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Saturday, 24 January, 2026
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पंजाब की गैंगवार विदेश से संचालित, अमेरिका में बैठे कई मोस्ट वांटेड

जहां मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विदेश से अपने गिरोह चला रहे हैं, वहीं पंजाब पुलिस ने राज्यभर में बड़े अभियान के तहत 3,200 से ज्यादा ज़मीनी गुर्गों को गिरफ्तार किया है.

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नई दिल्ली: पंजाब पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, विदेश से काम कर रहे और राज्य पुलिस के वांटेड अधिकांश गैंगस्टर अमेरिका में बैठे हैं. विदेश में सक्रिय 61 गैंगस्टरों में से 18 अमेरिका में छिपे हुए हैं. इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का नंबर आता है, जहां 9 वांटेड भगोड़े मौजूद हैं.

इन गैंगस्टरों में बड़ी संख्या उन गिरोहों से जुड़ी है जिन्हें लॉरेंस बिश्नोई और अर्जू बिश्नोई चलाते हैं, लकी पाटियाल के नेतृत्व वाला बंबीहा गैंग, गोपी घनश्यामपुरिया गैंग और पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंडा और लखबीर सिंह उर्फ लांडा का गिरोह.

विदेश में बैठकर आपराधिक सिंडिकेट चलाने वाले गैंगस्टर भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए लंबे समय से सिरदर्द बने हुए हैं, खासकर पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में. इन गैंगस्टरों के निर्देश पर कई हाई-प्रोफाइल हत्याएं की गई हैं. ये लोग अपराध से पहले और बाद में हथियार, पैसा और लॉजिस्टिक जैसी सभी ज़रूरी चीज़ें मुहैया कराने में भी मदद करते हैं.

पिछले कुछ वर्षों में पंजाब कई हत्याओं से दहल चुका है. इनमें मशहूर पंजाबी गायक शुभदीप सिंह, जिन्हें सिद्धू मूसेवाला के नाम से जाना जाता है, की हत्या शामिल है. इसके अलावा पंजाब और हरियाणा में पुलिस थानों और चौकियों जैसे सुरक्षा ठिकानों पर हमले हुए हैं, साथ ही मोहाली में पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस विंग के मुख्यालय पर भी हमला हुआ.

मई 2022 में मूसेवाला की हत्या में अमेरिका में बैठे सतविंदर सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ की भूमिका सामने आई थी. वहीं, उसी महीने पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस विंग के मुख्यालय पर हुए हमले के मास्टरमाइंड रिंडा और लांडा पाए गए थे.

हाल के महीनों में ब्राजील में बैठे गैंगस्टर प्रभदीप सिंह उर्फ प्रभ दासूवाल और यूके में बैठे बलविंदर सिंह डोनी उर्फ डोनी बाल ने अमृतसर में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के एक सरपंच और मोहाली में एक कबड्डी प्रमोटर की बेरहमी से की गई हत्याओं की जिम्मेदारी ली थी.

अमेरिका और यूएई के अलावा, फिलहाल छह गैंगस्टर कनाडा से काम कर रहे हैं. वहीं 15 गैंगस्टर यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और यूरोप में मौजूद हैं. तीन गैंगस्टर ऑस्ट्रेलिया से, दो थाईलैंड या मलेशिया से और एक-एक गैंगस्टर ग्रीस और इंडोनेशिया से ऑपरेट कर रहे हैं.

पंजाब पुलिस ने इन विदेश में बैठे गैंगस्टरों के ज़मीनी गुर्गों के खिलाफ ‘गैंग्स्ट्रां ते वार’ अभियान शुरू किया और तीन दिन के इस अभियान में 3,256 संदिग्धों को गिरफ्तार किया.

अभियान का पहला चरण ‘ऑपरेशन प्रहार’ कहलाया. इस दौरान 2,000 पुलिस टीमों ने, जिनमें 12,000 पुलिसकर्मी शामिल थे, पूरे पंजाब में 60 विदेश में बैठे गैंगस्टरों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की. यह जानकारी पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने इस हफ्ते की शुरुआत में दी.

विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने गुरुवार को बताया कि जांचकर्ताओं ने शुरुआत में 4,871 लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें से 3,256 को गिरफ्तार किया गया है.

मंगलवार को अभियान की शुरुआत करते हुए राज्य के पुलिस प्रमुख गौरव यादव ने कहा था कि पुलिस पहले ही 60 ऐसे गैंगस्टरों की पहचान कर चुकी है जो विदेश में बैठकर राज्य में आपराधिक गतिविधियां चला रहे हैं.

इन गैंगस्टरों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए, डीजीपी यादव ने बताया कि पंजाब पुलिस ने अपनी काउंटर-इंटेलिजेंस यूनिट में एक विशेष सेल बनाई है. इस यूनिट का नाम ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रडिशन सेल (OFTEC) है, जिसकी अगुवाई डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल रैंक का अधिकारी करेगा.

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब पुलिस 23 पहचाने गए गैंगस्टरों के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) पहले ही हासिल कर चुकी है.

उन्होंने कहा, “बाकी 37 विदेश में बैठे गैंगस्टरों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया अगले तीन महीनों में तय समयसीमा के भीतर पूरी कर ली जाएगी.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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