Sunday, 26 June, 2022
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हनुमान चालीसा विवाद के बीच रेलवे स्टेशन के बाहर नमाज रहे लोगों की तस्वीर वायरल, जानें क्या है सच्चाई

इस तस्वीरों को शेयर करते हुए दावा किया गया है कि उद्धव ठाकरे की महाराष्ट्र सरकार एक समुदाय विशेष के प्रति पक्षपाती है.

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नई दिल्ली: मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के बाहर नमाज पढ़ रहे लोगों से जुड़ी तस्वीर वाला एक पोस्ट सोशल मीडियी पर वायरस हो रहा है. खासकर ट्विट पर इसे शेयर किया जा रहा है.

इस तस्वीरों को शेयर करते हुए दावा किया गया है कि उद्धव ठाकरे की महाराष्ट्र सरकार एक समुदाय विशेष के प्रति पक्षपाती है.

यूजर्स ने सवाल उठाया कि सार्वजनिक रूप से नमाज करने की इजाजत क्यों दी गई जब हनुमान चालीसा का जाप नहीं करने दिया गया. यह सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा के संदर्भ में कहा गया. इन्होंने कहा था कि ये ठाकरे के घर के बाहर जाकर हनुमान चालीसा का जाप करना चाहते हैं.

एक अकाउंट, जो @pallavict नाम के एक यूजर ने लिखा, ‘यह कितना चौंकाने वाला है! इनका इतना साहस? अब इसके बाद नवनीत और रवि राणा और अन्य बांद्रा स्टेशन के बाहर और अंदर हनुमान चालीसा का जाप करते हुए दिखेंगे शिवाजीपार्क में.’

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अकाउंट बायो में लिखा है, ‘बीजेपी मुंबई-आईटी एंड एसएम सेल के सह संयोजक’ गौरतलब है कि इस अकाउंट को कपिल मिश्रा, अशोक गोयल, अश्विनी उपाध्याय, पीयूष गोयल और शेफाली वैद्य जैसे बीजेपी के प्रमुख नेता फॉलो करते हैं.

एक अन्य यूजर ने रवि और नवनीत राणा की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए ट्वीट किया, “एक फ्रेंडली रिमाइंडर है, सुनिश्चित करें कि मुंबई में #हनुमान चालीसा का जाप न करें. हालांकि बांद्रा रेलवे स्टेशन के आसपास नमाज अदा करने की सराहना की जाएगी.’

जब से राजनेता राज ठाकरे ने अज़ान के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया है, तब से महाराष्ट्र सतर्क है.

इसके बाद नासिक पुलिस ने धार्मिक स्थलों को लाउडस्पीकर का उपयोग करने से पहले अनुमति लेने का आदेश दिया. घटना तब और बढ़ गई जब ठाकरे ने लोगों से उन मस्जिदों के सामने ‘हनुमान चालीसा’ बजाने के लिए जिन्होंने लाउडस्पीकर नहीं हटाए हैं.

जब यह सब चल रहा था, तब निर्दलीय सांसद-विधायक युगल नवनीत और रवि राणा ने आग में घी डालने का काम किया और कहा कि वे मातोश्री, सीएम उद्धव ठाकरे के निजी आवास के सामने ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ करेंगे.

इस विवादास्पद बयान को लेकर शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया.

पोस्ट की तस्वीर, जिसे व्यापक रूप से साझा किया गया है, सुझाव के अनुसार हाल की नहीं है, बल्कि अगस्त 2012 में मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के बाहर रमजान में की गई प्रार्थना की है.

तब महाराष्ट्र में कांग्रेस सत्ता में थी और पृथ्वीराज चव्हाण मुख्यमंत्री थे.

उपयोगकर्ताओं को लगता है कि हाल के विवाद को बढ़ाने और राज्य में राजनीति का ध्रुवीकरण करने के लिए तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है.


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