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Saturday, 14 February, 2026
होमदेशपन्नू हत्या साजिश केस: अमेरिका में निखिल गुप्ता ने तीनों आरोप कबूले, ट्रायल टला

पन्नू हत्या साजिश केस: अमेरिका में निखिल गुप्ता ने तीनों आरोप कबूले, ट्रायल टला

अमेरिकी सरकार ने निखिल गुप्ता के लिए 21-24 साल की जेल की सज़ा की सिफारिश की है, जो उन 40 साल की सज़ा का आधा है जिसका वह सामना कर रहे थे. उन्हें जून 2023 में चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था और बाद में अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया.

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नई दिल्ली: 2023 में सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने तीनों आरोपों में खुद को दोषी मान लिया है.

54-वर्षीय गुप्ता ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में सुनवाई के दौरान पन्नू की हत्या की योजना से जुड़े तीन आरोपों में दोष स्वीकार किया, यह जानकारी अमेरिकी अटॉर्नी ऑफिस के बयान में दी गई.

बयान में कहा गया कि गुप्ता ने “दूसरे संशोधित आरोपपत्र में शामिल तीनों आरोपों में दोष स्वीकार किया, जिसमें हत्या के लिए सुपारी लेना, हत्या के लिए सुपारी की साजिश करना और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश करना शामिल है, जो न्यूयॉर्क शहर में एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की उनकी कोशिश से जुड़ा है.”

बयान में एफबीआई के असिस्टेंट डायरेक्टर रोमन रोज़हावस्की के हवाले से कहा गया, “निखिल गुप्ता एक अमेरिकी नागरिक के खिलाफ हत्या की साजिश में एक अहम हिस्सा थे, यह हत्या अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई की वजह से रोकी जा सकी.”

रोज़हावस्की ने आगे कहा, “अमेरिकी नागरिक को केवल अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल करने के कारण अंतरराष्ट्रीय दमन का निशाना बनाया गया.”

बयान में एफबीआई के असिस्टेंट डायरेक्टर-इन-चार्ज जेम्स सी. बार्नेकल जूनियर के हवाले से यह भी कहा गया, “भारत सरकार के एक कर्मचारी के निर्देश और समन्वय में, निखिल गुप्ता ने अमेरिकी जमीन पर एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रची, ताकि भारत सरकार के एक मुखर आलोचक को चुप कराया जा सके.”

आगे, अमेरिकी अटॉर्नी जे क्लेटन के हवाले से कहा गया, “उसे लगा कि वह इस देश के बाहर से यहां किसी को बिना किसी सज़ा के मार सकता है, सिर्फ इसलिए कि वह अपने अमेरिकी अधिकार के तहत बोल रहा था, लेकिन वह गलत था और उसे न्याय का सामना करना पड़ेगा.”

गुप्ता, जिन पर अमेरिका में सुपारी देकर हत्या कराने का मामला चल रहा है, को 30 जून 2023 को चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद 14 जून 2024 को उन्हें अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया. दोष स्वीकार करने से उन्होंने ट्रायल से बचाव कर लिया. भारतीय नागरिक ने मैनहट्टन की संघीय अदालत में अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज सारा नेटबर्न के सामने अपना दोष स्वीकार किया.

अमेरिका ने गुप्ता पर पन्नू की हत्या की साजिश का आरोप लगाया है, जो एक अमेरिकी नागरिक हैं और जिन्हें भारत ने आतंकवादी घोषित किया है.

द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सरकार ने गुप्ता के लिए लगभग 21-24 साल की जेल की सज़ा की सिफारिश की है, जो उन 40 साल की सजा का आधा है जिसका वह सामना कर रहे थे.

दिप्रिंट को दिए एक विशेष इंटरव्यू में गुप्ता ने कहा था कि वह इस मामले के सह-आरोपी और पूर्व R&AW अधिकारी विकाश यादव को नहीं जानते और उन्हें बस “एक अच्छा वकील चाहिए जो इस मामले को पलट सके.”

उन्होंने जनवरी 2025 में दिप्रिंट से कहा था, “कभी नहीं. मैं कभी सरकारी गवाह नहीं बनूंगा. मुझे बस एक अच्छा वकील चाहिए जो इस मामले को पलट दे.”

और आरोप लगाया था कि उन्हें “सरकारी गवाह बनने के लिए मजबूर किया जा रहा है” और “दोष स्वीकार करने के लिए दबाव डाला जा रहा है.”

उन्होंने यह भी कहा कि वह हर दिन जेल में संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि एक बार उन्हें अमेरिका की जेल में 20 दिनों से ज्यादा समय तक “पिंजरे” में बंद रखा गया था.

अमेरिकी आरोपपत्र में यह भी दावा किया गया कि गुप्ता अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स और हथियारों की तस्करी में शामिल थे और उन्हें भारत सरकार के एक कर्मचारी ने भर्ती किया था.

अमेरिकी अभियोजकों ने दावा किया कि इसके बाद गुप्ता ने इस काम को अंजाम देने के लिए लोगों की तलाश शुरू की और कथित रूप से एक ऐसे व्यक्ति से संपर्क किया जिसे वह “अपराधी सहयोगी” समझते थे, लेकिन वह असल में अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) के साथ काम करने वाला एक गोपनीय सूत्र था.

आरोपपत्र में कहा गया है कि इस व्यक्ति, जिसे “गोपनीय सूत्र (CS)” कहा गया, ने गुप्ता को एक “शूटर” से मिलवाया, लेकिन अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार वह असल में DEA का अंडरकवर अधिकारी था.

आरोपपत्र में कहा गया है कि गुप्ता ने टीम बनाने और इसकी जानकारी भारतीय अधिकारी को देने के बाद, शूटर को 1,00,000 डॉलर देने का सौदा तय किया गया.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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