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Thursday, 30 May, 2024
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CPI प्रतिनिधिमंडल को हिंसा प्रभावित नूंह में जाने से रोका, हिंदू संगठनों की पंचायत में जुटे लोग

जहां हिंसा प्रभावित गुरुग्राम और नूंह जा रहे सीपीआई के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 144 का हवाला देते हुए रोक दिया. वहीं, तिगरा गांव में हिंदू संगठनों द्वारा बुलाई गई पंचायत में लोग जुटे हैं.

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दिल्ली: हिंसा प्रभावित गुरुग्राम और नूंह जा रहे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के चार सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रविवार को सीआरपीसी की धारा 144 का हवाला देते हुए रोक दिया. पुलिस ने टीम को नूंह के पास प्रभावित गांवों में जाने की इजाजत नहीं दी, जहां 31 जुलाई को हिंसा भड़की थी.

डेलीगेशन में सीपीआई के राज्यसभा सांसद बिनॉय विश्वम, सीपीआई महासचिव अमरजीत कौर, पार्टी सांसद संतोष कुमार पी और पार्टी नेता दरियाव सिंह कश्यप शामिल थे.

सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “आज देश की यही दुर्दशा है. आज की सच्चाई, पुलिस हमें भी अनुमति नहीं दे रही है. यानी, इस नियम के तहत आवाजाही की आजादी पर भी रोक है.”

उन्होंने आगे कहा, “गुंडे, बदमाश और फासीवादी स्वतंत्र रूप से घूम सकते हैं…हमें यहां रोका गया है और हम उस पर विरोध करना चाहते थे लेकिन हम यहां कोई झगड़ा पैदा नहीं करना चाहते.”

उन्होंने कहा, “हमने वापस जाने का फैसला किया है क्योंकि हम कोई टकराव नहीं चाहते हैं.”

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विश्वम से जब पूछा गया कि उनकी पीड़ितों से फोन पर बात हुई है तो राज्य में कैसे हालात हैं? इसके जवाब में उन्होंने कि हिंसा के पीड़ित परिवार अपने ही देश में बेहद डरे हुए हैं. उन्होंने इन हालातों के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है.

वहीं, हरियाणा हिंसा के मामले में लगभग 141 लोगों की गिरफ्तारी हुई और नूंह में मंगलवार तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं. हरियाणा के गृह सचिव ने एक आदेश जारी कर कहा कि जिले में हालात “गंभीर और तनावपूर्ण” बने हुए हैं.

जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने एक हालिया बयान में कहा है कि जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रतिनिधि प्रतिनिधिमंडल ने जो रिपोर्ट प्रस्तुत की है उसे दिल दहला देने वाली है. प्रतिनिधिमंडल ने हरियाण के हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया था.

उन्होंने कहा कि हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का हाल दिल दहला देने वाला है और यह बिल्कुल साफ हो गया है कि दंगा सुनियोजित था. इसमें पुलिस और प्रशासन की भूमिका संदिग्ध रही है, जिसके कई वीडियो वायरल हो चुके हैं.

दौरा करने की जानकारी देते हुए संदोश कुमार ने कहा था, “सीपीआई का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल हरियाणा के हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करेगा. हमने पहले ही अधिकारियों को सूचित कर दिया है और हम सभी वर्गों को पूरा करने का प्रयास करेंगे. यह एक दिवसीय दौरा है. हम जनता के साथ हैं.”

हालांकि, रविवार को गुरुग्राम के सेक्टर 57 स्थित तिगरा गांव में हिंदू संगठनों द्वारा बुलाई गई पंचायत में लोग जुटे.

बुलडोजर अभियान

उधर, हरियाणा के अधिकारियों ने रविवार को नूंह में एक होटल-कम-रेस्तरां समेत कई अवैध संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया. जानकारी के अनुसार, यहां से पिछले हफ्ते झड़पों के दौरान एक जुलूस पर कथित तौर पर पथराव किया गया था. सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट, अश्विनी कुमार के अनुसार, “ये अवैध निर्माण थे. तोड़े गए निर्माणों के मालिकों को पहले ही नोटिस दिए गए थे. ब्रज मंडल धार्मिक यात्रा के दौरान हुई हिंसा में कुछ अवैध ढांचों के मालिक भी शामिल थे. विध्वंस अभियान जारी रहेगा.”

बुलडोजर अभियान को नूंह से कांग्रेस विधायक चौधरी आफताब अहमद ने गैर कानूनी बताया है. उन्होंने कहा, “यह अभियान अवैध है और इस कार्रवाई से कुछ हासिल नहीं होगा. दोषी पाए जाने पर आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन गरीबों के घर, दुकानें तोड़ना सही नहीं है.”

बता दें कि हरियाणा के नूंह जिले में 31 जुलाई को हिंसा भड़क गई थी, सोमवार को नूंह में दो होम गार्ड समेत छह लोगों की जान चली गई.


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