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Thursday, 30 April, 2026
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सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण, किसानों से लेंगे फीडबैक

कभी भी, कहीं भी उतर सकता है हेलीकॉप्टर; गेहूं खरीदी की व्यवस्थाओं का करेंगे जायजा.

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भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में चल रही गेहूं उपार्जन प्रक्रिया का जल्द ही औचक निरीक्षण करेंगे. वे किसी भी समय और किसी भी उपार्जन केंद्र पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और किसानों से सीधे संवाद कर सुविधाओं की जानकारी लेंगे.

मुख्यमंत्री यह भी देखेंगे कि शासन-प्रशासन द्वारा तय निर्देशों के अनुसार किसानों को सभी सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं.

सरकार ने उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए कई इंतजाम किए हैं. यहां पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान और अन्य जनसुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.

किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने में परेशानी न हो और उन्हें इंतजार न करना पड़े, इसके लिए जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर उपज बेचने की सुविधा दी गई है.

गेहूं की तौल के लिए इंतजार कम करने के उद्देश्य से तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है. जरूरत के अनुसार जिलों को और तौल कांटे बढ़ाने की अनुमति भी दी गई है.

सरकार ने गेहूं के एफएक्यू (FAQ) मापदंडों में भी राहत दी है. चमक रहित गेहूं की सीमा 50 प्रतिशत तक, सूखे दानों की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत और क्षतिग्रस्त दानों की सीमा 6 प्रतिशत तक कर दी गई है.

उपार्जन केंद्रों पर बारदाना, तौल कांटे, हम्माल, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन, कूपन, गुणवत्ता जांच उपकरण, पंखा और छन्ना जैसी जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि तौल और खरीदी प्रक्रिया समय पर हो सके.

उपार्जन क्षमता बढ़ाने के लिए प्रति केंद्र रोजाना स्लॉट बुकिंग की सीमा 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दी गई है. जरूरत के अनुसार इसे बढ़ाकर 3000 क्विंटल तक किया जा सकता है.

किसानों से गेहूं की खरीद 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 40 रुपये बोनस सहित कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है.

किसानों की सुविधा के लिए हर शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग और खरीदी का काम जारी रहेगा.

इसके अलावा, जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार पोस्टर और बैनर उपार्जन केंद्रों पर लगाए गए हैं, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी मिल सके.

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