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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, फाइल फोटो
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भोपाल: गौ हत्या का मामला हो या फिर पुजारी का, मध्यप्रदेश सरकार धीरे-धीरे हिंदुत्व के रास्ते पर निकल चुकी है. अब सूबे में गौ हत्या से लेकर मांस खाने और शराब पीने वाले पुजारियों तक के लिए सरकार ने नए नियम बना दिए हैं. सरकार एमपी फर्स्ट की नीति पर भी चल रही है. पिछले दिनों मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आदेश जारी कर कहा है कि उद्योगों के लिए 70 फीसदी रोजगार राज्य के स्थानीय लोगों को देना अनिवार्य होगा.

गौ हत्या पर पहली बार लगाया रासुका

सॉफ्ट हिंदुत्व के रास्ते पर चलती कमलनाथ की सरकार ने खंडवा जिले में तीन आरोपियों के खिलाफ गोहत्या के मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून(रासुका) की कार्रवाई की है. यह पहली बार है कि किसी कांग्रेस शासित राज्य में गो हत्या के मामले पर कार्रवाई की गई हो.

गौ वंश की हत्या से साम्प्रदायिक सद्भाव बिगड़ने की आशंका थी. राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद गौ हत्या पर रासुका की यह पहली कार्रवाई है. पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि मोघट थाने के खरखाली गांव में गौ हत्या के मामले में दो आरोपियों को शुक्रवार को पकड़ा गया था, वहीं तीसरा आरोपी सोमवार को पकड़ा गया. तीनों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी से सिफारिश की गई, जिसे जिलाधिकारी ने मंजूरी दे दी.

उन्होंने कहा कि राजू उर्फ नदीम आदतन अपराधी है और पूर्व में भी गौ हत्या के मामले में पकड़ा जा चुका है. इसके अलावा नदीम का भाई शकील और आजम पर भी रासुका की कार्रवाई की गई है. बहुगुणा ने कहा, ‘नदीम आदतन अपराधी है और कई अन्य वारदातों को अंजाम दे चुका है. यह सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाका है और इस तरह की घटना सांप्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ सकती है. लिहाजा रासुका की कार्रवाई की गई है.’

मांस खाने वालों को नहीं मिलेगा पुजारी का पद

वहीं दूसरी तरफ सरकार ने एलान किया है कि किसी मांस खाने वाले और शराब पीने वाले व्यक्ति को सरकारी मंदिर में पुजारी का पद नहीं दिया जाएगा. साथ ही इस पद के लिए अप्लाई करने वाले को आठवीं कक्षा पास होने के साथ ही उसे एक परीक्षा भी पास होनी होगी जिसके बाद इसे पूजा विधि का प्रमाण-पत्र दिया जाएगा. पिछले दिनों सरकार ने पुजारियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की है.

अपना वादा पूरा करने में जुटे कमलनाथ

चुनावी भाषण अब सिर्फ जुमला या बातें नहीं रह गई हैं सरकार समझ चुकी है कि अगर किए गए वादे पूरे न हुए तो जनता अब सबक सिखाना जानती है. चुनाव के दौरान कांग्रेस ने प्रदेश में गौशाला निर्माण की बात कही थी. सरकार बनते ही कमलनाथ ने इसकी कवायद भी शुरू कर दी. पिछले दिनों हुई कैबिनेट बैठक में चार महीने में एक हजार गौशालाओं के निर्माण पर फैसला हुआ था.

(आईएएनएस के इनपुट्स के साथ)


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