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Tuesday, 24 March, 2026
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दिल्ली बजट 2026: 1.03 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान, ग्रीन प्रोजेक्ट, इंफ्रा और वेलफेयर पर जोर

शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और पर्यावरण पर बड़ा खर्च; 21% से ज्यादा बजट ग्रीन पहल के लिए, 6,130 नई इलेक्ट्रिक बसें लाने की योजना.

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नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा में वित्त वर्ष 2026 का बजट पेश किया गया, जिसमें कुल ₹1,03,700 करोड़ का प्रावधान रखा गया है. यह पिछले वर्ष के मुकाबले ₹3,700 करोड़ यानी करीब 3.7 प्रतिशत अधिक है. कुल बजट में ₹62,550 करोड़ योजनाओं और परियोजनाओं के लिए, जबकि ₹41,150 करोड़ राजस्व और पूंजीगत व्यय के लिए तय किए गए हैं.

सरकार की आय का बड़ा हिस्सा जीएसटी से आएगा, जिससे ₹43,500 करोड़ मिलने का अनुमान है, जबकि कुल कर राजस्व ₹74,000 करोड़ रहने की उम्मीद है. इसके अलावा केंद्र प्रायोजित योजनाओं, केंद्रीय सहायता और बाजार से कर्ज के जरिए भी धन जुटाया जाएगा.

क्षेत्रवार आवंटन में शिक्षा को सबसे ज्यादा ₹19,326 करोड़ (18.64%) मिले हैं, जबकि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹13,034 करोड़ (12.57%) तय किए गए हैं. परिवहन और सड़कों के लिए ₹12,613 करोड़, आवास और शहरी विकास के लिए ₹11,572 करोड़, सामाजिक सुरक्षा के लिए ₹10,537 करोड़ और जल एवं स्वच्छता के लिए ₹9,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है.

बजट की बड़ी खासियत ग्रीन पहल है, जिसके तहत कुल बजट का 21.44 प्रतिशत यानी ₹22,236 करोड़ पर्यावरण से जुड़े कार्यों पर खर्च किया जाएगा. इसमें प्रदूषण नियंत्रण, हरित क्षेत्र बढ़ाने, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा पर फोकस रहेगा.

इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए नगर निगम को ₹11,266 करोड़, लोक निर्माण विभाग को ₹5,921 करोड़ और शहरी विकास के लिए ₹7,887 करोड़ दिए गए हैं. 750 किलोमीटर सड़कों के पुनर्विकास के लिए ₹1,392 करोड़ और अनधिकृत कॉलोनियों के लिए ₹800 करोड़ तय किए गए हैं.

जल आपूर्ति और सीवेज व्यवस्था सुधारने के लिए दिल्ली जल बोर्ड को ₹9,000 करोड़ दिए गए हैं. स्वास्थ्य क्षेत्र में नए अस्पताल और आईसीयू परियोजनाओं के लिए ₹150 करोड़, दवाओं और उपकरणों के लिए ₹787 करोड़ तथा आयुष्मान योजना के विस्तार के लिए ₹202 करोड़ का प्रावधान है. 750 से अधिक नए हेल्थ सेंटर स्थापित किए जाएंगे.

शिक्षा क्षेत्र में नए स्कूल भवन, स्मार्ट क्लासरूम, छात्राओं को साइकिल और मेधावी छात्रों को लैपटॉप देने जैसी योजनाओं के लिए बजट रखा गया है. महिला और बाल विकास के लिए ₹7,406 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिसमें महिला समृद्धि योजना, महिलाओं और ट्रांसजेंडर के लिए फ्री बस यात्रा तथा मुफ्त एलपीजी सिलेंडर जैसी योजनाएं शामिल हैं.

परिवहन क्षेत्र में ₹8,374 करोड़ का प्रावधान किया गया है. सरकार 6,130 नई इलेक्ट्रिक बसें लाने की योजना बना रही है और 2027 तक 7,500 बसों का लक्ष्य रखा गया है. मेट्रो विस्तार के लिए ₹2,885 करोड़ और ईवी नीति के लिए ₹200 करोड़ तय किए गए हैं.

सरकार प्रशासनिक सुधार के लिए 13 मिनी सचिवालय बनाएगी, भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण करेगी और DITI नाम से नया थिंक टैंक स्थापित करेगी. उद्योग और रोजगार के लिए एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने, सेमीकंडक्टर और ड्रोन नीति लाने की योजना है.

पर्यटन के लिए ₹412 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, 1,000 आधुनिक शौचालय और शहर को सुंदर बनाने की योजनाएं शामिल हैं. पर्यावरण संरक्षण के तहत प्रदूषण नियंत्रण और कचरा प्रबंधन क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है.

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