दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र, फाइल फोटो | सूरज सिंह बिष्ट, दिप्रिंट
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नई दिल्ली: इस साल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं की परीक्षाओं में देरी का असर, उच्च शिक्षा के शेड्यूल पर भी पड़ सकता है, इसलिए दिप्रिंट को पता चला है कि सरकार ने इसके तरंग प्रभाव का अध्ययन करने के लिए एक कमेटी गठित करने का फैसला किया है.

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि ये कमेटी राज्यों के बोर्ड्स द्वारा कराई जाने वाली, परीक्षाओं के शेड्यूल्स का जायज़ा लेगी और उसके बाद कॉलेजों के 2021-22 शैक्षणिक कैलेंडर पर कोई फैसला लेगी.

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया, ‘दूसरे बोर्ड्स का जायज़ा लेने की भी ज़रूरत पड़ेगी. हो सकता है कि उनमें से कुछ अपने इम्तिहान, सीबीएसई की तारीख़ों के बाद भी रख लें. उन्होंने ये भी कहा, ‘इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए, कमेटी उच्च शिक्षा के शैक्षणिक सत्र पर भी कोई फैसला ले सकती है’.

2020-2021 बैच के लिए सीबीएसई बोर्ड के 10वीं और 12वीं के इम्तिहान मई में शुरू होंगे, और उनके नतीजे जुलाई तक घोषित किए जाएंगे. आमतौर से इम्तिहान फऱवरी में शुरू होते हैं, मार्च या अप्रैल में ख़त्म हो जाते हैं और मई तक उनके परिणाम घोषित हो जाते हैं. लेकिन, कोविड महामारी ने मार्च 2020 से, शैक्षणिक सत्र का शेड्यूल बिगाड़ कर रख दिया है, और अब लगता है कि इसका प्रभाव, लगातार दूसरे वर्ष भी जारी रह सकता है.

पदाधिकारी के अनुसार, कोई भी फैसला लिए जाने से पहले, व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा, जिसमें टीचर्स, पेरेंट्स, और छात्र भी शामिल होंगे.

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दिप्रिंट ने ईमेल के ज़रिए, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से टिप्पणी के लिए संपर्क किया, लेकिन इस ख़बर के छपने तक, उधर से कोई जवाब हासिल नहीं हुआ था.


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शैक्षणिक सत्र हुआ ख़राब

पिछले वर्ष से, सरकार के भीतर इस पर काफी विचार-विमर्श हुआ है कि कोविड लॉकडाउन और दूसरी बनाए रखने के नियमों के जारी रहने से, छात्रों की पढ़ाई पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जाए और साथ ही उनके स्वास्थ्य को भी सुरक्षित किया जाए.

अप्रैल 2020 में, उच्च शिक्षा नियामक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने, कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों के शेड्यूल, ख़ासकर उन बैचों के लिए जिनकी कालेज पढ़ाई 2020 में शुरू होनी थी, की जांच के लिए एक कमेटी गठित की थी.

कमेटी ने शुरू में सुझाव दिया था कि नए बैचों के लिए शैक्षणिक सत्र अगस्त-सितंबर से शुरू हो, लेकिन उस अवधि में देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए बाद में उस तिथि को बढ़ाकर नवंबर तक खिसका दिया गया.

संभावना ये है कि नई कमेटी भी, पिछले साल के शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए कालेजों और विश्वविद्यालयों में, 2021-22 शैक्षणिक सत्र शुरू करने के लिए कोई शेड्यूल तय कर सकती है.

(इस ख़बर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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