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Tuesday, 2 June, 2026
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रोहतक में SP से बहस के बाद IPS एसोसिएशन ने अर्जुन चौटाला की आलोचना की, प्रशासन के समर्थन में उतरा

वीडियो में INLD विधायक अर्जुन चौटाला को SP गौरव राजपुरोहित से बहस करते और कथित तौर पर उन्हें अपमानित करते देखा गया. यह चौटाला परिवार के सदस्य और राज्य पुलिस के बीच हाल के कई विवादों की कड़ी है.

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गुरुग्राम: हरियाणा आईपीएस एसोसिएशन ने सोमवार को रोहतक में हुए एक प्रदर्शन के दौरान भारतीय राष्ट्रीय लोकदल (इनेलो) के विधायक अर्जुन चौटाला द्वारा कथित तौर पर रोहतक के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गौरव राजपुरोहित के साथ दुर्व्यवहार किए जाने के बाद उनके समर्थन में बयान जारी किया है.

यह घटना तब हुई जब सिरसा जिले की रानियां विधानसभा सीट से विधायक अर्जुन चौटाला के नेतृत्व में इनेलो कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपने के लिए जिला कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया.

जब पुलिस ने उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के गेट बंद कर दिए, तो इनेलो कार्यकर्ता बाहर सड़क पर ही खड़े हो गए. इसके बाद करीब 15 मिनट तक गतिरोध बना रहा, जिसमें अर्जुन चौटाला और पुलिस अधिकारियों के बीच कथित तौर पर तीखी बहस हुई.

जब न तो उपायुक्त और न ही कोई अन्य वरिष्ठ अधिकारी ज्ञापन लेने बाहर आया, तो चौटाला ने कथित तौर पर डीसी कार्यालय के दोनों गेट बंद करने की चेतावनी दी और सचिवालय गेट पर धरने पर बैठ गए.

कुछ कार्यकर्ता गेट पर चढ़ गए और बाद में सड़क जाम कर दी. उन्होंने सड़क के बीच में ट्रैक्टर खड़ा कर यातायात बाधित कर दिया, जिसके बाद पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा.

स्थिति बिगड़ने पर एसपी गौरव राजपुरोहित और डीसी सचिन गुप्ता मौके पर पहुंचे. रिपोर्टों के अनुसार, अर्जुन चौटाला ने पहले डीसी से बहस की और बाद में जब एसपी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उनसे भी तीखी नोकझोंक हो गई.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपुष्ट वीडियो में चौटाला SP से कहते हुए दिखाई देते हैं, “मैं तेरे से बात नहीं कर रहा.” वीडियो में उन्हें जाते समय कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए भी देखा जा सकता है.

हरियाणा आईपीएस एसोसिएशन ने सोमवार देर रात एक्स पर पोस्ट कर इस घटना की कड़ी निंदा की. एसोसिएशन ने कहा, “रोहतक में हाल ही में हुई घटना, जिसमें एक जनप्रतिनिधि ने बिना किसी उकसावे के जिला प्रशासन को डराने-धमकाने की कोशिश की, बेहद निंदनीय है.”

एसोसिएशन ने आगे कहा, “हरियाणा IPS एसोसिएशन इस व्यवहार की कड़ी निंदा करता है. एसोसिएशन जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मजबूती से खड़ा है.”

वहीं अर्जुन चौटाला ने भी एक्स पर पोस्ट कर जिला प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अधिकारियों के व्यवहार से राजनीतिक विरोध के प्रति बीजेपी सरकार का रवैया साफ दिखाई देता है.

अर्जुन चौटाला ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए रोहतक जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया.

उन्होंने दिप्रिंट से कहा, “हमने प्रदर्शन के बाद डीसी को ज्ञापन देने की योजना बनाई थी और उन्हें फोन पर इसकी जानकारी भी दी थी. इसके बावजूद दो घंटे तक कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आया.”

उन्होंने आगे कहा, “जब वे आखिरकार आए, तब मैं डीसी से बात कर रहा था. उसी दौरान एसपी बीच में बोलने लगे. मैंने पहले उन्हें कहा कि मैं डीसी से बात कर रहा हूं और उन्हें बीच में नहीं बोलना चाहिए. लेकिन वे लगातार हस्तक्षेप करते रहे, जिससे बहस हो गई.”

रानियां विधायक ने कहा कि एसपी को यह समझना चाहिए कि सरकारी प्रोटोकॉल में एक विधायक का दर्जा एसपी से ऊपर होता है और राजपुरोहित को इसका ध्यान रखना चाहिए था.

दिप्रिंट ने एसपी गौरव राजपुरोहित से व्हाट्सएप संदेश के जरिए प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की. उनका जवाब मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा.

चौटाला परिवार और पुलिस के बीच यह पहला विवाद नहीं

इस घटना ने चौटाला परिवार के एक अन्य सदस्य और पुलिस के बीच हुए ऐसे ही पुराने विवाद की याद ताजा कर दी.

अप्रैल में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के प्रमुख और हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि डीजीपी अजय सिंघल ने उनका फोन नंबर ब्लॉक कर दिया था. दुष्यंत का कहना था कि उन्होंने मुलाकात के लिए तीन-चार दिनों तक कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.

दुष्यंत ने पंचकूला में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पत्रकारों को अपने कॉल रिकॉर्ड और एक व्हाट्सऐप संदेश भी दिखाया था.

यह मामला दिसंबर में हुए एक और विवाद के बाद सामने आया था, जब दुष्यंत की उस समय के डीजीपी ओ.पी. सिंह से तीखी नोकझोंक हुई थी.

ओ.पी. सिंह ने “विकृत मानसिकता” वाले लोगों द्वारा बुलेट मोटरसाइकिल और थार एसयूवी चलाने को लेकर टिप्पणी की थी.

इस पर दुष्यंत ने पलटवार करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की बुलेट पर बैठी हुई एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी. इसके बाद उन्होंने जींद की एक रैली में एक महिला द्वारा चलाई जा रही थार में सवार होकर खास अंदाज में एंट्री की थी.

उस रैली के कुछ ही दिनों बाद हरियाणा पुलिस ने चुपचाप दुष्यंत चौटाला के भाई दिग्विजय चौटाला, उनके बहनोई, उनके ससुर और पूर्व अतिरिक्त डीजीपी परमजीत सिंह अहलावत, तथा हरियाणवी गायक और जेजेपी नेता राहुल फाजिलपुरिया की सुरक्षा वापस ले ली थी.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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