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Thursday, 8 January, 2026
होमएजुकेशनUGC ने विश्वविद्यालयों को कहा, कैंपस में आवारा कुत्तों की एंट्री रोकें, ‘राउंड-द-क्लॉक’ निगरानी करें

UGC ने विश्वविद्यालयों को कहा, कैंपस में आवारा कुत्तों की एंट्री रोकें, ‘राउंड-द-क्लॉक’ निगरानी करें

यूजीसी के अनुसार, यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के 7 नवंबर के आदेश के अनुरूप है, जिसमें सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र को शैक्षणिक संस्थानों व अन्य सार्वजनिक स्थानों को आवारा कुत्तों से सुरक्षित रखने के लिए कहा गया था.

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नई दिल्ली: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों (HEIs) से छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा के लिए कैंपस में आवारा कुत्तों के प्रवेश और निवास को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने को कहा है.

गुरुवार को जारी पत्र में यूजीसी ने कहा कि यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के 7 नवंबर के आदेश के अनुरूप है, जिसमें सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र को शैक्षणिक संस्थानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों को आवारा कुत्तों से सुरक्षित रखने के लिए कहा गया था. पत्र में कुत्तों के काटने के बढ़ते मामलों का भी उल्लेख किया गया है.

यूजीसी के सचिव, मनीष जोशी ने कहा कि हर शैक्षणिक संस्था के प्रबंधन को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना चाहिए, जो परिसर की सफाई और देखरेख के लिए जिम्मेदार हो और यह सुनिश्चित करे कि आवारा कुत्ते कैंपस में प्रवेश या निवास न करें.

आयोग ने कहा, “स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के प्रबंधन को सुरक्षा या ग्राउंड कीपिंग स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करनी चाहिए, जो विशेष रूप से राउंड-द-क्लॉक निगरानी के लिए जिम्मेदार हों, ताकि आवारा कुत्तों का प्रवेश या निवास रोका जा सके.”

यूजीसी ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को छात्रों और स्टाफ के लिए जागरूकता सत्र आयोजित करने का निर्देश दिया है, जिसमें कुत्तों के काटने की स्थिति में बचाव और प्राथमिक चिकित्सा, और त्वरित रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी जाए.

इसने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के 7 नवंबर 2025 के आदेश (संग्लग्न प्रति) के अनुसार अन्य सभी दिशानिर्देशों का पालन भी किया जाना चाहिए, ताकि छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित हो और कुत्तों के काटने की घटनाओं में कमी आए.”

सुप्रीम कोर्ट के 7 नवंबर के आदेश में कहा गया कि सभी सरकारी और निजी संस्थानों के साथ-साथ बस डिपो और रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों को सही तरीके से बाड़ लगाकर आवारा कुत्तों के प्रवेश से बचाना चाहिए. अदालत ने यह आदेश देशभर में कुत्तों के काटने के मामलों में “चिंताजनक वृद्धि” को देखते हुए दिया.

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को यह निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया.

यूजीसी द्वारा साझा 2 दिसंबर के पत्र में, स्वास्थ्य सचिव ने भारत सरकार के सभी सचिवों सहित शिक्षा मंत्रालय को लिखा कि प्रत्येक स्कूल और शैक्षणिक संस्थान को छात्रों और स्टाफ के लिए जानवरों के आस-पास सुरक्षित व्यवहार, काटने की स्थिति में प्राथमिक चिकित्सा और तत्काल रिपोर्टिंग प्रोटोकॉल पर जागरूकता सत्र आयोजित करने का निर्देश दिया जाएगा.

इसके बाद, 12 दिसंबर को शिक्षा मंत्रालय ने यूजीसी को पत्र लिखकर अपने प्रशासनिक नियंत्रण वाले संस्थानों और विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी करने के लिए कहा, ताकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित किया जा सके.

मंत्रालय ने यह भी कहा कि यूजीसी से एक व्यापक रिपोर्ट ली जाए, ताकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के समय पर पालन को सुनिश्चित किया जा सके.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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