Thursday, 19 May, 2022
होमहेल्थ9 से 12 जनवरी तक दिल्ली में कोविड से मरने वाले 70% रोगियों को वैक्सीन नहीं लगी थी: दिल्ली सरकार

9 से 12 जनवरी तक दिल्ली में कोविड से मरने वाले 70% रोगियों को वैक्सीन नहीं लगी थी: दिल्ली सरकार

इस रिपोर्ट में दिल्ली के सात निजी और सरकारी अस्पतालों द्वारा साझा किए गए 97 कोविड मरीजों की मौतों पर डेटा एकत्र किया गया है. आंशिक रूप से या पूरी तरह से टीके लगाने वालों में मौतों के लिए मुख्य रूप से कोमोरबिडिटी को जिम्मेदार ठहराया गया है.

Text Size:

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में 9 से 12 जनवरी के बीच कोविड से मरने वाले 70 प्रतिशत (97 में से 70) रोगियों का टीकाकरण नहीं किया गया था. इसमें आगे कहा गया है कि जिन लोगों को आंशिक या पूर्ण रूप से टीका लगाया गया था उनमें मुख्य रूप से कोमोरबिडिटी (कोई अन्य गंभीर बीमारी) की वजह से मौतें हुईं. इन रिपोर्ट का कहना है कि बिना टीकाकरण वाले जिन वयस्कों की मृत्यु हुई उनमें से केवल तीन को कोई ज्ञात कोमोरबिडिटी नहीं होने की सूचना मिली है.

दिप्रिंट ने दिल्ली सरकार की द्वारा जारी संयुक्त रिपोर्ट को देखा है जिसमें 9 से 12 जनवरी के बीच कोविड से हुई 97 मौतों पर शहर के सात निजी और सरकारी अस्पतालों द्वारा साझा किए गए डेटा को एकत्र किया गया है.

इन आंकड़ों से पता चलता है कि मरने वाले 97 कोविड रोगियों में से 70 का कोई भी टीकाकरण नहीं हुआ था और 19 को केवल आंशिक रूप से टीका लगाया गया था. उनमें से केवल आठ का पूरी तरह से टीकाकरण किया गया था.

मरने वालों की सबसे अधिक संख्या (37) 41-60 वर्ष के आयु वर्ग में थी जबकि 27 मौतें 60-80 आयु वर्ग में हुईं और 18 अन्य मौतें 19-40 आयु वर्ग में देखी गईं. आठ मृत रोगी 80 वर्ष से अधिक की आयु के थे जबकि सात मृतक बाल रोगी थे (नाबालिगों के लिए कोविड टीकाकरण इस महीने ही शुरू किया गया है).

इन 97 मृत रोगियों में सामान्य रूप से रिपोर्ट की गईं कोमोरबिडिटी दिल, फेफड़े और गुर्दे की बीमारी से जुडीं थीं.

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

रिपोर्ट के अनुसार इन आंकड़ों से पता चलता है कि कोविड की मौजूदा लहर के दौरान दिल्ली में होने वाली मौतों में से अधिकांश उन लोगों की हैं जिन्हें टीके नहीं लगे हैं और उन्हें पहले से ऐसी मौजूदा बीमारियां हैं जो उन्हें मौत के उच्च जोखिम में डालती हैं.


यह भी पढ़ें- अस्पताल में भर्ती होने के आधार पर सरकार का अनुमान, भारत 10-20 लाख ओमीक्रॉन के मामले रोजाना झेल सकता है


मरने वाले अधिकांश टीकाकृत रोगियों में कोई-न-कोई कोमोरबिडिटी थी’

इस रिपोर्ट में मरने वाले 97 कोविड रोगियों में से 37 (जो सभी आयु वर्ग से हैं) के एक उप-समूह के बारे में विस्तार से बताया गया है.

इन 37 में से दस रोगियों को आंशिक या पूर्ण रूप से टीका लगाया गया था. रिपोर्ट के अनुसार, उनमें से अधिकांश किसी-न-किसी कोमोरबिडिटी से पीड़ित थे जिससे उनकी स्थिति और खराब हो गई. केवल तीन – एक 42 वर्षीय महिला, एक 70 वर्षीय पुरुष और एक 29 वर्षीय पुरुष – की मौतों के मामले में कोमोरबिडिटी का कोई इतिहास नहीं था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि 29 वर्षीय व्यक्ति को उसकी आंतों में सूक्ष्म रुकावट का पता चला है.

पिछले एक हफ्ते में दिल्ली में मरने वाले कोविड रोगियों में तीन ऐसे शिशु भी थे जिन्हें थैलेसीमिया और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियां थीं.

इसके अलावा, इसी सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, एक 6 वर्षीय लड़की और एक 5 वर्षीय लड़के की मृत्यु हो गई जिन्हें लीवर की बीमारी थी. एक 16 वर्षीय लड़की, जिसकी 12 जनवरी को मृत्यु हो गई थी, गंभीर खून की कमी के साथ एक्स्ट्रापल्मोनरी टी.बी. (फेफड़ों के बाहर किसी अन्य हिस्से में होने वाला टीबी) से पीड़ित थी.

दिल्ली की प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) मनीषा सक्सेना ने दिप्रिंट को बताया, ‘कोविड के कारण शिशुओं की मौत के बारे में कुछ रिपोर्टें आई हैं. इन मामलों में मृत बच्चे को गंभीर बीमारियों का इतिहास था. उनमें से एक को टीबी और दो को लीवर की बीमारी थी. इसलिए यह कहना कि ये मौतें कोविड के कारण हुई हैं, भ्रामक बात होगी.‘

(इस ख़बर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: गोवा से महाराष्ट्र तक, ‘नॉन-ट्रांसमिसेबल’ बीमारियों के बोझ के बारे में क्या कहती हैं कोविड मौतें


share & View comments