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Wednesday, 7 January, 2026
होमदेशअंकिता भंडारी मर्डर केस से BJP महासचिव गौतम को जोड़ने पर कांग्रेस, AAP और 3 अन्य के खिलाफ FIR

अंकिता भंडारी मर्डर केस से BJP महासचिव गौतम को जोड़ने पर कांग्रेस, AAP और 3 अन्य के खिलाफ FIR

बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम की शिकायत पर केस दर्ज; बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेता उर्मिला सनावर पर भी ऑडियो क्लिप्स को लेकर मामला दर्ज, जिनसे दोबारा जांच की मांग उठी.

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नई दिल्ली: देहरादून में सोमवार को कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) और दो अन्य लोगों के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज किया गया. इन पर आरोप है कि उन्होंने बीजेपी महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम को साल 2022 के अंकिता भंडारी मर्डर केस से जोड़ने की कोशिश की.

उत्तराखंड पुलिस ने हरिद्वार के ज्वालापुर से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उनकी अलग रह रही साथी, सहारनपुर की रहने वाली अभिनेता उर्मिला सनावर के खिलाफ भी इस मामले में केस दर्ज किया है.

यह एफआईआर देहरादून के डालनवाला थाने में दुष्यंत गौतम की शिकायत पर दर्ज की गई. इसमें बीएनएस की धारा 356(3) (मानहानि), 61(2) (आपराधिक साजिश), 353(2) (धर्म, जाति या नस्ल के आधार पर समूहों के बीच दुश्मनी, नफरत या वैमनस्य फैलाने के इरादे से झूठी जानकारी/अफवाह फैलाना) और 336(4) (जालसाजी) लगाई गई हैं. इसके साथ ही आईटी एक्ट की धारा 66(डी) और 66(ई) भी लगाई गई हैं, जो किसी और की पहचान का गलत इस्तेमाल और निजता के उल्लंघन से जुड़ी हैं.

राज्य पुलिस द्वारा यह तीसरा आपराधिक मामला है, जो उर्मिला सनावर द्वारा जारी की गई ऑडियो क्लिप्स के बाद दर्ज किया गया है. दावा किया गया था कि इन ऑडियो क्लिप्स में सनावर और राठौर के बीच बातचीत है.

सनावर ने दावा किया कि राठौर ने उनसे कहा था कि ऋषिकेश के पास स्थित वनंत्रा रिज़ॉर्ट में, जहां अंकिता भंडारी काम करती थी, वहां का “वीआईपी” दुष्यंत गौतम था.

अंकिता भंडारी (19) उस रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं. सितंबर 2022 में वे लापता हो गई थीं. कुछ दिन बाद उनका शव एक नहर से बरामद किया गया था.

रिज़ॉर्ट का मालिक पुलकित आर्य, जो बीजेपी से निष्कासित नेता का बेटा है, उसे अंकिता की हत्या के मामले में उम्रकैद की सज़ा मिली है. ट्रायल के दौरान अंकिता के दोस्तों और सहकर्मियों ने गवाही दी थी कि अंकिता ने उन्हें बताया था कि उस पर वीआईपी लोगों को “अतिरिक्त सेवाएं” देने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसे उसने मना कर दिया था.

सनावर द्वारा ऑडियो क्लिप्स जारी किए जाने के बाद, पुलिस ने यमकेश्वर से पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौर (जहां रिज़ॉर्ट स्थित है) और शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ से जुड़े पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार की शिकायतों पर भी एफआईआर दर्ज की थी.

सनावर द्वारा लगाए गए आरोपों का हवाला देते हुए उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पिछले महीने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की थी. नए आरोपों और सीबीआई जांच की मांग के चलते पूरे उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शन भी हुए. प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से केस दोबारा खोलने और जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की.

इसके बाद दुष्यंत गौतम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और उत्तराखंड के गृह सचिव को पत्र लिखकर उन पोर्टल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जो उन्हें इस मामले से जोड़ने वाले दावे फैला रहे थे.

अपनी नई शिकायत में गौतम ने सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर पर साजिश रचने, फर्जी ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग बनाने और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि इसका मकसद उनकी और उनकी पार्टी की छवि खराब करना, शांति भंग करना और दंगे व अशांति फैलाना है.

गौतम ने शिकायत में कहा, “महोदय, मैं आदरपूर्वक निवेदन करता हूं कि ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर वीडियो प्रसारित कर रहे हैं. इन वीडियो को खुद देखकर और सुनकर और अन्य लोगों से मिली जानकारी के आधार पर मुझे पता चला कि ये ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग अंकिता भंडारी मर्डर केस से जुड़ी हुई हैं,”

उन्होंने आगे आरोप लगाया, “इन ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग में ये दोनों व्यक्ति कांग्रेस पार्टी, उत्तराखंड क्रांति दल, आम आदमी पार्टी और अन्य लोगों के साथ मिलकर पहले से तय योजना के तहत आपराधिक साजिश रच रहे हैं. ये लोग झूठे और भ्रामक वीडियो बनाकर मेरा, भारतीय जनता पार्टी का और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों का नाम लेकर बदनाम कर रहे हैं.”

गौतम ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चलाए जा रहे अकाउंट्स और क्लिप्स का पूरा विवरण भी सौंपा है. उन्होंने यह भी कहा, “इन ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग में आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया गया है.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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