scorecardresearch
Thursday, 26 March, 2026
होमदेशBKC-वडाला लगभग पूरी तरह भर गए, अब MMRDA को मिला 33,000 हेक्टेयर से ज़्यादा नया लैंड

BKC-वडाला लगभग पूरी तरह भर गए, अब MMRDA को मिला 33,000 हेक्टेयर से ज़्यादा नया लैंड

राज्य सरकार ने MMRDA को जो नया लैंड बैंक आवंटित किया है, वह ठाणे, रायगढ़ और पालघर ज़िलों के 1,324 गांवों में फैला हुआ है.

Text Size:

मुंबई: मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) के लिए एक वित्तीय सहारे के रूप में, जो मुंबई और उसके शहरी क्षेत्र में कई करोड़ रुपये के ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, महाराष्ट्र सरकार ने उसे एक बड़ा लैंड बैंक मुफ्त में देने का फैसला किया है.

लैंड बैंक का मतलब होता है जमीन का ऐसा भंडार, जिसे कोई अथॉरिटी भविष्य में विकास और आय के स्रोत के तौर पर अपने पास रखती है. हालांकि, पिछले कुछ सालों में MMRDA अपने लैंड बैंक के कम होते जाने के कारण फंड जुटाने के नए तरीके तलाश रही थी.

राज्य सरकार ने तय किया है कि वह राज्य के राजस्व विभाग से 33,954.31 हेक्टेयर जमीन MMRDA को ट्रांसफर करेगी, ताकि बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा सके और इस जमीन को मॉनेटाइज करके बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए फंड जुटाया जा सके.

सरकारी आदेश के अनुसार, यह जमीन ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिलों में फैली हुई है.

MMRDA के एक अधिकारी, जिन्होंने अपना नाम नहीं बताया, ने दिप्रिंट को बताया, “वित्तीय स्थिरता बनाए रखने और पारंपरिक कर्ज पर निर्भरता कम करने के लिए MMRDA ने राज्य सरकार से अपने अधिकार क्षेत्र की सरकारी जमीन ट्रांसफर करने का अनुरोध किया था. सरकार ने 33,954.61 हेक्टेयर जमीन फ्रीहोल्ड आधार पर MMRDA को देने की मंजूरी दे दी है. यह जमीन इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और संसाधन जुटाने के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति साबित होगी.”

MMRDA इस समय 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है. इसमें 300 किलोमीटर से ज्यादा लंबी मेट्रो लाइनों का निर्माण, विरार-अलीबाग मल्टी-मॉडल कॉरिडोर, कई इंट्रा-सिटी टनल जैसे निर्माणाधीन ठाणे-बोरीवली टनल, ऑरेंज गेट-मरीन ड्राइव टनल और कई अन्य प्रोजेक्ट शामिल हैं.

यह मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में अलग-अलग जगहों पर ग्रोथ सेंटर बनाने पर भी काम कर रही है.

MMRDA पहले भी अपने लैंड बैंक का इस्तेमाल बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC), वडाला और अन्य प्रमुख जगहों पर बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए सहारे के रूप में कर चुकी है. कई अधिकारियों ने पहले MMRDA के लैंड बैंक को उसकी “फैमिली सिल्वर” यानी सबसे कीमती संपत्ति बताया है.

नया लैंड बैंक

सरकार द्वारा नया दिया गया लैंड बैंक 1,324 गांवों में फैला हुआ है. इसमें ठाणे जिले के अंबरनाथ, भिवंडी, कल्याण और ठाणे; रायगढ़ जिले के अलीबाग, पनवेल, पेन, उरण, कर्जत और खालापुर; और पालघर जिले के पालघर और वसई जैसे इलाके शामिल हैं.

सरकारी आदेश के अनुसार, MMRDA को इस जमीन के किसी भी हिस्से को विकसित करने से पहले राज्य सरकार से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना होगा. अगर यह जमीन किसी शहरी स्थानीय निकाय, जिला परिषद या ग्राम पंचायत के अधिकार में आती है, तो उनकी अनुमति भी लेनी होगी.

MMRDA को इस जमीन को अतिक्रमण से बचाना होगा और अगर पहले से अतिक्रमण है, तो उसे हटाना होगा. अगर इनमें से कोई जमीन भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत अधिग्रहण में है, तो MMRDA को प्रक्रिया पूरी करनी होगी और जरूरी मुआवजा देना होगा.

इसके अलावा, इस जमीन को मॉनेटाइज करके जो भी पैसा आएगा, उसका 25 प्रतिशत राज्य सरकार को देना होगा.

MMRDA के अधिकारी ने बताया कि इस लैंड बैंक का इस्तेमाल ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट, आर्थिक केंद्र, लॉजिस्टिक्स पार्क, हाउसिंग और इंटीग्रेटेड अर्बन नोड्स बनाने में किया जाएगा, जिससे स्थायी आय के स्रोत बनेंगे और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा.

अधिकारी ने यह भी कहा कि इस लैंड बैंक के ट्रांसफर के साथ ही MMRDA ने वित्त वर्ष 2026-27 तक के अपने सभी प्रोजेक्ट्स के लिए फाइनेंशियल क्लोजर हासिल कर लिया है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: धुरंधर 2 नोटबंदी का समर्थन करने के लिए एक बड़ा बहाना देती है, जिसकी कल्पना BJP ने भी नहीं की थी


 

share & View comments