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Saturday, 17 January, 2026
होमरिपोर्टमाघमेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा पहली प्राथमिकता, भीड़ प्रबंधन का रोडमैप तैयार

माघमेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा पहली प्राथमिकता, भीड़ प्रबंधन का रोडमैप तैयार

3 जनवरी से शुरू होने जा रहे माघ मेले को लेकर अनुमान है कि इस बार 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु त्रिवेणी संगम के तट पर आस्था की डुबकी लगाने पहुंचेंगे.

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प्रयागराज: संगम तट पर लगने जा रहे माघ मेले में इस वर्ष 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है. इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु प्रबंधन प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है. इसे ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़ी सभी एजेंसियों ने मिलकर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन का विस्तृत रोडमैप तैयार कर लिया है. अब इसे धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.

3 जनवरी से शुरू होने जा रहे माघ मेले को लेकर अनुमान है कि इस बार 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु त्रिवेणी संगम के तट पर आस्था की डुबकी लगाने पहुंचेंगे. श्रद्धालुओं की इस भारी भीड़ को देखते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने और प्रभावी भीड़ प्रबंधन के लिए उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और माघ मेला प्रशासन की सहयोगी एजेंसियों के बीच गहन विचार-विमर्श किया गया.

न्यू कैंट स्थित सदर के कोबरा ऑडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय सिंपोजियम और टेबलटॉप एक्सरसाइज मंगलवार को संपन्न हुई. इस दौरान मिले अनुभवों और निष्कर्षों के आधार पर अब वास्तविक स्तर पर तैयारियों को अमल में लाने की कवायद शुरू हो रही है.

उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) योगेंद्र डिमरी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है. इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि भीड़ प्रबंधन के लिए होल्डिंग एरिया और प्रमुख चौराहों की उपलब्धता पर विशेष नजर रखनी होगी. साथ ही भीड़ की गतिशीलता, संभावित जोखिम कारकों और सबसे कमजोर कड़ी की पहचान बेहद जरूरी है.

डिमरी ने कहा कि आमतौर पर हम अपनी क्षमताओं को तो जानते हैं, लेकिन सीमाओं और कमजोरियों को नजरअंदाज कर देते हैं. इन्हीं बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए अब मॉक ड्रिल और विभिन्न अभ्यास किए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके.

कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने बताया कि इन तैयारियों की मॉक ड्रिल और एक्सरसाइज 27 दिसंबर से शुरू की जाएगी. इसमें अग्निशमन व्यवस्था, जल सुरक्षा और अन्य आपात सेवाओं की तैयारियों को परखा जाएगा, ताकि माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

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