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Monday, 27 May, 2024
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नूंह हिंसा के बाद अवैध संपत्तियों पर चला बुलडोजर तो कांग्रेस MLA बोले- कार्रवाई गैरकानूनी, जाऊंगा कोर्ट

पुलिस का कहना है कि 31 जुलाई को धार्मिक जुलूस पर हमला करने के लिए वन भूमि पर बनी संरचनाओं का इस्तेमाल किया गया था. वहीं नूंह के विधायक का कहना है कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है.

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गुरुग्राम: विश्व हिंदू परिषद और मातृ शक्ति दुर्गा वाहिनी द्वारा आयोजित ‘ब्रज मंडल यात्रा’ के दौरान हरियाणा के नूंह में सांप्रदायिक हिंसा के कुछ दिन बाद, नूंह के जिला अधिकारी के आदेश के बाद शुक्रवार को दुकानों और घरों सहित दर्जनों संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया. अधिकारियों के मुताबिक इसका उपयोग कथित तौर पर जुलूस पर हमला और पत्थरों तथा गोलीबारी करने के लिए किया गया था.

नूंह के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) प्रशांत पंवार द्वारा जारी एक प्रेस नोट में कहा गया है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के आदेश पर तोड़फोड़ की गई. प्रेस नोट में कहा गया कि असामाजिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली किसी भी अवैध संरचना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

शुक्रवार शाम ट्रांसफर किए गए पंवार ने कहा, “नलहर शिव मंदिर के पीछे पांच एकड़ वन भूमि पर अवैध संरचनाएं बनाई गई थीं और अधिकारियों ने शुक्रवार को अपनी कार्रवाई के दौरान उन सभी संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया.”

नलहर शिव मंदिर वह स्थान है जहां 31 जुलाई को हुई हिंसा के बाद कथित तौर पर 3,000 से अधिक लोग फंस गए थे और हमलावरों ने कथित तौर पर मंदिर के पीछे की पहाड़ी से गोलियां चलाई थीं.

पंवार के अनुसार, पुन्हाना कस्बे में छह एकड़ वन भूमि पर भी तोड़फोड़ की गई, जहां अवैध रूप से बने एक घर को भी ढहा दिया गया. उन्होंने बताया कि इसी तरह की कार्रवाई नगीना शहर में भी की गई, जहां धोबी घाट क्षेत्र में एक एकड़ भूमि और नांगल मुबारकपुर में दो एकड़ भूमि पर बनी संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया.

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जिला पुलिस के एक प्रवक्ता ने दिप्रिंट को यह भी बताया कि नूंह में ध्वस्त की गई इमारतों का इस्तेमाल लोगों पर पथराव और गोलियां चलाने के लिए किया गया था.

हालांकि, नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे अवैध और सरकार की विफलताओं को छिपाने का प्रयास बताया. उन्होंने दिप्रिंट को बताया कि उन्होंने शुक्रवार सुबह डीसी के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक (एसपी) से भी मुलाकात की और उनसे ऐसी “अवैध गतिविधियों” को रोकने का अनुरोध किया.

विधायक ने कहा कि उन्हें अधिकारियों की ओर से कोई कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला.

अधिकारियों के तबादले

हरियाणा सरकार की कार्रवाई केवल “अवैध” मकानों को ध्वस्त करने तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें पुलिस अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई. पुलिस अधीक्षक (एसपी) वरुण सिंगला को हटाने के 24 घंटे से भी कम समय में सरकार ने शुक्रवार शाम नूंह डीसी प्रशांत पंवार का तबादला कर दिया गया. धीरेंद्र खड़गटा ने पंवार की जगह ली.

पंवार, जिनके पास सीईओ मेवात विकास एजेंसी, नूंह का अतिरिक्त प्रभार था, को अब रोहतक में कई अन्य प्रभार दिए गए हैं जिनमें शामिल हैं- विशेष सचिव, मत्स्य पालन विभाग; प्रशासक, एचएसवीपी, रोहतक; अतिरिक्त निदेशक अर्बन एस्टेट, रोहतक; आयुक्त, नगर निगम, रोहतक और जिला नगर आयुक्त, रोहतक.


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गुरुवार देर शाम सरकार ने नूंह के एसपी सिंगला का तबादला कर उन्हें भिवानी भेज दिया और उनके स्थान पर नरेंद्र बिजारणिया को भिवानी का एसपी नियुक्त किया है. हिंसा भड़कने के बाद से और सिंगला के छुट्टी पर होने के कारण गुरुवार सुबह तक बिजारनिया नूंह के कार्यवाहक एसपी थे.

‘बीजेपी-जेजेपी सरकार फेल हो गई है’

दिप्रिंट से बात करते हुए कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी-जननायक जनता पार्टी सरकार नूंह में हिंसा को रोकने में अपना कर्तव्य निभाने में विफल रही है और अब गरीबों को छत से वंचित कर रही है.

उन्होंने कहा, “नलहार के एक दर्जन से अधिक ग्रामीण अपने सरपंच के साथ मेरे पास आए और शिकायत की कि अधिकारी अचानक बुलडोजर लेकर आए और उनके घरों को तोड़ दिया. तोड़फोड़ के बाद उन्होंने एक माह पहले की तारीख दिखाकर नोटिस थमा दिया. इसी तरह की कार्रवाई नूंह शहर में की गई है, जहां कई घरों और दुकानों पर बुलडोजर चला दिया गया है. इसी तरह की कार्रवाई गुरुवार को टौरू में भी देखी गई.”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस जांच के नाम पर निर्दोष लोगों को फंसा रही है और कानून के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किए बिना अवैध रूप से लोगों के घरों और दुकानों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है.

उन्होंने दिप्रिंट से कहा, ”मैं हर तरह की गैरकानूनी कार्रवाई का विरोध करूंगा और सरकार की सभी गैरकानूनी कार्रवाइयों के खिलाफ अदालत जाऊंगा.”

दिप्रिंट ने टिप्पणी के लिए राज्य के गृह मंत्री अनिल विज और एसपी नरेंद्र बिजारणिया से कॉल के जरिए संपर्क किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. उनकी ओर से प्रतिक्रिया मिलने पर इस रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा.

(संपादन: ऋषभ राज)

(इस लेख को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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