेरा मोबाइल फोन मांगते हुए कहा कि उनके पास बैलेंस नहीं है. उन्होंने मुझे बताया कि मेरे फोन से एक पोस्ट साझा किया गया था और पूछा कि क्या मुझे इसकी कोई जानकारी है. मैंने उनसे कहा कि मैं नहीं जानता कि फोन का इस्तेमाल कैसे किया जाता है और केवल मेरा बच्चा ही इसका इस्तेमाल गेम खेलने के लिए करता है. उन्होंने मेरे फोन का इस्तेमाल कर पोस्ट को डिलीट कर दिया और मुझे दोबारा ऐसा न करने की चेतावनी दी.’

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

उनके पत्र में नाजिम द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत का भी जिक्र है.

अपने पत्र में, कन्हैयालाल ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता और 4-5 अन्य लोग उसकी दुकान के आसपास तीन दिनों तक आए और उसे अपनी दुकान खोलने की अनुमति नहीं दी.

पत्र में कहा गया, ‘सुबह से शाम तक 5-7 लोग मेरी दुकान के आसपास घूमते रहते हैं और मुझे पता चला है कि जब मैं दुकान खोलूंगा तो वे मुझे मारने का इरादा रखते हैं. नाजिम और 4-5 लोगों ने अपने सामुदायिक समूहों में मेरा नाम और फोटो वायरल कर दिया है और चेतावनी दी है कि अगर यह व्यक्ति सड़कों पर देखा गया या उसकी दुकान पर आया तो उसे मार दिया जाएगा क्योंकि उसने कुछ आपत्तिजनक पोस्ट किया था. वे मुझे मेरी दुकान नहीं खोलने दे रहे हैं और दुकान खोलने पर मुझे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं.’

उसी दिन, पुलिस स्टेशन को एक हस्तलिखित पत्र में, उन्होंने कहा कि वह आगे कानूनी कार्यवाही नहीं चाहते हैं, और एक समझौते पर पहुंचने के बारे में सूचित किया.

पुलिस ने कहा, ‘एसएचओ ने उन संबंधित व्यक्तियों को बुलाया जिनका तेली ने नाम लिया था. इसके बाद दोनों समुदायों के पांच-छह लोग एक समझौते पर पहुंचे, जिसके बाद तेली ने कहा कि वह आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं.’

उदयपुर एसपी ने पुष्टि की कि पार्टियों के बीच समझौता हो गया है. यह पूछे जाने पर कि क्या कन्हैया लाल की हत्या में नाजिम शामिल था, उन्होंने कहा, ‘इससे उसका कोई संबंध नहीं है’.

पुलिस ने इस मामले में अब तक दो लोगों- रियाज अख्तरी और घोष मोहम्मद को गिरफ्तार किया है.

तेली की हत्या के कथित दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं, जहां कुछ लोगों को दर्जी पर हमला करते देखा जा सकता है, जब वह अपनी दुकान पर एक आरोपी को देख रहा था. दो लोगों को अपराध की जिम्मेदारी लेते हुए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धमकाते हुए, बड़े-बड़े चाकू दिखाते हुए देखा गया.

(इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें-नेता लोग तो नहीं, भारतीय सेना बेहतर प्रबंधन करके ‘अग्निवीरों’ को जरूर बचा सकती है


share & View comments