खटीमा (उत्तराखंड): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को खटीमा में आयोजित एक कार्यक्रम में ₹33 करोड़ 36 लाख 49 हजार की लागत वाली नौ विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई.
इन परियोजनाओं में जिला विकास प्राधिकरण द्वारा ₹11 करोड़ 27 लाख 50 हजार की लागत से निर्मित नया हाईटेक महाराणा प्रताप बस स्टेशन भी शामिल है.
मुख्यमंत्री ने नानकमत्ता स्थित बालाजी मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा की. नानकमत्ता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत खटीमा में लोहिया पुल के पास ब्रह्मदेव मंदिर का सौंदर्यीकरण और पुनर्निर्माण किया जाएगा. देवभूमि धर्मशाला में कमरों, हॉल और सौंदर्यीकरण के कार्य होंगे. वहीं सोनूखरी–किशनपुर–बरकीडांडी–कैथुला–टुकड़ी मार्ग को हॉटमिक्स सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने हाईटेक महाराणा प्रताप बस स्टेशन के साथ-साथ नगर पालिका वार्ड संख्या 7 और 8 में ₹48.45 लाख की लागत से बने पेयजल ट्यूबवेल, ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन कार्यों का उद्घाटन किया. इसके अलावा नानकमत्ता विधानसभा क्षेत्र में ₹490.21 लाख की लागत से बने राजस्व निरीक्षक और उपनिरीक्षक आवासीय भवन, ₹359.91 लाख की लागत से बने उपनिरीक्षक कार्यालय भवन और खटीमा में मझोला गांव की झील से पोलिगंज की ओर ₹225.62 लाख की लागत से बने नाले के निर्माण कार्य का भी लोकार्पण किया गया.
पूर्व में की गई घोषणा के अनुरूप खटीमा में ₹11 करोड़ की लागत से नवनिर्मित महाराणा प्रताप बस स्टेशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। महाराणा प्रताप जी का संपूर्ण जीवन शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का अनुपम प्रतीक है, जो सदैव हम सभी के लिए… pic.twitter.com/0Imh7gEwJr
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) January 14, 2026
उन्होंने खटीमा क्षेत्र में ₹499.65 लाख की लागत से 300 हैंडपंप लगाने, नए खटीमा बस टर्मिनल पर ₹29.65 लाख की लागत से महाराणा प्रताप गेट निर्माण, ₹24.50 लाख की लागत से हाईटेक शौचालय निर्माण और ₹95 लाख की लागत से थारू इंटर कॉलेज, खटीमा के पुनर्निर्माण कार्यों का शिलान्यास भी किया.
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति और घुघुतिया पर्व के शुभ अवसर पर ₹11 करोड़ से अधिक की लागत से बने हाईटेक बस स्टैंड का उद्घाटन पूरे क्षेत्र के लिए खुशी का विषय है. उन्होंने कहा कि इस बस स्टैंड के लिए उन्होंने स्वयं लगातार प्रयास किए थे, जो अब साकार हुए हैं. नया बस स्टेशन यातायात को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाएगा तथा व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य विकास और समृद्धि के नए मानक स्थापित कर रहा है. शहरों से लेकर दूरस्थ पर्वतीय गांवों तक सड़कों, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है.
खटीमा को अपना घर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा का हर नागरिक उनके परिवार का सदस्य है. उन्होंने यहीं से अपनी सार्वजनिक सेवा की शुरुआत की थी और क्षेत्र की हर गली और गांव उनके दिल के करीब है. खटीमा की मिट्टी और यहां के लोग उन्हें राज्य के विकास के लिए काम करने की ऊर्जा और प्रेरणा देते हैं.
उन्होंने कहा कि खटीमा के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है. गदरपुर–खटीमा बाईपास, नौसर में पुल और सड़कों के व्यापक नेटवर्क से कनेक्टिविटी को बेहतर किया गया है. खटीमा में केंद्रीय विद्यालय, चकरपुर में राष्ट्रीय स्तर का आधुनिक खेल स्टेडियम, आधुनिक आईटीआई, पॉलिटेक्निक कॉलेज और 100 बेड का नया अस्पताल परिसर स्थापित किया गया है. छात्रों के लिए साथी सेंटर और औद्योगिक विकास के लिए सिडकुल की स्थापना भी की गई है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक बनाया जाएगा, जिसका कार्य जल्द शुरू होगा. पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे का निर्माण कार्य भी शीघ्र शुरू होने वाला है. राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू की गई हैं और जनजातीय क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय की शुरुआत की गई है.
उन्होंने कहा कि जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना को फिर से शुरू किया गया है, जिससे तराई क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान होगा. इसके साथ ही एआईआईएमएस सैटेलाइट सेंटर और खुरपिया में औद्योगिक स्मार्ट सिटी स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि दंगा राजनीति पर अंकुश लगाने के लिए राज्य में सख्त दंगा रोधी कानून लागू किया गया है, जिसके तहत दंगों में हुई क्षति की भरपाई दंगाइयों से ही की जाएगी. सरकार ने मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का भी निर्णय लिया है. 1 जुलाई 2026 के बाद केवल वही मदरसे संचालित होंगे, जो सरकारी बोर्ड के पाठ्यक्रम का पालन करेंगे. अब तक 250 से अधिक अवैध मदरसों को बंद किया जा चुका है.
उन्होंने बताया कि “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत सनातन संस्कृति को बदनाम करने वाले ढोंगियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे पिछले साढ़े चार वर्षों में लगभग 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना, जिसने समान नागरिक संहिता लागू की. उन्होंने स्पष्ट किया कि देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, पहचान और सम्मान के खिलाफ किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट और पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा ने नए बस टर्मिनल के उद्घाटन पर लोगों को बधाई दी और कहा कि यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ड्रीम प्रोजेक्ट था. उन्होंने इसे महाराणा प्रताप के नाम पर रखने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया और कहा कि मुख्यमंत्री धामी के फैसलों और पहलों को अन्य राज्य भी अपना रहे हैं.
