नई दिल्ली: प्रस्तावित ट्रेड डील के ऐलान और टैरिफ कम होने के बाद भारत और अमेरिका के बीच तनाव कुछ कम हुआ है. इसके साथ ही दोनों देश कई सालों से अटके हुए रक्षा समझौतों को आगे बढ़ा रहे हैं.
सबसे पहले भारत छह और पी-8I समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी युद्धक विमान खरीदेगा. ये विमान अमेरिकी कंपनी बोइंग बनाती है.
रक्षा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्रालय के तहत सबसे बड़ी खरीद संस्था रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) इस महीने के तीसरे हफ्ते इस खरीद पर विचार करेगी. सूत्रों ने कहा कि यह डील नए वित्त वर्ष में साइन हो सकती है.
फिलहाल भारतीय नौसेना के पास 12 P-8I विमान हैं, लेकिन वह छह और विमान लेना चाहती है. साल 2019 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी सरकार से सरकार-से-सरकार के रास्ते यानी फॉरेन मिलिट्री सेल्स (FMS) के तहत छह और विमानों की खरीद को मंजूरी दी थी.
इसके बाद भारत ने अमेरिका को इन विमानों के लिए पत्र भेजा था. मई 2021 में अमेरिकी विदेश विभाग ने इस खरीद को मंजूरी दी थी, जिसकी कीमत 2.42 अरब डॉलर थी.
हालांकि, ज्यादा कीमत होने की वजह से यह डील साइन नहीं हो पाई. बाद में जनवरी में डॉनल्ड ट्रंप के अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद भारत-अमेरिका के रिश्तों में तनाव बढ़ा और मामला और उलझ गया.
तनाव के बावजूद दोनों देशों के अधिकारी बातचीत करते रहे.
पिछले सितंबर में अमेरिका के रक्षा विभाग और बोइंग के अधिकारी इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करने भारत आए थे.
सूत्रों ने बताया कि अमेरिका के साथ एक और रक्षा समझौता, जिसे तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा, वह है भारत में GE F414-INS6 इंजन का संयुक्त उत्पादन.
ये इंजन तेजस Mk2 लड़ाकू विमान और भारत के पांचवीं पीढ़ी के फाइटर विमान एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के पहले चरण में इस्तेमाल होंगे.
इस डील के तहत 80 प्रतिशत टेक्नोलॉजी ट्रांसफर होगा. हालांकि, जानकार सूत्रों ने बताया कि यह तकनीक उत्पादन से जुड़ी होगी, डिजाइन और डेवलपमेंट से नहीं.
डिजाइन और विकास के लिए भारत फ्रांस की कंपनी साफ्रान के साथ मिलकर एक नया 120KN ताकत वाला इंजन तैयार करेगा. यह इंजन AMCA के दूसरे चरण में इस्तेमाल होगा.
ध्यान देने वाली बात यह है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पहले ही 10 F414 इंजन खरीद चुकी है. ये उसके उत्पादन प्लान का हिस्सा थे, लेकिन कुछ डिजाइन और सर्टिफिकेशन से जुड़ी दिक्कतों के कारण इसमें देरी हुई.
तेजस Mk2 एक उन्नत 4.5 पीढ़ी का सिंगल-इंजन मल्टीरोल लड़ाकू विमान होगा. इसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी और HAL मिलकर बना रहे हैं. यह भारत के मिराज 2000, जगुआर और मिग-29 लड़ाकू विमानों की जगह लेगा. इसके 2031-32 से उत्पादन में आने की उम्मीद है.
इस फाइटर विमान में लंबा ढांचा (फ्यूज़लाज), बेहतर मोड़ने की क्षमता के लिए कैनार्ड्स और ज्यादा ताकतवर GE F414-INS6 इंजन होगा, जो 98 kN की ताकत देगा. यह मौजूदा तेजस और तेजस Mk1A से ज्यादा शक्तिशाली होगा.
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