नई दिल्ली: सरकार ने बुधवार को राज्यों को मौजूदा 20 प्रतिशत के अलावा 10 प्रतिशत अतिरिक्त कमर्शियल लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सप्लाई देने की घोषणा की है, बशर्ते राज्य पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) की ओर लंबे समय तक चलने वाले बदलाव में सहयोग करें. 18 मार्च के एक पत्र में, पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखा, “यह प्रस्ताव है कि भले ही कमर्शियल LPG की सप्लाई कम हो, फिर भी इसका आवंटन बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया जाए, बशर्ते राज्य PNG की ओर लंबे समय तक चलने वाले बदलाव में मदद कर सकें.”
पत्र में आगे कहा गया, “मध्य पूर्व संकट के कारण मौजूदा LPG की कमी की स्थिति में, OMCs (ऑयल मार्केटिंग कंपनियीज) राज्यों को 20 प्रतिशत कमर्शियल LPG उपलब्ध करा रही हैं. इस चरण में राज्यों के लिए यह एक समझदारी भरा कदम होगा कि वे LPG उपभोक्ताओं को PNG की ओर बदलने में मदद करें.” हालांकि, अतिरिक्त 10 प्रतिशत कमर्शियल LPG सप्लाई कुछ शर्तों के साथ आती है. राज्य सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क के विस्तार को आसान बनाने के उद्देश्य से उठाए गए कई उपायों के माध्यम से अतिरिक्त आवंटन प्राप्त कर सकते हैं.
फॉर्मूला अगर राज्य ज़िला-स्तरीय समितियां बनाते हैं, जिनमें स्थानीय निकाय के अधिकारियों का प्रतिनिधित्व हो, ताकि CGD आवेदनों को मंज़ूरी दी जा सके और शिकायतों का समाधान किया जा सके, तो एक प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन दिया जाएगा.
दो प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए CGD की अनुमति देने से जुड़ा है—मौजूदा और नए, दोनों तरह के आवेदकों के लिए—जो एक तय समय-सीमा के भीतर ‘सिंगल-विंडो’ व्यवस्था के माध्यम से दी जाएंगी.
राज्य CGD संस्थाओं के लिए ‘खोदो और ठीक करो’ योजना लागू करके तीन प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन प्राप्त कर सकते हैं; यह योजना उन्हें बिना किसी पूर्व अनुमति के खुदाई और मरम्मत का काम करने की अनुमति देती है, और मरम्मत शुल्क के बदले उन्हें पाइपलाइन के प्रति किलोमीटर 10 लाख रुपये की बैंक गारंटी देनी होती है.
अंतिम चार प्रतिशत आवंटन तब दिया जाएगा, जब राज्य CGD पाइपलाइन बिछाने के लिए लगने वाले वार्षिक किराए या लीज़ शुल्क को घटाकर शून्य कर देंगे.
बुधवार को हुई एक अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग में, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, “पिछले 4 दिनों में, ऑटो में इस्तेमाल होने वाली LPG सहित, लगभग 7,200 टन कमर्शियल LPG पूरे देश में वितरित की जा चुकी है.” उन्होंने आगे कहा कि 15 राज्यों ने डिस्ट्रीब्यूटरों को कमर्शियल LPG देना शुरू कर दिया है.
शर्मा ने कहा कि घरों को PNG पर शिफ़्ट करने के लिए प्रोत्साहित करने की सरकार की कोशिशों की वजह से, पिछले दो हफ़्तों में पूरे देश में लगभग 1,20,000 नए PNG कनेक्शन जोड़े गए हैं.
घरेलू मोर्चे पर, सरकार ने कहा कि 5 मार्च से पहले के स्तरों की तुलना में LPG का उत्पादन 40 प्रतिशत बढ़ गया है. हालांकि, सप्लाई की स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है. शर्मा ने कहा, “LPG का मुद्दा अभी भी चिंताजनक है. ऑनलाइन बुकिंग में सुधार हुआ है. लेकिन यह भी सच है कि डिस्ट्रीब्यूटरों के यहां लंबी लाइनें लगी हुई हैं.”
एविएशन टर्बाइन फ़्यूल के बारे में शर्मा ने कहा, “हमारे पास एविएशन टर्बाइन फ़्यूल का पर्याप्त स्टॉक है, और तेल मार्केटिंग कंपनियों ने कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है.”
शिपिंग में रुकावटों के बारे में जानकारी देते हुए, बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि 22 भारतीय झंडे वाले जहाज़, जिनमें छह LPG ले जा रहे हैं, होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में फँसे हुए हैं. कार्गो के मामले में, सिन्हा ने कहा कि होर्मुज़ में जहाज़ों में लगभग 3.2 लाख मीट्रिक टन LPG और लगभग 2 लाख टन लिक्विफ़ाइड नेचुरल गैस (LNG) फंसी हुई है. इसके अलावा, भारतीय झंडे वाले जहाज़ों में लगभग 16.7 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल फंसा हुआ है.
सिन्हा ने कहा, “611 भारतीय नाविकों के साथ 22 भारतीय झंडे वाले जहाज़ होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पश्चिम में हैं और जहाज़ पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं.”
इन जहाज़ों की वापसी की संभावित समय-सीमा के बारे में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ईरानी अधिकारियों और अन्य देशों के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत चल रही है.
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