देहरादून: पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को विश्व जल दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और भविष्य की पीढ़ियों के लिए पानी बचाने का संकल्प लेने की अपील की.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड मां गंगा नदी और अन्य जल स्रोतों से समृद्ध है, जो हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं. उन्होंने कहा कि इनका संरक्षण और संतुलित उपयोग हम सभी की साझा जिम्मेदारी है और राज्य सरकार जल संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है.
वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड के ऐतिहासिक और भौगोलिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य मां गंगा सहित कई नदियों का उद्गम स्थल है, जो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
उन्होंने कहा, “प्राचीन काल से उत्तराखंड की नदियों और झीलों ने राज्य के पर्यावरण को सुरक्षित रखने में अहम योगदान दिया है.”
देश के कई हिस्सों में बढ़ते जल संकट पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने नागरिकों से जिम्मेदारी के साथ पानी का उपयोग करने की अपील की. उन्होंने कहा, “आज देश के कई क्षेत्र गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं. ऐसे महत्वपूर्ण समय में जल संरक्षण को प्राथमिकता देना हमारी जिम्मेदारी है. इस अवसर पर मैं आप सभी से पानी के महत्व को समझने और उसका सोच-समझकर उपयोग करने की अपील करता हूं.”
मुख्यमंत्री ने पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों से वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण से जुड़ी योजनाएं चला रही है, लेकिन जनभागीदारी जरूरी है.
उन्होंने कहा, “सरकार और जनता के संयुक्त प्रयास से सकारात्मक परिणाम जरूर मिलेंगे. छोटे-छोटे कदम उठाकर हम बड़ा बदलाव ला सकते हैं—घर में पानी का सही उपयोग करें और खेती में पारंपरिक व आधुनिक जल प्रबंधन तकनीकों को अपनाएं.”
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी से भविष्य की पीढ़ियों के लिए पानी की हर बूंद बचाने का संकल्प लेने की अपील की.
विश्व जल दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है. इसकी शुरुआत 1993 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई थी. इस दिवस का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ पानी के महत्व को समझाना और वर्ष 2030 तक सभी के लिए पानी और स्वच्छता उपलब्ध कराने के लक्ष्य (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल-6) को समर्थन देना है.
