नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग लड़कियों ने एक रिहायशी इमारत की नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी. आरोप है कि उनके माता-पिता ने उन्हें ऑनलाइन गेम खेलने से रोक दिया था.
शालीमार गार्डन के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस अतुल कुमार सिंह ने एक बयान में बताया कि 12, 14 और 16 साल की लड़कियों की बुधवार सुबह करीब 2 बजे गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में एक रिहायशी टावर से कूदने के बाद मौके पर ही मौत हो गई. उन्होंने बताया कि तीनों बहनों को लोनी के एक अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया था.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों ऑनलाइन गेम की आदी थीं और नियमित रूप से स्कूल नहीं जा रही थीं. हालांकि, गाजियाबाद पुलिस द्वारा अभी विस्तृत जांच की जानी बाकी है.
गाजियाबाद पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि डीसीपी निमिष पाटिल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर निरीक्षण के लिए पहुंचे थे और आगे की जांच जारी है.
यह घटना उस समय सामने आई है, जब कुछ महीने पहले ही सरकार ने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट, 2025 के जरिए ऑनलाइन गेम्स को सभी रूपों और स्वरूपों में प्रतिबंधित किया था.
संसद में बिल पेश करते समय केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि लगभग 45 करोड़ लोग ऑनलाइन मनी गेम्स से नकारात्मक रूप से प्रभावित हुए हैं और इसके कारण 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है.
यह एक डेवलपिंग होती खबर है.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
