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Sunday, 1 February, 2026
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बजट 2026-27: वस्त्र उद्योग में सुधारों पर ज़ोर, ‘महात्मा गांधी हथकरघा योजना’ का ऐलान

इसके अलावा ‘समर्थ 2.0’ की शुरुआत का भी प्रस्ताव रखा गया है. इसका उद्देश्य उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से टेक्सटाइल स्किलिंग सिस्टम को आधुनिक बनाना है, ताकि भविष्य की ज़रूरतों के हिसाब से कुशल और तकनीक-सक्षम कार्यबल तैयार किया जा सके.

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नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वस्त्र उद्योग में सुधारों पर खास ज़ोर दिया. उन्होंने खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को मजबूत करने के लिए ‘महात्मा गांधी हथकरघा योजना’ शुरू करने की घोषणा की.

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस वस्त्र क्षेत्र में बड़े सुधार लाने पर है. उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी हथकरघा योजना का मुख्य उद्देश्य खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों और बुनकरों को मज़बूती देना है. इसके साथ ही उन्होंने चुनौती मोड पर मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने और ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल’ शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा.

इस पहल के तहत वैश्विक बाज़ार से जोड़ने, ब्रांडिंग सपोर्ट देने, प्रशिक्षण, स्किलिंग और उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान दिया जाएगा. इससे बुनकरों, ग्राम उद्योगों, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है.

वित्त मंत्री ने वस्त्र क्षेत्र के लिए एक एकीकृत कार्यक्रम का प्रस्ताव रखा, जिसमें पांच अहम हिस्से शामिल हैं. पहला, राष्ट्रीय फाइबर योजना, जिसका मकसद रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक रेशों के साथ-साथ मानव निर्मित और नई पीढ़ी के फाइबर में आत्मनिर्भरता हासिल करना है.

दूसरा, टेक्सटाइल विस्तार और रोज़गार योजना, जिसके तहत पारंपरिक क्लस्टरों को आधुनिक बनाने के लिए मशीनरी, नई तकनीक और साझा टेस्टिंग व सर्टिफिकेशन सेंटर के लिए पूंजी सहायता दी जाएगी.

तीसरा, राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम, जिसका उद्देश्य मौजूदा योजनाओं को एक साथ जोड़कर बुनकरों और कारीगरों को लक्षित मदद देना है.

इसके अलावा ‘समर्थ 2.0’ की शुरुआत का भी प्रस्ताव रखा गया है. इसका उद्देश्य उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से टेक्सटाइल स्किलिंग सिस्टम को आधुनिक बनाना है, ताकि भविष्य की ज़रूरतों के हिसाब से कुशल और तकनीक-सक्षम कार्यबल तैयार किया जा सके.

वित्त मंत्री ने बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को भी ज़रूरी बताया और कहा कि मेगा टेक्सटाइल पार्क के ज़रिये उत्पादन और वैल्यू एडिशन एक ही जगह होगा. इससे लॉजिस्टिक लागत घटेगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. इन पार्कों में तकनीकी वस्त्रों पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिनका इस्तेमाल स्वास्थ्य, ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में होता है.

निर्मला सीतारमण ने इस दौरान रिकॉर्ड नौवां लगातार केंद्रीय बजट पेश किया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की “सुधार एक्सप्रेस” पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि 2014 के बाद से भारत की अर्थव्यवस्था स्थिरता, वित्तीय अनुशासन और लगातार विकास से आगे बढ़ी है.

वित्त मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखते हुए सरकार ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत किया है, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाई है और आयात पर निर्भरता कम की है. इन कदमों से करीब 7 प्रतिशत की विकास दर हासिल हुई है और गरीबी कम करने के साथ लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है.

वैश्विक चुनौतियों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सप्लाई चेन पर दबाव है, लेकिन भारत महत्वाकांक्षा और समावेशन के संतुलन के साथ ‘विकसित भारत’ की दिशा में आत्मविश्वास से आगे बढ़ता रहेगा.

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