लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को ब्लॉक स्तर तक मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ी पहल की है. राज्य के विभिन्न ब्लॉकों में 142 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) स्थापित की जाएंगी, जिससे ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों के लोगों को जांच, पंजीकरण और प्राथमिक उपचार की बेहतर सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकेंगी.
प्रत्येक बीपीएचयू को करीब 50 लाख रुपये की लागत से हाईटेक बनाया जाएगा. इन इकाइयों में इंचार्ज कक्ष, रजिस्ट्रेशन रूम, वेटिंग रूम और सेंट्रल इंटीग्रेटेड लैब जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इनका निर्माण मौजूदा पीएचसी और सीएचसी के भीतर किया जाएगा, जिससे पहले से मौजूद स्वास्थ्य ढांचे को और अधिक मजबूत बनाया जा सके.
पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि सरकार की योजना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इन इकाइयों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा. इससे ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान होगी और मरीजों की जिला अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी.
नई सुविधाओं के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को छोटी-बड़ी जांच और प्राथमिक इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा.
उन्होंने कहा कि बीपीएचयू मॉडल लागू होने के बाद पंजीकरण से लेकर जांच तक की कई सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी, जिससे गांव के करीब ही बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिल सकेगी.
जिलास्तर पर जिला पंचायतें स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर निर्माण कार्य को तय मानकों के अनुसार पूरा करेंगी. यह पूरा काम जिलाधिकारी की निगरानी में होगा, जबकि ब्लॉक और ग्राम पंचायतों को योजना और निगरानी की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा.
