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Tuesday, 16 July, 2024
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दिल्ली की हवा हुई बहुत खराब- कंस्ट्रक्शन पर रोक, रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ अभियान भी नहीं आ रहा काम

भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी शुक्रवार सुबह हवा की गुणवत्ता खराब होने के कारण धुंध की परत दिखाई दी, जिसके कारण विजिबिलिटी भी काफी कम रही.

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नई दिल्ली: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है और यह सिलसिला शुक्रवार को भी बने रहते हुए दिल्ली भर में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई.

देश की राजधानी दिल्ली शुक्रवार सुबह धुंध की चादर में दिखी, जिसके साथ ही शहर में हवा की गुणवत्ता AQI 346 के साथ ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है.

राजधानी में प्रदूषण को कम करने के लिए ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ अभियान, लगातार पानी का छिड़काव जैसे प्रयास किया जा रहे है.

बता दें की राष्ट्रीय राजधानी में बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर बढ़ती चिंताओं के बीच, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के चरण III के कार्यान्वयन पर चर्चा के लिए शुक्रवार को एक बैठक बुलाई है.

इस बीच, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने आज वायु गुणवत्ता में गिरावट के मद्देनजर जीआरएपी के चरण III के कार्यान्वयन की घोषणा भी की.

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सभी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है. हालांकि, रेलवे सेवाओं, मेट्रो सेवाओं, स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित गतिविधियों, रक्षा से संबंधित गतिविधियों आदि के लिए छूट दी गई है.

GRAP के तहत उप-समिति की हुई बैठक में समिति ने राज्य सरकार से पांचवीं कक्षा तक ऑफ़लाइन कक्षाएं बंद करने पर विचार करने का भी आग्रह किया है.

सीएक्यूएम के अनुसार, एनसीआर के लिए जीआरएपी को दिल्ली में प्रतिकूल वायु गुणवत्ता के चार अलग-अलग चरणों के तहत वर्गीकृत किया गया है. स्टेज I ‘खराब’ (AQI 201-300). स्टेज II ‘बहुत खराब’ (AQI 301-400), स्टेज III ‘गंभीर’ (AQI 401-450) और स्टेज IV ‘गंभीर +’ (AQI>450).


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UP और मुंबई की हवा भी खराब

बता दें की बदलते मौसम के साथ केवल दिल्ली की हवा ही नहीं बदल रही है, बल्कि लगातार कई राज्यों एवं शहरों में प्रदूषण का स्तर बढ़ते हुए देखा गया हैं.

भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी शुक्रवार सुबह हवा की गुणवत्ता खराब होने के कारण धुंध की परत दिखाई दी, जिसके कारण विजिबिलिटी भी काफी कम रही.

उत्तर प्रदेश के नोएडा में भी हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है. शुक्रवार सुबह नोएडा सेक्टर 125 में AQI 400 पर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में; सेक्टर 62 में 483, सेक्टर 1 में 413 और सेक्टर 116 में 415 पर ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली के कई हिस्सों में हवा की गुणवत्ता शुक्रवार सुबह ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई और मुंडका में उच्चतम वायु गुणवत्ता सूचकांक (498) दर्ज किया गया.

सीपीसीबी के अनुसार, लोधी रोड क्षेत्र में AQI 438, जहांगीरपुरी में 491, आरके पुरम क्षेत्र में और IGI हवाई अड्डे (T3) में क्रमशः 486 और 473 दर्ज किया गया.

प्रदूषण को कम करने की कोशिश

प्रदूषण से निपटने के लिए अपनी प्रतिक्रिया के तहत राज्य सरकार कुछ क्षेत्रों में बीएस III पेट्रोल और बीएस IV डीजल वाली गाड़ियों में जहां एक तरफ प्रतिबंध लगा सकती है, वही कक्षा 5 तक के प्राथमिक ग्रेड के बच्चों के लिए स्कूल जाना बंद किया गया है.

बता दें कि वायु गुणवत्ता परिदृश्य के साथ-साथ आईएमडी और आईआईटीएम द्वारा उपलब्ध मौसम संबंधी स्थितियों और वायु गुणवत्ता सूचकांक के पूर्वानुमानों लगातार समीक्षा भी की जा रही है.

सरकार के कदम के तहत जहां एक तरफ दिल्ली में कंस्ट्रक्शन पूरी तरह बंद कर दिया गया है, वही सड़कों पर लगातार मशीनों से पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है. बोरिंग और ड्रिलिंग कार्यों सहित खुदाई और भराई के लिए मिट्टी के काम वाले गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया हैं. आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, क्षेत्र में गैर-जरूरी निर्माण कार्य, पत्थर तोड़ने और खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है.

दिल्ली सरकार ने वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए ‘रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ’ अभियान की घोषणा की थी. इस अभियान के तहत, वाहन प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए जन प्रतिनिधि और अधिकारी यात्रियों को रेड लाइट पर अपने वाहन बंद करने के लिए प्रेरित किया गया.

बढ़ते प्रदूषण के कारण राजधानी के लोग लगातार स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे हैं. लोग लगातार आंखों में जलन, खांसी, सर्दी-जुखाम, सांस लेने में तकलीफ की शिकायत कर रहे हैं.


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