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Friday, 27 February, 2026
होमडिफेंसपाकिस्तान में आतंकी ढांचे पर हमले में पोलिश ड्रोन सफल रहे, भारत ने और ऑर्डर किए—वारसॉ के राजदूत

पाकिस्तान में आतंकी ढांचे पर हमले में पोलिश ड्रोन सफल रहे, भारत ने और ऑर्डर किए—वारसॉ के राजदूत

भारत में पोलैंड के राजदूत पियोट्र एंटोनी स्वितल्स्की ने कहा कि वारसॉ नई दिल्ली के साथ डिफेंस सिस्टम खरीदना और बेचना चाहता है, और कहा कि 'दिलचस्प और बहुत ठोस आइडिया' पर बातचीत चल रही है.

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नई दिल्ली: भारत को आतंकवादियों का पीछा कर उन्हें वहीं मारने का अधिकार है, जैसा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया गया. भारत में पोलैंड के राजदूत डॉ. पियोत्र एंटोनी स्विताल्स्की ने दिप्रिंट को दिए एक विशेष इंटरव्यू में यह बात कही. दोनों देश अपने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए पोलैंड के लोइटरिंग म्यूनिशन और टैक्टिकल सर्विलांस ड्रोन भारत ने और खरीदे हैं.

रक्षा को सहयोग का अहम क्षेत्र बताते हुए स्विताल्स्की ने कहा कि पोलैंड भारतीय और पोलिश रक्षा कंपनियों के बीच साझेदारी चाहता है.

उन्होंने कहा कि एक भारतीय कंपनी पोलैंड में गोला-बारूद का कारखाना लगाने की इच्छुक है और इस पर बातचीत चल रही है.

राजदूत ने कहा, “तो मैं आपको रिकॉर्ड पर बता सकता हूं कि पोलैंड और जिसे आप पाकिस्तान में आतंकी ढांचा कहते हैं, उसके बीच अगर कोई संबंध है तो बस इतना कि भारतीय सेना ने इस ढांचे को नष्ट करने के लिए पोलिश ड्रोन का इस्तेमाल किया.”

उन्होंने आगे कहा, “स्वतंत्र सूत्रों और पाकिस्तानी सूत्रों के मुताबिक, भारत ने सिंदूर ऑपरेशन की पहली रात और पहले दिन पोलैंड में बने ड्रोन का व्यापक इस्तेमाल किया.”

आगे बोलते हुए राजदूत ने कहा, “और शायद हमारे ड्रोन बहुत सफल और प्रभावी रहे, क्योंकि भारतीय सेना ने हाल ही में तीन नए अनुबंध साइन किए हैं. हम भारत को अटैक ड्रोन और टोही ड्रोन दोनों की आपूर्ति करेंगे. क्यों? क्योंकि यूक्रेन में परखे गए पोलिश ड्रोन काफी अच्छे माने जाते हैं.”

पिछले साल नवंबर में पोलैंड और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में कश्मीर का जिक्र होने पर भारत की नाराजगी से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि यह एक गलतफहमी थी.

स्विताल्स्की ने कहा, “हमें यह कहने में कोई समस्या नहीं है कि भारत आतंकवादियों का पीछा कर उन्हें मारने में सही कर रहा है.”

रक्षा पर फोकस

उन्होंने कहा कि पोलैंड सिर्फ बेचना ही नहीं, बल्कि भारत से रक्षा प्रणाली खरीदना भी चाहता है.

उन्होंने कहा, “हम भारत से हथियार और सैन्य सिस्टम बेचना और खरीदना चाहते हैं. क्षेत्र के किसी भी दूसरे देश, पाकिस्तान सहित, के साथ हमारा ऐसा संबंध नहीं है. और मुझे लगता है कि राजनीतिक तौर पर यह एक काफी मजबूत बयान है.”

रक्षा सहयोग पर सवालों का जवाब देते हुए पोलिश राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों के अधिकारी जल्द ही मिलेंगे.

उन्होंने कहा, “आप जानते हैं, बातचीत में कई तरह के विचार हैं. बहुत ठोस विचार. जाहिर है, मैं सब कुछ उजागर नहीं करना चाहता. उदाहरण के तौर पर, एक बात बता सकता हूं क्योंकि यह चर्चा में है. एक बड़ी भारतीय कंपनी पोलैंड में एक बड़ा गोला-बारूद कारखाना बनाना चाहती है. और यह गंभीर मामला है. बहुत ठोस प्रस्ताव है.”

उन्होंने कहा, “क्या हमें गोला-बारूद की जरूरत है? हां, है. हमने इस मुद्दे को नजरअंदाज किया था. हमारे शस्त्रागार अचानक खाली नजर आने लगे हैं.”

उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच “दिलचस्प और बहुत ठोस विचारों” पर चर्चा चल रही है.

हालांकि उन्होंने कहा कि कई बार इच्छाओं के बावजूद साझेदारी पूरी नहीं हो पाती.

स्विताल्स्की ने कहा कि पोलैंड की एक सरकारी कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल क्षेत्र में साझेदार ढूंढ रही है.

उन्होंने कहा, “उदाहरण के लिए, यह कोई रहस्य नहीं है कि हमारी सरकारी कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए साझेदार तलाश रही है. हमने शुरुआत में चीन की ओर देखा था, लेकिन बात नहीं बनी. मुझसे मत पूछिए क्यों. इसलिए हम भारत की ओर देख रहे हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “लेकिन भारतीय कंपनियां फिलहाल अपनी रणनीति में पोलैंड और यूरोप के लिए जगह नहीं देखतीं. तब शायद हम वियतनाम की ओर जाएंगे, हालांकि हमारी प्राथमिकता भारत है. हम समझते हैं कि आपकी अपनी व्यावसायिक रणनीतियां हैं. सिर्फ इसलिए कि पोलैंड इच्छुक है, आप अचानक उन्हें क्यों बदलेंगे? इसलिए कोई बुरा मत मानिए.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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