scorecardresearch
Thursday, 16 April, 2026
होमविदेशUS-ईरान सीजफायर में पाकिस्तान की भूमिका की चीन ने की तारीफ, बताया ‘निष्पक्ष मध्यस्थ’

US-ईरान सीजफायर में पाकिस्तान की भूमिका की चीन ने की तारीफ, बताया ‘निष्पक्ष मध्यस्थ’

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन की यह टिप्पणी शी जिनपिंग द्वारा बीजिंग में UAE के क्राउन प्रिंस से मुलाकात करने और पश्चिम एशिया में स्थिरता के लिए चार-सूत्रीय रूपरेखा प्रस्तुत करने के एक दिन बाद आई है.

Text Size:

नई दिल्ली: चीन ने बुधवार को पाकिस्तान की तारीफ की. उसने कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी सीजफायर कराने में मदद की और बातचीत के लिए दोनों पक्षों की मेजबानी करते हुए निष्पक्ष और संतुलित मध्यस्थ की भूमिका निभाई.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन के हवाले से ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि “चीन उन सभी प्रयासों का स्वागत करता है जो सीजफायर और लड़ाई खत्म करने में मदद करते हैं. हम पाकिस्तान की सराहना करते हैं कि उसने अमेरिका-ईरान के अस्थायी सीजफायर में सहायता की और निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभाई.”

गुओ का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि पाकिस्तान में फिर से बातचीत शुरू हो सकती है ताकि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध खत्म किया जा सके.

ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधि 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में मिले थे. उन्होंने 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध को खत्म करने के लिए समझौते पर चर्चा की. यह युद्ध तब शुरू हुआ था जब अमेरिका और इजरायल ने तेहरान पर हमला किया था. हालांकि इन बातचीत में कोई बड़ा नतीजा नहीं निकला, लेकिन कूटनीतिक प्रयास लगातार जारी हैं.

यह बातचीत उस समय हुई जब अमेरिका ने दो हफ्ते का सीजफायर घोषित किया. अगर 22 अप्रैल तक कोई स्थायी समझौता नहीं होता है, तो यह सीजफायर खत्म हो जाएगा.

जब पूछा गया कि क्या चीन मध्यस्थता करेगा, तो गुओ ने कहा कि चीन बातचीत का समर्थन करता है. उन्होंने कहा, “अभी सबसे जरूरी है कि किसी भी तरह लड़ाई फिर से शुरू न हो. जो सीजफायर हुआ है उसे बरकरार रखा जाए और विवादों को राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से सुलझाया जाए.”

गुओ का बयान एक दिन बाद आया जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार को बीजिंग में यूएई के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में स्थिरता के लिए चार बिंदुओं का एक ढांचा पेश किया. यह ढांचा “साझा, व्यापक, सहयोगी और टिकाऊ” सुरक्षा व्यवस्था पर आधारित है. यह क्षेत्र युद्ध के कारण तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से अस्थिर बना हुआ है.

इस बैठक में शी ने कहा कि दोनों देशों को “शांति और युद्ध, एकता और टकराव के बीच चुनाव” को ध्यान में रखते हुए सहयोग बढ़ाना चाहिए. उन्होंने चीन और अरब देशों के बीच मजबूत और व्यापक रणनीतिक साझेदारी बनाने की भी बात कही.

क्राउन प्रिंस सोमवार को बीजिंग पहुंचे थे ताकि दोनों देशों के संबंध और मजबूत किए जा सकें. अबू धाबी के आंकड़ों के अनुसार, चीन यूएई का एक बड़ा आर्थिक साझेदार बन चुका है. 2025 में दोनों देशों के बीच गैर-तेल व्यापार करीब 111 अरब डॉलर तक पहुंच गया.

यह कूटनीतिक नजदीकी पाकिस्तान और यूएई के मौजूदा संबंधों से बिल्कुल अलग है, जो हाल ही में कमजोर हुए हैं.

इस्लामाबाद इस महीने अबू धाबी का 3.5 अरब डॉलर का कर्ज वापस करने जा रहा है. पाकिस्तान के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि “राष्ट्रीय सम्मान को आर्थिक कारणों के लिए समझौता नहीं किया जा सकता.” यूएई ने इस पैसे को तुरंत वापस करने की मांग की थी.

रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने इस प्रक्रिया को तेज कर दिया. पहले अबू धाबी इस कर्ज को आगे बढ़ाने में हिचकिचा रहा था.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: बंगाल का चुनावी नतीजा दुनिया भर में लोकतंत्र को क्यों प्रभावित करेगा


 

share & View comments