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Monday, 9 March, 2026
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भारत-इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस मिसाइल डील तय, अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में होगा समझौता

शुरुआत में ब्रह्मोस मिसाइल की एक बैटरी खरीदी जाएगी, बाद में इसे धीरे-धीरे बढ़ाने की योजना है.

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नई दिल्ली: इंडोनेशिया ने अपने समुद्री तट की सुरक्षा के लिए ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की एक बैटरी खरीदने का फैसला कर लिया है.

रक्षा और सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इंडोनेशिया इस खरीद के लिए अपने एक बैंक से पैसा जुटाने की प्रक्रिया में है. बैंक से जुड़ी कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले 2-3 महीनों में इस डील पर आधिकारिक समझौता साइन किया जाएगा.

सूत्रों के अनुसार शुरुआत में ब्रह्मोस मिसाइल की एक बैटरी खरीदी जाएगी. इसके बाद आने वाले समय में इसे चरणों में बढ़ाया जाएगा.

पिछले साल नवंबर में भी खबर आई थी कि दोनों देश ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने के समझौते के करीब पहुंच गए हैं.

रॉयटर्स के मुताबिक इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रिको रिकार्डो सिराइट ने कहा कि इंडोनेशिया ने भारत से ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए समझौता किया है.

सूत्रों ने बताया कि इंडोनेशिया के लिए फंड की व्यवस्था पूरी होते ही औपचारिक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया जाएगा.

इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री स्जाफरी स्जामसोएद्दीन नवंबर में भारत आए थे. इस दौरान उन्होंने ब्रह्मोस की सुविधा का दौरा किया था. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें ब्रह्मोस का एक मॉडल भी भेंट किया था.

यह डील होने के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा देश बन जाएगा. इससे पहले फिलीपींस ने 2022 में इसकी तीन बैटरियां खरीदी थीं.

सूत्रों ने बताया कि ब्रह्मोस के एक्सपोर्ट वर्जन की अधिकतम रेंज 290 किलोमीटर है.

ब्रह्मोस मिसाइल समुद्री तट की रक्षा, जमीन पर हमला और जहाजों के खिलाफ हमला करने में सक्षम है. यह दुनिया की इकलौती सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जो आवाज की गति से तीन गुना तेज उड़ती है. इसे 1998 में भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और रूस की कंपनी एनपीओ मशिनोस्त्रोयेनीय ने मिलकर बनाया था.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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