नई दिल्ली: एक बड़े फैसले में, जो न सिर्फ जेंडर की दीवार तोड़ता है बल्कि युद्ध के बदलते स्वरूप को भी दिखाता है, ऑस्ट्रेलिया ने अपनी सेना की कमान एक महिला को दी है. लेफ्टिनेंट जनरल सुसान कॉयल को सेना प्रमुख बनाया गया है.
दिलचस्प बात यह है कि ऑस्ट्रेलियाई नौसेना प्रमुख मार्क हैमंड, जो एक पनडुब्बी अधिकारी हैं और जिन्होंने 2021 में अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए AUKUS समझौते में अहम भूमिका निभाई थी, अब देश की डिफेंस फोर्स का नेतृत्व करेंगे.
पूर्व पनडुब्बी कमांडर मैथ्यू बकले, हैमंड की जगह नौसेना प्रमुख बनेंगे.
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ये बदलाव दिखाते हैं कि अब आधुनिक तकनीक से चलने वाले युद्ध और पानी के नीचे की क्षमताओं पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है, बजाय पुराने पारंपरिक नजरिए के.
सुसान कॉयल ने 1987 में आर्मी रिजर्व में एक सैनिक के रूप में शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलियन डिफेंस फोर्स अकादमी से साइंस की डिग्री ली और 1992 में रॉयल मिलिट्री कॉलेज से पास होकर रॉयल ऑस्ट्रेलियन कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स में शामिल हुईं. वह जनरल साइमन स्टुअर्ट के रिटायर होने के बाद उनकी जगह लेंगी.
सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड ने बताया कि रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने कहा कि कॉयल की नियुक्ति “बहुत ही ऐतिहासिक पल है, जिसे याद रखा जाना चाहिए”.
सुसान कॉयल ऑस्ट्रेलियाई सेना की अगुवाई करने वाली पहली महिला होंगी. वह उन गिनी-चुनी महिला अधिकारियों की सूची में शामिल हो गई हैं, जो शीर्ष पद तक पहुंची हैं. जुलाई 2024 में लेफ्टिनेंट जनरल जेनी कारिगन को कनाडा की चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनाया गया था, वह भी इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला थीं.
नवंबर 2018 में मेजर जनरल एलेन्का एरमेंक को स्लोवेनिया की सशस्त्र सेनाओं की चीफ ऑफ जनरल स्टाफ बनाया गया था, जिससे वह NATO सदस्य देश में सेना का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बनीं. जून 2024 में जनरल डेम शेरोन नेस्मिथ को वाइस-चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनाया गया, जिससे वह ब्रिटेन के इतिहास की सबसे ऊंचे पद पर पहुंचने वाली महिला अधिकारी बनीं और जनरल रैंक पाने वाली पहली महिला भी.
लेफ्टिनेंट जनरल कॉयल जुलाई 2024 से चीफ ऑफ जॉइंट कैपेबिलिटीज के रूप में काम कर रही हैं और ऑस्ट्रेलियन डिफेंस फोर्स के स्पेस और साइबर डोमेन और नेशनल सपोर्ट फॉर डिफेंस का नेतृत्व कर रही हैं.
उनकी पिछली जिम्मेदारियों में हेड, इंफॉर्मेशन वॉरफेयर, कमांडर, फोर्सेस कमांड, कमांडर, जॉइंट टास्क फोर्स 633, कमांडर, 6वीं ब्रिगेड, कमांडर, टास्क ग्रुप अफगानिस्तान और कमांडिंग ऑफिसर, 17वीं सिग्नल रेजिमेंट शामिल हैं. उन्हें तिमोर लेस्ते, सोलोमन आइलैंड्स, अफगानिस्तान और पश्चिम एशिया में तैनात किया जा चुका है.
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