भोपाल: मध्यप्रदेश में 15 अप्रैल का दिन महिलाओं के नाम रहा. राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में महिलाओं के सशक्तिकरण की गूंज सुनाई दी. अलग-अलग क्षेत्रों की महिलाओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत इतिहास रचने जा रहा है और नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने से लोकतंत्र और मजबूत होगा.
सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया. इस दौरान उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं-12वीं परीक्षा की टॉपर छात्राओं—भोपाल की खुशी राय, चांदनी विश्वकर्मा और पन्ना की प्रतिभा सिंह सोलंकी को सम्मानित किया.
कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनौतीपूर्ण कार्यों को पूरा कर देश और मध्यप्रदेश को सशक्त बनाया है. उन्होंने कहा कि “जब शासन के सूत्र बहनों के हाथ में आते हैं तो काम कई तरह से बेहतर तरीके से होते हैं.”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने तीन तलाक खत्म कर महिलाओं को न्याय दिलाया. मध्यप्रदेश को रानी दुर्गावती और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की धरती बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके शासन में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के आधार पर काशी में बाबा विश्वनाथ धाम का निर्माण हुआ और तीर्थ स्थलों पर यात्रियों के लिए व्यवस्थाएं की गईं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में 16 अप्रैल महिला सशक्तिकरण की खास तारीख होगी और इस दिन होली-दीवाली एक साथ मनाई जाएगी. उन्होंने इंदौर की सुमित्रा महाजन, राजमाता विजया राजे सिंधिया और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि आज देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हैं और प्रदेश में नगरीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है.
राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि यह सम्मेलन एक विचार यात्रा है और यह समझना जरूरी है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को कैसे और मजबूत करेगा. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का सफर आसान नहीं रहा—1996, 1999 और 2008 में यह अटका रहा, 2010 में राज्यसभा से पास हुआ लेकिन लोकसभा में अटक गया. उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इसे लागू करने का समय आ गया है.
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि इस अधिनियम से महिलाओं को सशक्त नेतृत्व और अवसर मिलेगा. इससे लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित होगी और नीति निर्माण में उनकी भूमिका बढ़ेगी.
शिक्षाविद शोभा पेठणकर ने कहा कि भारत की नारी फूल भी है और चिंगारी भी. उन्होंने कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां भगवान का वास होता है. उन्होंने सावित्रीबाई फुले, जीजाबाई, रानी अवंतिका बाई और अहिल्याबाई होल्कर के उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाओं ने हर दौर में समाज को दिशा दी है.
उन्होंने कहा कि महिलाओं को सकारात्मक सोच के साथ अपनी शक्ति का सही उपयोग करना चाहिए.
