लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने बीते साढ़े आठ वर्षों में विकास को नई दिशा और गति दी है. कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सरकार का जोर नवाचार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता पर रहा है. इसी सोच के अनुरूप केंद्र सरकार की निधि योजना का प्रभाव प्रदेश में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है. विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप्स—खासतौर पर महिला नेतृत्व वाले उद्यमों—के लिए उत्तर प्रदेश में एक सकारात्मक और भरोसेमंद वातावरण तैयार हुआ है. योगी सरकार का लक्ष्य प्रदेश को केवल श्रम शक्ति का नहीं, बल्कि उद्यम शक्ति का केंद्र बनाना है.
वर्ष 2016 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा शुरू किए गए निधि कार्यक्रम का उद्देश्य शुरुआती चरण के विज्ञान एवं तकनीक आधारित स्टार्टअप्स को वित्तीय और संस्थागत सहायता देना है. इस योजना के तहत देशभर में अब तक 714 महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को सहायता दी जा चुकी है. वर्ष 2017-18 में 23, 2023-24 में 152, 2024-25 में 140 और 2025-26 में 84 महिला स्टार्टअप्स को समर्थन मिला है.
निधि कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर में महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को शुरुआती स्तर पर सहयोग दिया जा रहा है. इस राष्ट्रीय पहल में उत्तर प्रदेश ने भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है. प्रदेश में 25 महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को निधि योजना के तहत वित्तीय और तकनीकी सहायता मिली है. यह इस बात का संकेत है कि प्रदेश की महिलाएं अब केवल रोजगार तलाशने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. योगी सरकार की स्टार्टअप नीति और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं ने इस बदलाव को गति दी है.
उत्तर प्रदेश में निधि प्रौद्योगिकी व्यापार इनक्यूबेटर (टीबीआई) और समावेशी प्रौद्योगिकी व्यापार इनक्यूबेटर (आईटीबीआई) की स्थापना योगी सरकार के विकास मॉडल की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. प्रदेश में 7 टीबीआई और आईटीबीआई स्थापित किए गए हैं, जो महिला स्टार्टअप्स के लिए मार्गदर्शन के केंद्र बन रहे हैं. इन इनक्यूबेटरों के माध्यम से महिलाओं को तकनीकी सलाह, व्यवसायिक रणनीति, बौद्धिक संपदा अधिकार, कानूनी और नियामक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है. इसका परिणाम यह हुआ है कि छोटे शहरों और कस्बों की महिलाएं भी अब नवाचार आधारित उद्यम शुरू करने का साहस कर पा रही हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि विकास केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे. इसी सोच के तहत टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है. उत्तर प्रदेश के कई ऐसे जिले, जो पहले उद्यमिता के मानचित्र पर नहीं थे, अब धीरे-धीरे स्टार्टअप गतिविधियों के केंद्र बन रहे हैं. निधि योजना से जुड़े इनक्यूबेटर इन क्षेत्रों में स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है.
