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Thursday, 2 April, 2026
होमरिपोर्टबिहार के लिए विशेष कृषि पैकेज की मांग, राम कृपाल यादव ने शिवराज सिंह चौहान से की मुलाकात

बिहार के लिए विशेष कृषि पैकेज की मांग, राम कृपाल यादव ने शिवराज सिंह चौहान से की मुलाकात

किसानों की आय बढ़ाने और कृषि विकास के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता की मांग, MSP पर दलहन-तिलहन खरीद शुरू करने का आग्रह.

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पटना: बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर राज्य के लिए विशेष कृषि पैकेज देने की मांग की. इस दौरान उन्होंने बिहार में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया.

बुधवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में राम कृपाल यादव ने बिहार से जुड़ी कृषि संबंधी प्रमुख मांगों को लेकर एक विस्तृत मांग पत्र भी सौंपा.

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बिहार में पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मसूर की खरीद की अनुमति देने के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार जताया. साथ ही उन्होंने बिहार में चना, सरसों और अन्य तिलहन फसलों की भी MSP पर खरीद शुरू करने का अनुरोध किया.

उन्होंने बिहार को दलहन और तिलहन उत्पादन के लिए प्राथमिक राज्य में शामिल करने और केंद्रीय योजनाओं के तहत अतिरिक्त सहायता देने की मांग की. उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत बिहार को अतिरिक्त मदद देने का आग्रह किया.

इस मुलाकात में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत सरकार बिहार में कृषि के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने जरूरत को देखते हुए बिहार के लिए विशेष कृषि विकास पैकेज देने का आश्वासन दिया.

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बताया कि राज्य में 47 लाख से अधिक किसानों का फार्मर आईडी बनाया जा चुका है. उन्होंने कहा कि बिहार में मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री का काम चल रहा है. इसके लिए कृषि विभाग के कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कर्मचारी कैंप लगाकर किसानों का पंजीकरण कर रहे हैं.

उन्होंने राज्य में उर्वरक की उपलब्धता की जानकारी देते हुए बताया कि 1 अप्रैल 2026 तक बिहार में यूरिया 2.77 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 1.46 लाख मीट्रिक टन, एनपीके 2.11 लाख मीट्रिक टन, एमओपी 0.43 लाख मीट्रिक टन और एसएसपी 1.02 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि किसानों की जरूरत के अनुसार उर्वरक की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है.

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