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Saturday, 29 November, 2025
होमदेश'पाकिस्तान से मिली धमकियां': अनमोल बिश्नोई मामले में जज ने पहली बार NIA मुख्यालय में सुनवाई की

‘पाकिस्तान से मिली धमकियां’: अनमोल बिश्नोई मामले में जज ने पहली बार NIA मुख्यालय में सुनवाई की

अपनी 11 दिन की NIA कस्टडी खत्म होने से कुछ दिन पहले, अनमोल बिश्नोई ने पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी से सुरक्षा मांगी. उसे हाल ही में US से डिपोर्ट किया गया था.

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नई दिल्ली: शनिवार को एक विशेष एनआईए जज ने गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई के खिलाफ सुनवाई एनआईए मुख्यालय में की, जो कि ऐतिहासिक है. यह सुनवाई नियमित पटियाला हाउस कोर्ट में नहीं हुई.

अनमोल बिश्नोई, उर्फ भानू, ने शुक्रवार शाम को कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जबकि उनकी 11 दिनों की एनआईए कस्टडी खत्म होने वाली थी. उनकी याचिका में पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जान का खतरा बताया गया था.

जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई अनमोल अमेरिका से निष्कासित होकर आया, जिसके बाद एनआईए ने उसे हिरासत में लिया.

शनिवार को विशेष एनआईए जज प्रशांत शर्मा ने एनआईए अधिनियम 2008 की धारा 12 (जिसमें “सुनवाई का स्थान” शामिल है) के तहत विशेष प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए राजधानी स्थित एनआईए मुख्यालय में ही अनमोल की सुनवाई की.

कोर्ट में इससे पहले, अनमोल की वकील राजानी ने 24 नवंबर को इंस्टाग्राम पर अपलोड एक वीडियो का जिक्र किया था, जिसमें कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई को धमकी दी गई थी. वीडियो में अनमोल और उनके चाचा तथा वकील दीपक नंदा का भी नाम था, और लॉरेंस से कहा गया था कि अगर बचा सकते हो तो इन्हें बचाओ.

जज ने अनमोल बिश्नोई को 7 और दिन की एनआईए कस्टडी में भेज दिया है. अब एजेंसी के पास वह 5 दिसंबर तक रहेगा.

अपनी याचिका में अनमोल ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि एनआईए मुख्यालय से कोर्ट तक ले जाने के दौरान उन्हें पर्याप्त सुरक्षा और पुलिस संरक्षण दिया जाए. साथ ही, उन्होंने मांग की थी कि उन्हें बुलेटप्रूफ जैकेट और बुलेटप्रूफ वाहन में ले जाया जाए.

पिछले हफ्ते जज शर्मा ने अनमोल बिश्नोई को 11 दिन की एनआईए कस्टडी में भेजा था, क्योंकि एजेंसी को गैंगों के नेटवर्क की जांच और पूछताछ के लिए उनकी हिरासत चाहिए थी.

शहजाद भट्टी और अनमोल बिश्नोई केस

शहजाद भट्टी ने इससे पहले एक वीडियो जारी कर इस साल जालंधर में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के घर पर हुए ग्रेनेड हमले की जिम्मेदारी ली थी. अनमोल ने कोर्ट से सुरक्षा मांगते हुए अपनी याचिका में इसी ग्रेनेड हमले—जो यूट्यूबर रोजर संधू पर हुआ था—का जिक्र किया.

उन्होंने याचिका में कहा, “मार्च 2025 में जालंधर, पंजाब में एक गंभीर घटना सामने आई थी, जिसमें एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के घर पर ग्रेनेड फेंका गया था, इसके पहले इसी विदेशी गैंगस्टर ने धमकी वाले वीडियो जारी किए थे. यह हमला, भले ही जान का नुकसान नहीं हुआ, यह साबित करता है कि ऐसी धमकियां वास्तविक, लागू होने योग्य और स्थानीय अपराधियों के जरिए अंजाम दी जा सकती हैं. यह घटना व्यापक रूप से रिपोर्ट हुई है और सीमापार अपराधी नेटवर्क से पैदा होने वाले गंभीर खतरे को उजागर करती है.”

उन्होंने आगे कहा, “इन घटनाओं, लगातार मिल रही धमकियों और वास्तविक हिंसा के पैटर्न को देखते हुए, आवेदक/आरोपी को अपनी जान और आजादी के साथ ही अपने वकील की सुरक्षा को लेकर वास्तविक और उचित खतरा महसूस हो रहा है.”

अनमोल का नाम बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद फिर चर्चा में आया था, जब इस मामले के मुख्य शूटर ज़ीशान अख्तर—जिस पर एनसीपी नेता पर गोलियां चलाने का आरोप है—ने एक वीडियो जारी कर अनमोल को भारत से भागने में मदद करने के लिए धन्यवाद दिया. देशभर में करीब 40 मामलों में वांछित अनमोल पर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का भी मुख्य आरोप है. एजेंसी का आरोप था कि अनमोल गैंगस्टरों के नेटवर्क में एक अहम भूमिका निभाता था और बाद में खालिस्तानी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से भी जुड़ गया. इसी को ध्यान में रखते हुए एनआईए के वकील राहुल त्यागी और अमित रोहिल्ला ने अनमोल की रिमांड मांगी थी, क्योंकि वह 2022 में फर्जी पासपोर्ट पर देश से भाग गया था.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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