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Thursday, 13 June, 2024
होमदेशदुकानों पर लगे पोस्टर, साथ में फोटो खिंचवाने वालों की भारी भीड़- चमत्कारी शास्त्री की दीवानगी की एक झलक

दुकानों पर लगे पोस्टर, साथ में फोटो खिंचवाने वालों की भारी भीड़- चमत्कारी शास्त्री की दीवानगी की एक झलक

बागेश्वर धाम, जहां धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दरबार है, में कोई रेलवे स्टेशन नहीं है. लेकिन यह कमी अनुयायियों की भीड़ को यहां आने से नहीं रोक सका है. दिप्रिंट के प्रवीण जैन ने ऐसे ही कुछ पलों को तस्वीरों कैद किया हैं.

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बागेश्वर: मध्य प्रदेश के नये ‘चमत्कारी’ बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, गले में माला के साथ हनुमान का लॉकेट पहनें, लंबे लाल-और-काले वस्त्रों में, एक ऊंचे मंच पर बैठे हैं. और जीवन के बारे में भविष्यवाणियां करते हैं. उनके हजारों अनुयायी है जब उन्हें दरबार के अंदर जगह नहीं मिलती, तो वे शास्त्री की एक झलक पाने की उम्मीद में खिड़कियों से झांकने से लेकर दीवारों तक पर चढ़े जा रहे हैं.

हाल ही में, तर्कवादी श्याम मानव ने शास्त्री को मंच पर अपना चमत्कार दिखाने की चुनौती दी थी. उन्होंने अपनी इच्छा से भीड़ में से कोई भी दस आदमी चुनने को कहा ताकि शास्त्री उनके पिता का सही नाम बता सकें और उनके घर का पता बता सकें. जैसा कि उन्होंने दावा किया है कि वह बाला जी की मदद से ऐसा कर सकते हैं. लेकिन शास्त्री ने अपना चमत्कार दिखाए बिना ही नागपुर छोड़ दिया.

हालांकि, उनके अनुयायियों ने शास्त्री के आसपास के विवादों की परवाह नहीं की और उनके लिए वह भगवान हनुमान के अवतार हैं.

भोपाल से खजुराहो जाने वाली ट्रेन बागेश्वर धाम में रुकती है जहां कोई स्टेशन नहीं है. लेकिन उनके अनुयायी ट्रेन की जंजीर खींचते हैं और भगदड़ जैसी भीड़ में हजारों की संख्या में बाहर निकलते हैं. ताकि वे बालाजी मंदिर तक पहुंच सकें और मध्य प्रदेश के नये ‘चमत्कारी’ बाबा आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के साथ बैठक बुक कर सकें.

Baba Dhirendra Krishna Shastri greets his followers | Photo: Praveen Jain | ThePrint
बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने भक्तों का अभिवादन किया | फोटोः प्रवीण जैन | दिप्रिंट
Baba Dhirendra Krishna Shastri sits surrounded by his followers | Photo: Praveen Jain | ThePrint
बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने अनुयाइयों से घिरे बैठे हैं | फोटोः प्रवीण जैन | दिप्रिंट
Baba Bagheshwar's poster in one of the sweet shops near the temple | Photo: Praveen Jain | ThePrint
मंदिर के पास मिठाई की एक दुकान में बाबा बागेश्वर का पोस्टर | फोटोः प्रवीण जैन | दिप्रिंट
Followers try to click Baba's pictures from outside the darbar | Photo: Praveen Jain | ThePrint
दरबार के बाहर से भक्त बाबा की तस्वीर लेने की कोशिश करते हुए | फोटोः प्रवीण जैन | दिप्रिंट
Followers gather to see the Baba | Photo: Praveen Jain | ThePrint
बाबा के दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ | फोटोः प्रवीण जैन | दिप्रिंट
Followers roll all the way to the temple in a customary ritual | Photo: Praveen Jain | ThePrint
अनुयायी एक प्रथागत अनुष्ठान में मंदिर तक जाते हुए | फोटोः प्रवीण जैन | दिप्रिंट
Some followers crawl their way to the temple | Photo: Praveen Jain | ThePrint
कुछ अनुयायी रेंगते हुए मंदिर तक जाते हुए | फोटोः प्रवीण जैन | दिप्रिंट
Followers pray outside Baba's house where he was born and his parents still live. They come to catch a glimpse of Baba's parents | Photo: Praveen Jain | ThePrint
अनुयायी बाबा के उस घर के बाहर प्रार्थना करते हुए जहां उनका जन्म हुआ था और उनके माता-पिता अभी भी रहते हैं. वे बाबा के माता-पिता की एक झलक पाने आते हैं | फोटोः प्रवीण जैन | दिप्रिंट
Followers click photos of Baba's house to frame and hang in their houses | Photo: Praveen Jain | ThePrint
भक्त बाबा के घर की फोटो क्लिक कर अपने घरों में फ्रेम करवाते हैं और टांगते हैं | फोटोः प्रवीण जैन | दिप्रिंट
A devotee carries god Hanuman's idol to the temple | Photo: Praveen Jain | ThePrint
भगवान हनुमान की मूर्ति को मंदिर ले जाता एक भक्त | फोटोः प्रवीण जैन | दिप्रिंट
Families walk to Bageshwar Dham | Photo: Praveen Jain | ThePrint
एक परिवार बागेश्वर धाम तक पैदल जाते हुए | फोटोः प्रवीण जैन | दिप्रिंट
Food being served to people who have come to offer prayers | Photo: Praveen Jain | ThePrint
पूजा करने आए लोगों को भोजन कराया जाता है | फोटोः प्रवीण जैन | दिप्रिंट
Food is served to devotees and homeless alike | Photo: Praveen Jain | ThePrint
भक्तों और बेघरों को समान रूप से भोजन कराया जाता है | फोटोः प्रवीण जैन | दिप्रिंट
Devotees sporting tilak on their way to Bageshwar Dham | Photo: Praveen Jain | ThePrint
बागेश्वर धाम जाते हुए तिलक लगाए श्रद्धालु | फोटोः प्रवीण जैन | दिप्रिंट
Bageshwar Dham does not have a railway station. Worshippers pull the emergency chain in the train to get off for a visit to the temple | Photo: Praveen Jain | ThePrint
बागेश्वर धाम में रेलवे स्टेशन नहीं है. मंदिर में दर्शन के लिए उतरने वाले भक्त ट्रेन की आपातकालीन चेन खींचते हैं | फोटोः प्रवीण जैन | दिप्रिंट
After getting off the train, followers rush to get an auto or electric vehicle for the Bageshwar Dham | Photo: Praveen Jain | ThePrint
ट्रेन से उतरने के बाद बागेश्वर धाम के लिए ऑटो या इलेक्ट्रिक वाहन लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लग जाती है फोटोः प्रवीण जैन | दिप्रिंट

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