scorecardresearch
Thursday, 13 June, 2024
होमडिफेंसभारतीय नौसेना के MiG-29K लड़ाकू विमान की पहली नाइट लैंडिंग रही सफल, सेना ने कहा- ऐतिहासिक उपलब्धि

भारतीय नौसेना के MiG-29K लड़ाकू विमान की पहली नाइट लैंडिंग रही सफल, सेना ने कहा- ऐतिहासिक उपलब्धि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल लैंडिंग के लिए नौसेना को बधाई देते हुए कहा कि यह उल्लेखनीय उपलब्धि विक्रांत चालक दल और नौसेना के पायलटों के कौशल, दृढ़ता और व्यावसायिकता का प्रमाण है.

Text Size:

नई दिल्ली: भारतीय नौसेना ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए MiG-29K फाइटर जेट के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत की रात में सफल लैंडिंग की सफलता हासिल की.

भारतीय नौसेना ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि “भारतीय नौसेना ने MiG-29K की पहली लैंडिंग करके एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. यह आत्मनिर्भर भारत के प्रति नौसेना के उत्साह का संकेत है.”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल लैंडिंग के लिए नौसेना को बधाई देते हुए कहा कि INSVikrant पर मिग-29K के पहले रात्रि लैंडिंग परीक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए भारतीय नौसेना को बधाई.

उन्होंने आगे कहा कि “यह उल्लेखनीय उपलब्धि विक्रांत चालक दल और नौसेना के पायलटों के कौशल, दृढ़ता और व्यावसायिकता का प्रमाण है. उन्हें प्रणाम.”

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

बता दें कि MiG-29K जेट आईएनएस विक्रांत के लड़ाकू बेड़े का हिस्सा है. रात के समय विमानवाहक पोत पर उतरना नौसैनिकों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है क्योंकि विमानवाहक पोत 40-50 किमी/घंटा की गति से आगे बढ़ता है और पायलटों को जेट की गति को बनाए रखना होता है.

भारतीय एयरोस्पेस रक्षा न्यूज़ ने भी ट्विटर पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि स्वदेशी आईएनएस विक्रांत एयरक्राफ्ट कैरियर (आईएसी-1) के ऊपर MiG-29K लड़ाकू विमान की पहली नाइट लैंडिंग सफल रही.

उन्होंने कहा, “यह ऐतिहासिक दिन है, जो भारत के समुद्री इतिहास में निर्मित अब तक के सबसे बड़े युद्धपोत आईएनएस विक्रांत के संचालन का मार्ग प्रशस्त करता है.”


यह भी पढ़ें: गलवान से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक, कैसे चीन की कुटिल नीति लगातार भारत के लिए चुनौती बनी हुई है


share & View comments