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Wednesday, 29 April, 2026
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पुतला दहन के दौरान घायल BJP विधायक से अखिलेश की मुलाकात के क्या हैं मायने?

विरोध प्रदर्शन के दौरान MLA अनुपमा जयसवाल जलने से घायल हो गईं. संसद में मोदी सरकार के परिसीमन प्रस्ताव के विफल होने के बाद से BJP कार्यकर्ता SP और कांग्रेस नेताओं के पुतले जला रहे हैं.

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी और विपक्षी पार्टियों के बीच चल रहे तनाव के बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूर्व यूपी मंत्री अनुपमा जायसवाल से मुलाकात की, जो जलने की चोटों के बाद अस्पताल में भर्ती हैं.

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं के पुतले जला रहे हैं, क्योंकि मोदी सरकार का संविधान संशोधन बिल संसद में पास नहीं हो पाया.

शनिवार को बहराइच में, जयसवाल विपक्ष के बड़े नेताओं राहुल गांधी और अखिलेश यादव के पुतले जला रही थीं, तभी यह हादसा हुआ. उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके सिर, बाल और चेहरे पर जलने की चोटें हैं.

अखिलेश मंगलवार को अस्पताल पहुंचे और भाजपा नेता का हालचाल जाना. उन्होंने एक्स पर लिखा, “हम समाज में नफरत की आग नहीं चाहते, हम चाहते हैं कि सद्भाव बना रहे. हमारी सकारात्मक राजनीति की परंपरा हमें यही सिखाती है. इसलिए हम भाजपा विधायक अनुपमा जयसवाल से मिलने गए और उनके जल्द ठीक होने की कामना की. राजनीति अपनी जगह है और इंसानी रिश्ते अपनी जगह. सद्भाव और मेलजोल बना रहे.”

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें भी साझा कीं.

ओबीसी नेता जयसवाल बहराइच से विधायक हैं. वह 2017 से 2019 तक बेसिक शिक्षा, बाल विकास और पोषण राज्य मंत्री रह चुकी हैं. उन्होंने 2022 में भी यह सीट जीती और पार्टी के संगठनात्मक काम में सक्रिय हैं.

हालांकि भाजपा नेताओं ने अभी तक अखिलेश की इस मुलाकात पर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन पार्टी के अंदर कई लोग इसे अच्छा कदम मान रहे हैं.

वरिष्ठ सपा नेता राजेंद्र चौधरी, जो अखिलेश के साथ थे, ने कहा कि सपा प्रमुख स्वस्थ राजनीति में विश्वास रखते हैं. “वह कभी भी निजी तौर पर अपने विरोधियों के खिलाफ गलत भाषा का इस्तेमाल नहीं करते और नरम रवैया रखते हैं. आपने देखा होगा कि उन्होंने मायावती का हमेशा सम्मान किया है. वह ‘नेताजी’ मुलायम सिंह यादव की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं.”

एक अन्य वरिष्ठ सपा नेता ने कहा कि यह कदम एक बड़ी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है. “जब भाजपा महिला सम्मान की बात करती है, तब अखिलेश जी सबसे पहले जायसवाल से मिलने पहुंचे. अभी तक योगी आदित्यनाथ या किसी उपमुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की थी. भाजपा का महिला सम्मान सिर्फ राजनीति लगता है, जबकि अखिलेश जी सच में महिलाओं की परवाह करते हैं, चाहे वह विपक्ष की ही क्यों न हों.”

नेता ने यह भी कहा कि जायसवाल एक ओबीसी नेता हैं, जो सपा के पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक (पीडीए) फॉर्मूले में फिट बैठती हैं और अखिलेश की इस मुलाकात से एक बड़ा राजनीतिक संदेश गया है.

बाद में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी अस्पताल पहुंचे और भाजपा विधायक से मुलाकात की.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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