Friday, 21 January, 2022
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भारत की टीम अगले हफ़्ते करेगी पाकिस्तान का दौरा, SCO आतंक विरोधी अभ्यास में बतौर ‘पर्यवेक्षक’ होगी शामिल

भारत की तीन सदस्यों की टीम पाकिस्तान का दौरा करेगी जिसमें वो SCO के सैन्य अभ्यास में बतौर समीक्षक शामिल होगी. SCO की पब्बी एंटी टेरर एक्सरसाइज़ 2021, पाकिस्तान के नौशेरा में 3-6 अक्टूबर को आयोजित होगी.

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नई दिल्ली: भारत अगले हफ़्ते पाकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के तहत होने वाली आतंक विरोधी अभ्यास में तीन सदस्याई टीम को भेज सकता है. यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के क़ब्ज़े के बाद बढ़ते कट्टरवाद की चुनौती के बारे में ज़िक्र किया था.

दिप्रिंट को सूत्रों ने बताया कि भारत इसमें अभी किसी तरह के शारीरिक अभ्यास में हिस्सा नहीं लेगा. वह SCO के ‘आतंकवाद के विरुद्ध करने के उपायों के बारे में जानकारी एकत्रित करने’ के इस आयोजन में वह एक ‘पर्यवेक्षक’ के तौर पर शामिल होगा.

SCO की पब्बी एंटी टेरर एक्सरसाइज़ 2021, पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत के नौशेरा में 3 से 6 अक्टूबर को आयोजित होगी.

इसमें SCO के सदस्य देश चीन, रूस, कज़ाकस्तान, किर्गिज़स्तान, ताजिकिस्तान और उज़्बेकिस्तान भी हिस्सा लेंगे.

सूत्रों के मुताबिक़, इसमें अभी भारतीय शस्‍त्र सेना का कोई भी नुमाइंदा भाग नहीं लेगा, सिर्फ़ नेश्नल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरियट (NSCS) की तीन सदस्याई टीम इसमें शामिल हो सकती है.

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इसी बीच पाकिस्तान में सूत्रों ने कहा कि इस्लामाबाद ने पुष्टि की है कि भारत इसमें शारिरीक अभियास नहीं करेगा बल्कि ‘समीक्षक’ के तौर पर शामिल होगा.

बतौर समीक्षक, भारत सहभागी बिना वोटिंग अधिकार के सार्वजनिक सभा में शामिल हो सकता है, दस्तावेज़ों और निर्णयों को देखने के अलावा अभ्यासों का निरीक्षण कर सकता है. SCO के अनुसार, समीक्षक के पास संस्था के दस्तावेज़ों को तैयार करने और दस्ताख़्त करने के अधिकार नहीं होते हैं.

इस बात पर चर्चा की जा रही है कि टीम भारत से भेजी जाएगी या इस्लामाबाद में ही मौजूद भारतीय हाई कमीशन के प्रतिनिधि इसमें हिस्सा लेंगे. इसमें डिफेंस अटैची भी नुमाइंदगी कर सकते हैं.


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सूत्र ने नाम छिपाने की शर्त पर बताया कि कार्यक्रम अभी विकसित किया जा रहा है, इस पर चर्चा हो रही है कि यह सैन्य अभ्यास नहीं, बुद्धिमानी अभ्यास होगा.

एक सूत्र ने कहा कि सेना, नौसेना और वायुसेना के अधिकारी परिश्रम में हिस्सा नहीं लेंगे.

सुत्रों का कहना है कि अफ़गानिस्तान में तालिबान के क़ब्जे के बाद पहली बार SCO एंटी टेरर एक्सरसाइज़ का आयोजन कर रहा है. भारत पाकिस्तान के साथ तनाव के बावजूद इसमें हिस्सा लेना चाहता था.

SCO के अंतर्गत देशों को आतंक विरोधी व्यवस्था का विस्तार करना चाहिए

पिछले SCO सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि यह समय है कि सभी समूह प्रभावशाली ढंग से SCO के रीजनल ऐंटी-टेररिस्ट स्ट्रक्चर (RATS) के तहत आतंक विरोधी व्यवस्था का विस्तार करें.

‘SCO की मैकेनिज्म RATS का निरीक्षण करने (ड्रग, अवैध हथियार, मानव तस्करी) और जानकारी को बढ़ाने में रचनात्मक भूमिका निभाएगा. इस महीने से भारत SCO-RATS काउंसिल का संचालन करेगा. पीएम मोदी ने सम्मेलन के दौरान कहा था कि हम विषय पर व्यावहारिक सहयोग के लिए प्रस्ताव विकसित तैयार किए हैं’.

उन्होंने यह भी कहा था कि अफ़गानिस्तान में हाल की गतिविधियों का गहरा असर हमारे जैसे पड़ोसी देशों पर पड़ेगा. इसीलिए ज़रूरी हो जाता है कि इस मसले पर क्षेत्रीय फोकस और सहयोग बनाया जाए.

साल 2018 में भारत और पाकिस्तान ने SCO के अंतर्गत संयुक्त सैन्य अभ्यास किया था. हालांकि, अगस्त 2020 में भारत ने दक्षिणी रूस में सितंबर महीने में होने वाली SCO की ‘काकेशस 2020’ से अपना नाम वापस ले लिया था क्योंकि वो वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव के बाद चीनी सैनिकों के साथ अभ्यास नहीं करना चाहता था.

(इस ख़बर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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