नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश सरकार फॉरेंसिक छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों में विशेषज्ञ बनाने के लिए बड़ा कदम उठा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज (यूपीएसआईएफएस) चार प्रमुख संस्थानों के साथ एमओयू करने जा रहा है. इसमें महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गोरखपुर, धीरूभाई अंबानी यूनिवर्सिटी गांधीनगर, उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी शामिल हैं.
छात्रों को केस स्टडी, पोस्टमार्टम प्रक्रिया और अपराध अनुसंधान में व्यावहारिक अनुभव मिलेगा. जेल जाकर अपराध के सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारण समझने का अवसर भी मिलेगा. एमओयू के तहत छात्र और फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम से ज्ञान का राष्ट्रीय स्तर पर आदान-प्रदान होगा. इस पहल से फॉरेंसिक शिक्षा में थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल को भी मजबूती मिलेगी और राज्य में फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ होगा.
