लखनऊ: हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन उत्तर प्रदेश में चर्चा में है, क्योंकि पुलिस ने इसके तीन नेताओं को गिरफ्तार किया है और राज्य अध्यक्ष शौकत अली की तलाश शुरू की है. उन पर मेरठ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भड़काऊ बयान देने का आरोप है.
यह कार्रवाई शहर के मुस्लिम बहुल इलाके में ईद मिलन कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषणों के बाद हुई. इस कार्यक्रम में AIMIM ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपना अभियान शुरू किया था. इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी की पकड़ मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा गया.
फरार चल रहे शौकत अली का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वह कहते दिख रहे हैं कि “अगर किसी मुस्लिम की एनकाउंटर में हत्या हुई, तो जिम्मेदार लोगों के साथ भी वैसा ही किया जाएगा.”
उन्होंने कहा कि AIMIM मुसलमानों के अधिकारों की रक्षा करने वाली पार्टी है और अगर उसे विधानसभा में सिर्फ 11 सीटें भी मिलती हैं, तो वह सुनिश्चित करेगी कि राज्य में किसी मुस्लिम का पुलिस “एनकाउंटर” न हो.
अली ने मेरठ के एसएसपी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें सड़कों पर नमाज पढ़ने वालों के खिलाफ पासपोर्ट जब्त करने और लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी.
जवाब में अली ने कहा कि पुलिस को उन लोगों पर भी कार्रवाई की बात करनी चाहिए जो राम नवमी जुलूस के दौरान मस्जिदों के सामने “नागिन डांस” करते हैं. उन्होंने समर्थकों से “एक डंडा, एक झंडा, एक नेता” के नारे के साथ एकजुट होने को कहा.
इस बयान के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए, जिसके बाद आलोचना हुई और हिंसा भड़काने के आरोप में पुलिस ने कार्रवाई की. पुलिस का कहना है कि अली के बयान से कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है.
वीडियो देखने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने शौकत अली और अन्य आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. मेरठ के एएसपी कोतवाली अंतरिक्ष जैन ने कहा कि वीडियो में लोगों को भड़काऊ भाषण देते देखा गया, जिससे शांति व्यवस्था बिगड़ सकती है और समुदायों के बीच तनाव पैदा हो सकता है.
मेरठ के लोहिया नगर थाने में कई लोगों के खिलाफ दुश्मनी फैलाने, अफवाह फैलाने और साझा मंशा से अपराध करने के आरोप में केस दर्ज किया गया.
पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए AIMIM के तीन नेताओं को गिरफ्तार किया, जिनमें पश्चिमी यूपी अध्यक्ष मेहताब चौहान, मेरठ शहर अध्यक्ष इमरान अंसारी और शहर सचिव राजी सिद्दीकी शामिल हैं. पुलिस ने आयोजकों से कार्यक्रम की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग भी मांगी है.
यह घटना AIMIM के लिए झटका मानी जा रही है, क्योंकि पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने की योजना बना रही थी, जहां मुस्लिम आबादी 20 प्रतिशत से ज्यादा है.
अली, FIR में मुख्य आरोपी
मेरठ पुलिस के अनुसार शौकत अली इस मामले के मुख्य आरोपी हैं. एफआईआर में जिला अध्यक्ष चौधरी फहीम राजा, ओवैस आलम, मेहताब चौहान, इमरान अंसारी और असजद के नाम भी शामिल हैं.
तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है. शौकत अली की तलाश के लिए कई पुलिस टीमें लगी हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी हो रही है.
मेरठ प्रशासन ने कहा है कि राजनीति या धर्म के नाम पर नफरत फैलाने वालों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जाएगी.
अधिकारियों ने यह भी बताया कि फहीम राजा द्वारा आयोजित ईद मिलन कार्यक्रम बहद इलाके के एक फार्महाउस में बिना अनुमति के किया गया था.
इस विवाद पर अन्य राजनीतिक दलों ने भी प्रतिक्रिया दी.
बीजेपी नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम ने शौकत अली को “अहमियतहीन नेता” बताया और कहा कि जनता उन्हें बाहर कर देगी.
उन्होंने यह भी कहा कि शौकत अली 11 विधायक तो छोड़िए, 11 सदस्य भी नहीं ला पाएंगे.
आक्रामक रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि मुसलमानों का कोई नेतृत्व नहीं है और अगर वे जल्द बीजेपी से जुड़ जाएं तो ज्यादा सुरक्षित रहेंगे.
दिप्रिंट ने शौकत अली से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी. प्रतिक्रिया मिलने पर इस खबर को अपडेट किया जाएगा.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
यह भी पढ़ें: धुरंधर 2 नोटबंदी का समर्थन करने के लिए एक बड़ा बहाना देती है, जिसकी कल्पना BJP ने भी नहीं की थी
