नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में गंगा के किनारे अब आस्था के साथ समृद्धि की नई धारा भी बह रही है. योगी सरकार ने गंगा तटवर्ती 26 जिलों में जैविक खेती का मॉडल विकसित किया है. नमामि गंगे योजना के तहत गंगा के दोनों किनारों पर 5-5 किलोमीटर क्षेत्र में 3370 जैविक क्लस्टर बनाए गए हैं. इससे करीब 90 हजार किसान परिवार आत्मनिर्भर बने हैं. सरकार इन क्षेत्रों में ऑर्गेनिक विलेज विकसित कर रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा दे रही है.
जैविक खेती से किसानों की उत्पादन लागत में कमी आई है और रासायनिक खाद व कीटनाशकों पर निर्भरता घटी है. इससे किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादों के लिए बाजार में अधिक कीमत मिल रही है. यह पहल गंगा की स्वच्छता, मिट्टी की गुणवत्ता, भूजल संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही है.
केंद्र और राज्य सरकार की ओर से किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता दी जा रही है. वर्ष 2024-25 में 35 जिलों में कार्यशालाएं आयोजित की गई हैं और बाकी जिलों में भी आयोजन प्रस्तावित है. जैविक उत्पादों की मांग बढ़ने से किसानों की आय में सुधार हुआ है और उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन मिल रहा है.
